Ganesh Chaturthi 2026 Kab Hai: 14 या 15 सितंबर, कब विराजेंगे गणपति बप्पा? जानें सही तारीख

Ganesh Chaturthi 2026: इस साल गणेश चतुर्थी कब मनाई जाएगी, इसकी तारीख को लेकर लोगों को दुवि‍धा हो रही है। यहां हम अपने लेख में सही तारीख तो बता ही रहे हैं, साथ ही बप्‍पा की स्‍थापना करने का तरीका भी बताएंगे।
Updated:- 2026-09-12, 09:21 IST
ganesh chaturthi 2026 kab hai

गणेश चतुर्थी का इंतजार बप्पा के भक्तों को पूरे साल रहता है। इस दिन लोग अपने घर में भगवान गणेश जी की मूर्ति लाकर उनकी स्थापना करते हैं और पूरे उत्साह के साथ गणेशोत्सव मनाते हैं। महाराष्ट्र में तो इस त्योहार का रंग खासतौर पर देखने को मिलता है, लेकिन अब देश के बाकी राज्‍यों में भी इस त्‍योहार को लोग धूमधाम से मनाते हैं। हालांक‍ि, इस साल गणेश चतुर्थी की तारीख को लेकर लोगों में थोड़ा कन्‍फ्यूजन है।

कई लोगों को लग रहा है क‍ि बप्‍पा को 14 सितंबर को घर लाया जाएगा, वहीं कुछ लोगों को लग रहा है क‍ि 15 सितंबर को गणेश चतुर्थी मनाई जाएगी? ऐसे में अगर आप भी इस साल घर में गणेश जी की स्थापना करने की तैयारी कर रही हैं और तारीख को लेकर परेशान हैं, तो यहां आपका कन्फ्यूजन दूर हो जाएगा। आइए जानते हैं-

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14 या 15 सितंबर, कब है गणेश चतुर्थी?

साल 2026 में गणेश चतुर्थी को लेकर 14 और 15 सितंबर के बीच कन्फ्यूजन इसलिए है क्योंकि चतुर्थी तिथि दोनों तारीखों को पड़ रही है। पंचांग के मुताबिक, भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि 14 सितंबर 2026 की सुबह 7:06 बजे शुरू होगी। यह तिथि 15 सितंबर की सुबह 7:44 बजे तक रहेगी। ऐसे में तारीख को लेकर सवाल होना स्वाभाविक है, लेकिन उदयातिथि के हिसाब से इस साल गणेश चतुर्थी 14 सितंबर 2026, सोमवार को ही मनाई जाएगी। यानी अगर आप गणपति बप्पा को घर लाकर स्थापना करने की तैयारी कर रही हैं, तो उस ह‍िसाब से 14 स‍ितंबर को ही गणेश चतुर्थी मनाई जाएगी।

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गणेश चतुर्थी 2026 की जरूरी तारीखें

  • गणेश चतुर्थी: 14 सितंबर 2026, सोमवार
  • चतुर्थी तिथि शुरू: 14 सितंबर, सुबह 7:06 बजे
  • चतुर्थी तिथि खत्म: 15 सितंबर, सुबह 7:44 बजे
  • गणपति स्थापना का शुभ समय: 14 सितंबर, सुबह 11:02 बजे से दोपहर 1:31 बजे तक
  • गणपति विसर्जन: 25 सितंबर 2026, शुक्रवार

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गणेश चतुर्थी पर घर में ऐसे करें बप्पा का स्वागत

ये तो हम सभी जानते हैं क‍ि गणपति बप्पा को घर लाने का मौका परिवार के लिए काफी खास होता है। पूजा की तैयारी भी हम सब पहले से ही करने लगते हैं, लेक‍िन आपको बता दें क‍ि इसके लिए बहुत ज्यादा सामान की जरूरत नहीं होती है। घर में एक साफ जगह पर चौकी रखें और उस पर लाल या पीला कपड़ा बिछा दें। इसके बाद गणेश जी की मूर्ति स्थापित करें। पूजा के दौरान रोली, चंदन, अक्षत, लाल कपड़ा और फूल चढ़ाए जाते हैं। साथ ही गणेश जी को दूर्वा भी अर्पित की जाती है। इसके अलावा मोदक या लड्डू का भोग लगाया जाता है। इतना करने के बाद धूप-दीप जलाकर आरती की जाती है।

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गणपति बप्‍पा को कितने मोदक चढ़ाए जाते हैं?

गणेश जी की पूजा में मोदक और लड्डू का भोग खास माना जाता है। ऐसे में आप उन्‍हें 21 मोदक या लड्डू का भोग लगा सकती हैं। इसके साथ ही फल भी चढ़ा सकती हैं। पूजा के दौरान बप्‍पा को 21 दूर्वा के जोड़े भी जरूर अर्पित करें।

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10 दिन तक चलेगा गणेशोत्सव

14 सितंबर को गणपति स्थापना के साथ गणेशोत्सव की शुरुआत हो जाएगी। यह उत्सव 10 दिनों तक चलेगा। इन 10 दिनों तक घरों और अलग-अलग जगहों पर गणपति बप्पा की पूजा की जाएगी। वहीं, यह उत्सव 25 सितंबर 2026, शुक्रवार को अनंत चतुर्दशी के साथ खत्म होगा और इसी दिन गणपति विसर्जन होगा।

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FAQ
गणेश विसर्जन की सही विधि?
विसर्जन वाले दिन बप्पा की आरती करें, भोग लगाएं और सम्मानपूर्वक मूर्ति को बहते पानी या घर में साफ पानी के टब में विसर्जित करें।
घर पर गणेश विसर्जन नियम?
घर पर विसर्जन करने के लिए एक बड़े टब में स्वच्छ जल भरें और बप्पा को विसर्जित करें। बाद में उस जल को पौधों में डाल दें।
गणेश जी को दूर्वा क्यों चढ़ाते हैं?
पौराणिक कथाओं के अनुसार, दूर्वा (दूब घास) चढ़ाने से गणेश जी के पेट की जलन शांत हुई थी, इसलिए उन्हें 21 दूर्वा अर्पित करना शुभ माना जाता है।
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