एक अनोखी परंपरा जहां मानसून से पहले धूमधाम से होती है मेंढक की शादी, दूल्हे-दुलहन की तरह सजाए जाते हैं जोड़े

भारत में आज भी कुछ जगहों पर ऐसी रीति-रिवाजों को लोग फॉलो कर रहे हैं, जो सुनने बिल्कुल अनोखे लग सकते हैं। इन्हीं में से एक मेंढक-मेंढकी की शादी। तो चलिए आज इस बारे में विस्तार से जानते हैं। 
Updated:- 2024-05-14, 19:53 IST
image

भारत कई धर्मों, जातियों, भाषाओं, संस्कृतियों, परंपराओं और रीति-रिवाजों के साथ कई अलग-अलग समुदाओं का एक मिश्रण देश है। तेजी से आधुनिक होती दुनिया में आज भी भारतीय समाज अपनी संस्कृति और परंपराओं को महत्व देता नजर आता है। यहां कई ऐसे रीति-रिवाज भी हैं, जो कि सुनने में आपको अनोखा लग सकता है। इन्हीं में से एक है मेंढक की शादी करवाने की प्रथा। दरअसल, कुछ राज्यों में ऐसा मानसून से पहले मेंढक जोड़े को दूल्हे-दुल्हन की तरह सजाकर उनकी शादी कराई जाती है। लेकिन, ऐसा क्यों किया जाता है चलिए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।  

किस राज्य में होती है मेंढक की शादी?

frog marriage interesting facts

पहले मेंढक-मेंढकी की शादी पारंपरिक रूप से असम में होती थी, लेकिन अब मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में भी पूरे रीति-रिवाज से ये प्रथा मनाई जाती है। खास बात यह है कि यहां, पारंपरिक हिंदू विवाह समारोह में मेंढकों की शादी कराई जाती है। 

मानसून से पहले क्यों रचाई जाती है मेंढक की शादी?

सुनने में अनोखी लगने वाली मेंढक की शादी भारत के कई राज्यों में  प्रदर्शित किए जाते हैं। दरअसल, लोक प्रथाओं के जानकारों का मानना है कि मेंढक-मेंढकी की शादी का मानसून से कनेक्शन होता है। क्योंकि मानसून के दौरान मेंढक बाहर निकलता है और टर्राकर मेंढकी को आकर्षित करता है। ऐसे में, मेंढक-मेंढकी की शादी एक प्रतीक के तौर पर कराई जाती है, ताकि उन दोनों के मिलन के लिए बारिश आ जाए। मान्यता यह भी है कि इससे बारिश के देवता प्रसन्न होते हैं और धरती पर बारिश होती है।

इसे भी पढ़ें- बेहद खास है भारतीय शादियों के रीति-रिवाज, जानें इन राज्यों में होने वाली रस्में

कब कराई जाती है मेंढक-मेंढकी की शादी?

unique frog marriage is organised to appease the rain

जब मानसून आने के बाद भी बारिश नहीं होती है और इस कृषि प्रधान देश भारत में सूखे का डर सताता है, तब जून से सितंबर के बीच मेंढक-मेंढकी की शादी रचाई जाती है। इससे पहले नर मेंढक का नाम वरुण यानी पानी का देवता रखा जाता है। वहीं, मादा मेंढक का नाम वर्षा यानी मानसून या बरसात के मौसम के नाम पर रखा जाता है। फिर, दोनों की शादी की जाती है। यह प्रथा भारतीय संस्कृति और परंपरा में इतनी रच-बस गई है कि यह देश भर के कई राज्यों में किया जाने लगा।

इसे भी पढ़ें- आइए जानते हैं भारत के 9 विचित्र रीति-रिवाजों के बारे में

 

इस आर्टिकल के बारे में अपनी राय भी आप हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। साथ ही,अगर आपको यह लेख अच्छा लगा हो तो इसे शेयर जरूर करें व इसी तरह के अन्य लेख पढ़ने के लिए जुड़ी रहें आपकी अपनी वेबसाइट हर जिन्दगी के साथ

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है! हमारे इस रीडर सर्वे को भरने के लिए थोड़ा समय जरूर निकालें। इससे हमें आपकी प्राथमिकताओं को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलेगी। यहां क्लिक करें

Image credit- Jagran

Disclaimer

हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।