लोकसभा की पहली महिला स्पीकर होने का सम्मान प्राप्त चुकी पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार को कांग्रेस ने 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए बिहार के सासाराम से उम्मीदवार बनाया है। अपने राजनीतिक कैरियर के दौरान पांच बार संसद की सदस्य रह चुकी मीरा कुमार भारत के राष्ट्रपति पद के लिए संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की उम्मीदवार भी रह चुकी हैं। 74 वर्षीय मीरा कुमार ने कांग्रेस नेतृत्व वाली सरकार में सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय में कैबिनेट मंत्री रह चुकी हैं। विनम्र मुस्कान और मीठी आवाज की धनी मीरा कुमार को भारतीय विदेश सेवाओं के साथ काम करने का अनुभव भी प्राप्त है और उन्‍होंने स्पेन, मॉरीशस और ब्रिटेन सहित विदेशी दूतावासों के उच्चायुक्त के रूप में साथ काम किया है। आइए जानें उनके जीवन के बारे में कुछ रोचक तथ्‍य।

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प्रारंभिक जीवन और शिक्षा:

मीरा कुमार का जन्म बिहार के सासाराम में 31 मार्च, 1945 को बाबू जगजीवन राम और इन्द्राणी देवी के यहां हुआ था। उनकी प्रारंभिक शिक्षा दिल्ली के महारानी गायत्री देवी स्कूल में हुई। उन्‍होंने दिल्ली के आईपी और मिरांडा कॉलेज से अपनी ग्रेजुएशन और पीजी लेवल की पढ़ाई की। मीरा कुमार ने मगध विश्वविद्यालय से एमए और दिल्ली विश्वविद्यालय से एलएलबी तक शिक्षा प्राप्‍त की हैं। साल 1973 में वह भारतीय विदेश सेवा के लिए चुनी गई थीं और कुछ सालों तक स्पेन, ब्रिटेन और मॉरीशस में उच्चायुक्त रहीं थीं। 1984 में, मीरा कुमार ने भारतीय प्रशासनिक सेवा से अपना त्यागपत्र दे दिया।

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राजनीतिक परिवार से हैं गहरा रिश्ता:

मीरा कुमार भारत के प्रख्यात दलित नेता बाबू जगजीवन राम की पुत्री हैं। बाबू जगजीवन राम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े हुए थें। वह भारत के उप-प्रधानमंत्री थें। मीरा कुमार की मां भी भारतीय स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ी हुई थीं। लॉ की पढ़ाई के दौरान उनकी मुलाकात मंजुल कुमार से हुई। मंजुल बिहार के राजनीतिक परिवार से ताल्‍लुक रखते हैं। उनकी मां सुमित्रा देवी कांग्रेस की नेता और बिहार कैबिनेट की प्रथम महिला मंत्री थीं। मीरा और मंजुल ने 29 नवंबर 1968 को शादी की। ये एक अंतरजातीय विवाह था। मीरा और मंजुल की तीन संतान हैं, एक बेटा जिनका नाम अंशुल हैं और दो बेटियां जिनका नाम स्‍‍वाति और देवांगना हैं।

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राजनीतिक जीवन की शुरूआत और सफर:

अपने पिता बाबू जगजीवन राम की मृत्यु के बाद उन्होंने अपनी नौकरी छोड़ दी और कांग्रेस में शामिल हो गयी। राजनीति में मीरा प्रवेश अस्सी के दशक में हुआ था और 1984 के आम चुनाव में वह यूपी के बिजनौर लोक सभा क्षेत्र से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की उम्मीदवार बनीं। और पहली बार लोकसभा सदस्य बनीं। 1989 में मीरा कुमार ने पिता की सीट सासाराम पर चुनाव लड़ा लेकिन हार का सामना करना पड़ा। फिर अगले दो चुनाव 1996 और 1998 दिल्ली की करोल बाग सीट से लड़ीं और जीतीं। 2004 में बिहार के सासाराम चुनाव क्षेत्र से लोकसभा सदस्य बनीं। साल 2004 से 2009 तक वह कांग्रेसनीत गठबंधन सरकार में सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रीं रहीं। 2009 में वह भारत की प्रथम महिला लोकसभा स्पीकर बनीं और इस पद पर वे 2014 तक बनी रहीं। 2017 में कांग्रेस ने मीरा कुमार को राष्ट्रपति चुनाव के लिए अपना उम्मीदवार घोषित किया था।

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इन क्षेत्रों में किया काम:

भारतीय इतिहास में विशेष रुचि रखने वाली मीरा कुमार को कला और साहित्य से भी विशेष लगाव है। हस्तशिल्प प्रेमी होने के अलावा मीरा कुमार एक अच्छी कवियित्री भी हैं। मीरा कुमार को कविताएं लिखना और पढ़ना पसंद हैं। उनकी लिखी कई कविताएं प्रकाशित भी हुई हैं। मीरा कुमार एक कुशल खिलाड़ी रही हैं। घुड़सवारी और निशानेबाजी की प्रतिस्पर्धाओं में उन्होंने कई पदक जीते हैं।

क्‍या है पसंद:

अक्सर साड़ी में नजर आने वाली मीरा कुमार को हैंडिक्राफ्ट और टैक्सटाइल पसंद है। उनकी फेवरिट बुक कालिदास की अभिज्ञान शाकुंतलम है। वह पिस्टल शूटिंग और हॉर्स राइडिंग का भी शौक रखती है।

भाषा का ज्ञान:

उन्हें स्पैनिश भाषा का अच्छा ज्ञान है और वह काफी सहजता से स्पैनिश बोल सकती हैं। वह अंग्रेजी, स्‍‍पेनिश, हिंदी, संस्कृत, भोजपुरी भाषाओ में भी निपुण हैं।

Photo courtesy- (The Economic Times, The Wire, The Indian Express, IndiaWest - INDIA, Raj Express & The Indian Wire)