मेरी हर बात काटी जाती है... जब ससुराल में आपकी राय को दी जाए कम अहमियत तो बिना झगड़े ऐसे दिलाएं अपनी अहमियत का एहसास

ससुराल में अपनी जगह बनाना किसी भी बहू के लिए आसान नहीं होता, खासकर तब जब शादी 'लव मैरिज' हो और परिवार वाले पूरी तरह से राजी न हों। जब आपकी बातों को काटा जाता है या पति भी आपकी सलाह को अनसुना कर देते हैं, तो मन में उदासी और अकेलापन आना आम बात है, लेकिन बिना झगड़े के अपनी अहमियत समझाना एक आर्ट है, जिसे धैर्य और समझदारी से सीखा जा सकता है। ये सिखाया गाजियाबाद की रहने वाली युतिका तिवारी ने। उनके साथ भी यही हुआ। उनकी बात को अनसुना किया जाता था। फिर उन्होंने अपनी सूझ-बूझ से आगे बढ़कर अपनी बात रखी और सबने सुनी भी। ऐसे में इसके पीछे छिपी सोच के बारे में पता होना चाहिए। आज का हमारा लेख इसी विषय पर है। आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि जब ससुराल वाले बातें इग्नोर करें तो क्या करें। इसके लिए हमने कोच और हीलर, लाइफ अल्केमिस्ट, साइकोथेरेपिस्ट डॉ. चांदनी तुगनैत (Dr. Chandni Tugnait) से भी बात की है। पढ़ते हैं आगे...
झगड़ा करने के बजाय रिजल्ट दिखाएं
अक्सर जब हमारी बात काटी जाती है, तो हम बहस करने लगते हैं। इससे आपकी छवि जिद्दी बनने लगती है। इसके बजाय, शांत रहें और अपनी बात को सही साबित करने के लिए उदाहरण सबके सामने रखें। जैसे - अगर आपकी कोई सलाह नहीं मानी गई और बाद में उसके कारण कोई समस्या हुई, तो ताने न मारें बल्कि कहें, पिछली बार शायद हम इस पहलू पर गौर करना भूल गए थे, अगली बार हमें इस पर ध्यान देने की जरूरत है।
छोटे फैसलों में अपनी राय दें
घर के छोटे फैसलों में अपनी राय देना शुरू करें और उन्हें सफलतापूर्वक पूरा करके भी दिखाएं। जब लोगों को आपके काम के रिजल्ट दिखने लग जाएंगे, तो वे आपकी सलाह को गंभीरता से लेना शुरू कर देंगे।
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अपनी बात अलग तरीके से रखें
- ससुराल में अपनी बात रखने के लिए 'क्या कह रहे हैं' से ज्यादा जरूरी है कि 'कैसे कह रहे हैं'। अपनी बात को "मेरा फैसला यह है" कहने की जगह "मेरा एक छोटा सा सुझाव है, अगर आप सही समझें तो..." कहकर सबके सामने रखें। इससे सामने वाले का ईगो आहत नहीं होता।
पति से अकेले में बात करें
- अगर पति सबके सामने आपकी बात नहीं सुनते, तो उनसे अकेले में बात करें। उन्हें बताएं कि आपको बुरा लगता है जब वे आपकी राय को अहमियत नहीं देते। उन्हें अपना दुश्मन नहीं बल्कि पार्टनर बनाएं।
अन्य तरीके
- अपनी दुनिया को सिर्फ ससुराल की बातों तक सीमित न रखें। जब आप खुद को अपडेट और बिजी रखती हैं, तो आपकी बातों में गहराई आती है।
- प्यार और विश्वास रातों-रात नहीं बनता। अपनी अच्छाई और स्मार्टनेस को लगातार व्यवहार में लाएं। एक समय ऐसा आएगा जब परिवार को एहसास होगा कि आपके बिना उनके फैसले अधूरे हैं।
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