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छत्तीसगढ़ी शादी में क्या है चुलमाटी और देवतेला की रस्म, जानें

छत्तीसगढ़ में शादियों के कई अलग अलग रस्म होते हैं, लड़की शादी देव पूजा से शुरू होकर बिदाई के साथ संपन्न होती है, तो वहीं लड़के की शादी कंकण और परक्षन के साथ।  
Updated:- 2023-11-10, 14:42 IST
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सभी राज्यों में शादी ब्याह के अलग-अलग रस्में और रीति रिवाज होते हैं। धर्म, जाति और राज्य बदलते ही शादी ब्याह के सबी रस्म बदल जाते हैं। शादी ब्याह के अपने अलग अलग संस्कृति होती है, जो उनके द्वारा निभाई जाती है। शादी की शुरुआत कई तरह के पूजा-पाठ से शुरू होकर विदाई और दूसरे पूजा के साथ संपन्न होती है। आज के इस लेख में हम आपको एक छत्तीसगढ़ी शादी के रस्म के बारे में बताएंगे। शादी के इस रस्म में देवी देवताओं को हल्दी चढ़ती है और यह शादी के पहले रस्म की तरह है। इस रस्म के बाद से घर में शादी शुरू होती है। बहुत से लोगों को इस रस्म के बारे में नहीं पता, इसलिए आज हम आपको इसके बारे में बताएंगे।

क्या है चुलमाटी का रस्म

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चुलमाटी शादी का पहला रस्म है। इस रस्म के बाद छत्तीसगढ़ी शादी की शुरुआत होती है। बता दें इस रस्म में दुल्हन या दूल्हे को छोड़कर सभी कोई पूजा के सामान और हल्दी लेकर गांव शहर में एक जगह बाजे-गाजे के साथ जाते हैं। इस जगह को चुलमाटी वाले स्थान के नाम से जाना जाता है। इस जगह से दुल्हन या दूल्हे ( दुल्हन या दूल्हे के लिए गिफ्ट) के फूफा जी दुल्हन या दूल्हे की मां, बड़ी मां चाची और दीदी समेत दूसरी महिलाओं को मिट्टी निकाल के देते हैं। साथ ही सभी महिलाएं अपने अपने ओली में धान भी लेते हैं। फिर इस धान को नाई की पत्नी को दान में दिया जाता है और मिट्टी को घर लेजाकर इसका उपयोग मंडप बनाने के लिए किया जाता है। मंडप बनाने के बाद वहां दुल्हन या दूल्हे को हल्दी लगती है। 

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क्या है देवतेला की रस्म

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देवतेला के रस्म में गांव या शहर के सभी देवी-देवताओं को हल्दी चढ़ती है। इसके लिए बांस के पर्रा या परात में पूजा का सामान नारियल और हल्दी पीसकर ले जाया जाता है। फिर घर की सभी महिलाएं गांव के सभी देवी देवता के पूजन करते हैं और देवी देवता को हल्दी चढ़ाई जाती है। सभी देवी देवता को हल्दी चढ़ाने के बाद घर आते हैं और मंडप में दुल्हन या दूल्हे को बिठाकर हल्दी लगाने की रस्म शुरू करते हैं। सबसे पहले पंडित जी हल्दी मंडप के पास देवी-देवता और  मण्डप को हल्दी लगाते हैं। फिर दुल्हन या दूल्हे को हल्दी लगाते हैं। पंडित जी के बाद घर की सभी बड़ी औरतें दुल्हन या दूल्हे हल्दी लगाने की रस्म शुरू करते हैं। 

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Image Credit: Freepik  

 

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