Sun Sep 27, 2026 | Updated 02:34 PM IST

ए ललना हिंद के सितारा... सोशल मीडिया में खूब पॉपुलर हो रहा है पंचायत-3 का यह सोहर, जानें मायने

इन दिनों सोशल मीडिया पर पंचायत 3 का एक गाना ललना हिंद के सितारा खूब वायरल हो रहा है। दरअसल यह मनोज तिवारी द्वारा गाया हुआ सोहर गीत है, चलिए जानते हैं इसके बारे में।  
Updated:- 2024-06-07, 17:09 IST
image

अमेजॉन प्राइम पर मशहूर वेब सीरीज पंचायत 3 रिलीज हो गया है। सीरीज के रिलीज होने के बाद सोशल मीडिया पर सीरीज के डायलॉग और एक गाना बहुत वायरल हो रहा है। दरअसल सीरीज में एक सोहर गीत गाया गया है, जिसपर इन दिनों सोशल मीडिया में खूब मीम और वीडियो बन रहे हैं। बता दें कि इस गीत का वर्जन पहले ही उत्तर प्रदेश और बिहार में सोहर गीत गाए जाने वाली महिलाओं और सिंगर के द्वारा गाया जा चुका है। अब पंचायत 3 में मनोज तिवारी की आवाज में एक बार फिर इस सोहर गीत को गाया गया है। 

इस सोहर गीत को हर कोई पसंद कर रहा है, भले ही उसे भोजपुरी आए या न आए, लोग इस गीत के बोल को खूब पसंद कर रहे हैं। इस गीत का बोल कुछ इस तरह से है।  अइसन मनोहर मंगल मूरत, सुहावनि सुंदर सूरति हो, हे राजाजी, हे राजा जी…। एकरे त रहल ह जरूरत, मुहूरत खूबसूरत हो, हमरा जनाता बबुआ जीयम होइहे, नानाना, इस ललना डीएम होइंहे हो, ए ललना हिंद के सितारा इ त सीएम होइहें ओसे ऊपरा पीएम होइहें हो…” संगीत जगत के मधुर आवाज और म्यूजिक से कहीं ज्यादा ऊपर है यह सोहर गीत, जिसे बहुत ही भाव और प्रेम से बच्चे के जन्म के उपरांत गाया गया है।

मां की ममता की धुन है सोहर गीत

sohar geet

हिंद के सितारा गाना भोजपुरी में गाए गए सोहर की धुन पर बना है, जिसे मनोज तिवारी ने अपना अवाज दिया है। यह गीत अकसर बच्चों के जन्म पर गाया जाता है और इसमें मां की ममता का स्वर होता है। नवजात बच्चे के रिश्तेदार और आस पास की महिलाएं नवजात के स्वागत और उसके मंगल भविष्य की कामना करते हुए सोहर गीत गाती हैं। इसके अलावा महिलाएं बच्चे के मां-बाप, दादा-दादी, बुआ और ननिहाल वालों को बधाइयां देते हैं। समवेत स्वर में गाए जाने वाली सोहर गीत में संगीत, प्रेम और ममता को दर्शाने का रूप है। ढोलक के साथ महिलाएं अपने सुर में तालियों की खनक के साथ इस सोहर गीत को गाती हैं।

इसे भी पढ़ें: सोलह संस्कार कौन से हैं? जानें इसके महत्व

राम जन्म से जुड़ी है सोहर गाने की परंपरा

सोहर गीत गाने की परंपरा सदियों से है। सोहर गीत की परंपरा कहीं न कहीं सभी हिंदी भाषी राज्यों में अपनी-अपनी बोली के अनुसार गाई जाती है। मंगल गीतों की बात रामचरित मानस में भी उल्लेख किया गया है। भगवान राम के जन्म के दौरान अयोध्या वासियों ने भी भगवान के जन्म की खुशी में सोहर गीत गाया था। महिलाएं नवजात बच्चे के जन्म की खुशी में उसे आशीष देने के लिए जो गीत गाते हैं, उसे ही सोहर कहा जाता है। 

इसे भी पढ़ें: शादी में हो रही है देरी तो हल्दी के ये टोटके आएंगे काम

 

अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी हो तो इसे फेसबुक पर शेयर और लाइक जरूर करें। इसी तरह के और भी आर्टिकल पढ़ने के लिए जुड़े रहें हर जिंदगी से। अपने विचार हमें आर्टिकल के ऊपर कमेंट बॉक्स में जरूर भेजें।

Image Credit: TVF Youtube

 

 

Disclaimer

हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।