स्कूल ऑफ एमिनेंस: सरकारी शिक्षा में नई क्रांति

पंजाब में शिक्षा को लेकर वर्षों से चली आ रही चुनौतियों के बीच ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ एक नई उम्मीद बनकर उभरे हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की पहल पर शुरू की गई यह योजना केवल इमारतों या सुविधाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शिक्षा की सोच और दिशा को बदलने का प्रयास है। 
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Updated:- 2026-03-11, 12:59 IST
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पंजाब में शिक्षा को लेकर वर्षों से चली आ रही चुनौतियों के बीच ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ एक नई उम्मीद बनकर उभरे हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की पहल पर शुरू की गई यह योजना केवल इमारतों या सुविधाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शिक्षा की सोच और दिशा को बदलने का प्रयास है। आज राज्य के 23 जिलों में 118 स्कूल ऑफ एमिनेंस सक्रिय हैं, जो सरकारी शिक्षा को नई उड़ान दे रहे हैं।

इन स्कूलों का सबसे बड़ा संदेश हैसमान अवसर। यहां सामाजिक और आर्थिक पृष्ठभूमि का कोई भेद नहीं है। एक ही कक्षा में हर वर्ग का बच्चा पढ़ता है, जिससे बचपन से ही समानता और भाईचारे की भावना विकसित होती है। आधुनिक बुनियादी ढांचा, स्मार्ट क्लासरूम, अच्छी लाइब्रेरी और प्रयोगशालाएं बच्चों को बेहतर सीखने का माहौल प्रदान करती हैं।

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स्कूल ऑफ एमिनेंस में पढ़ाई का उद्देश्य केवल परीक्षा पास कराना नहीं है, बल्कि छात्रों को जीवन के लिए तैयार करना है। यहां रचनात्मकता, आलोचनात्मक सोच और आत्मविश्वास पर विशेष ध्यान दिया जाता है। मुफ्त बस सेवा जैसी सुविधाएं उन बच्चों के लिए वरदान साबित हो रही हैं, जो दूरदराज के इलाकों से पढ़ने आते हैं।

इन प्रयासों के सकारात्मक परिणाम अब साफ नजर आने लगे हैं। नीट, जेईई मेन्स और जेईई एडवांस्ड जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में सरकारी स्कूलों के छात्रों की सफलता ने पुरानी धारणाओं को तोड़ दिया है। राष्ट्रीय मूल्यांकन सर्वेक्षण में केरल को पीछे छोड़कर शीर्ष स्थान हासिल करना इस बदलाव का प्रमाण है। शिक्षकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण देकर सरकार ने गुणवत्ता को और मजबूत किया है। स्कूल ऑफ एमिनेंस ने पंजाब को शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने की मजबूत नींव रख दी है।

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शिक्षकों को मिला अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण

शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए सरकार ने केवल बुनियादी ढांचे पर ही नहीं, बल्कि शिक्षकों पर भी निवेश किया है। शिक्षकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग दी गई है, ताकि वे बच्चों को आधुनिक तरीके से पढ़ा सकें।  

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भविष्य की मजबूत नींव

स्कूल ऑफ एमिनेंस' ने यह साबित कर दिया है कि अगर नीयत साफ हो और प्रयास सही दिशा में हों, तो सरकारी संस्थानों को भी विश्वस्तरीय बनाया जा सकता है। पंजाब अब शिक्षा के क्षेत्र में देश का मार्गदर्शक बन रहा है। ये स्कूल न केवल बच्चों को शिक्षित कर रहे हैं, बल्कि उन्हें एक बेहतर इंसान और जिम्मेदार नागरिक बना रहे हैं। 

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Image Credit : FREEPIK/herzindagi

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