Sat Sep 12, 2026 | Updated 04:17 AM IST

दूसरी महिलाओं से बात करने पर मेरा insecure होना पति को नहीं था पसंद, जानें कैसे बदली मैंने अपनी सोच?

गरिमा और प्रांकुर की शादी के शुरुआती दौर में गरिमा को पति के अन्य महिलाओं से बात करने पर असुरक्षा महसूस होती थी। इससे उनके रिश्ते में कड़वाहट आ गई। गरिमा ने अपनी सोच बदली, पुरानी हॉबीज फिर से शुरू कीं और पति से शांति से बात की। 
Updated:- 2026-03-24, 14:09 IST
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शादी के शुरुआती महीनों में गरिमा और प्रांकुर का रिश्ता उस दौर से गुजरा, जिससे आज कई कपल्स जूझ रहे हैं। गरिमा की कहानी उन महिलाओं के लिए एक मिसाल है जो प्यार में असुरक्षा (Insecurity) की भावना के कारण अपना मानसिक सुकून और रिश्ता दोनों खो रही थीं। ऐसे में इनकी पूरी स्टोरी के बारे में जानना जरूरी है। आज का हमारा लेख इसी विषय पर है। आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि गरिमा ने कैसे अपने इस डर को ओवरकम किया। इसके लिए हमने कोच और हीलर, लाइफ अल्केमिस्ट, साइकोथेरेपिस्ट डॉ. चांदनी तुगनैत (Dr. Chandni Tugnait) से भी बात की है। जानते हैं इस लेख के माध्यम से...

इनसिक्योर से आत्मविश्वास तक का सफर

गरिमा और प्रांकुर की हाल ही में शादी हुई थी। शादी से पहले भी जब प्रांकुर दूसरी लड़कियों या अपनी फीमेल फ्रेंड्स से बातें करता था, तो गरिमा को बुरा लगता था, लेकिन तब वह इसे नजरअंदाज कर देती थी। उसे लगता था कि शादी के बाद सब बदल जाएगा, लेकिन शादी के बाद भी जब प्रांकुर का बिहेवियर नहीं बदला, तो गरिमा का धैर्य जवाब देने लगा।

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वहीं, हाल ही में प्रांकुर का छोटा सा एक्सीडेंट हुआ, जिसके कारण उसे रेस्ट के लिए बोला गया। ऐसे में वह बोर होकर अपनी फीमेल दोस्तों को फोन लगा लेता। ये बात भी गरिमा को कभी पसंद नहीं आई कि जब मैं साथ हूं तो किसी और कि क्या जरूरत?

वह हर छोटी बात पर लड़ने लगी, प्रांकुर का फोन चेक करती और उनके दोस्तों के बारे में तीखे सवाल पूछती। ऐसे में प्रांकुर का हमेशा यही तर्क होता था कि "वे सिर्फ मेरी दोस्त हैं और मैं उनसे बात करना बंद नहीं कर सकता।" गरिमा के इन रिएक्शंस ने प्रांकुर की नजर में उनकी छवि एक 'झगड़ालू' पत्नी की बना दी थी। जब रिश्ते में काफी कड़वाहट बढ़ने लगी, तब गरिमा को एहसास हुआ कि अगर वह नहीं बदलीं, तो उनका घर टूट सकता है।

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खुद को कैसे बदला?

  • गरिमा ने सबसे पहले यह माना कि समस्या प्रांकुर की बातों में नहीं, बल्कि उनके मन के डर में है।
  • उन्होंने अपनी पुरानी हॉबीज को फिर से शुरू किया। जब वह खुद के कामों में बिजी रहने लगीं, तो उनका ध्यान हर वक्त पति पर टिके रहने से हट गया।

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  • गरिमा ने चिल्लाने के बजाय प्रांकुर से प्यार से कहा, "मुझे अच्छा नहीं लगता जब तुम घंटों फोन बातें करते हो, लेकिन तुम पर मैं पाबंदी नहीं लगा सकती।" इन बातों से प्रांकुर को समझ आया कि फैमिली टाइम किसी और को देना सही नहीं है।
  • गरिमा ने प्रांकुर की फीमेल दोस्तों से मिलना शुरू किया। जब वह उनसे मिलीं, तो उन्हें एहसास हुआ कि वे वाकई सिर्फ अच्छे दोस्त हैं, कुछ और नहीं।
  • उन्होंने खुद को समझाया कि रिश्ता भरोसे पर टिका होता है, कंट्रोल करने पर नहीं।

Insecure क्यों महसूस करती थीं?

एक्सपर्ट के मुताबिक, जब किसी महिला को लगता है कि दूसरी महिलाएं उनसे ज्यादा सुंदर या बातूनी हैं तो ऐसी स्थिति पैदा हो सकती है। शायद अतीत में किसी धोखे या अकेलेपन के एक्सपीरियंस ने उनके मन में खोने का डर को जिंदा रखा। शादी के बाद महिलाओं को लगता है कि पति की पूरी दुनिया सिर्फ उनके इर्द-गिर्द होनी चाहिए, जो व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है। ऐसे में अगर कुछ नकारात्मक महसूस हो रहा है तो सीधे और प्यार से पति से बात करना सही है।

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Images: Freepik/shutterstock

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