Sun Oct 4, 2026 | Updated 04:41 PM IST

Indira Ekadashi 2026 Date: 5 या 6 अक्टूबर? जानिए इंदिरा एकादशी की सही तारीख

इंदिरा एकादशी 2026 का व्रत 6 अक्टूबर, मंगलवार को रखा जाएगा। यह व्रत पितृ पक्ष में पड़ता है और पितरों को मोक्ष दिलाने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
Updated:- 2026-10-04, 15:10 IST
Indira Ekadashi 2026 Date And Time

Indira Ekadashi 2026 Kab Hai: हिन्दू पंचांग के अनुसार, आश्विन मास के कृष्ण पक्ष में आने वाली एकादशी को इंदिरा एकादशी कहा जाता है। यह व्रत पितृ पक्ष के दौरान पड़ता है, इसलिए इसका धार्मिक महत्व और भी अधिक बढ़ जाता है। हर साल व्रत की तारीख को लेकर लोगों के मन में संशय रहता है कि व्रत 5 अक्टूबर को रखा जाएगा या 6 अक्टूबर को। अगर आप भी इंदिरा एकादशी 2026 की तिथि को लेकर कंफ्यूज हैं, तो आज के इस लेख में हम आपको इसकी सही तिथि के बारे में बताने जा रहे हैं।

इंदिरा एकादशी 2026 की सही तारीख क्या है?

साल 2026 में इंदिरा एकादशी का व्रत 6 अक्टूबर, मंगलवार के दिन रखा जाएगा। कई बार तिथियों के घटने-बढ़ने के कारण लोगों को तारीख को लेकर उलझन होती है। इस बार एकादशी तिथि 6 अक्टूबर को सूर्योदय के समय मौजूद रहेगी, इसलिए इसी दिन व्रत रखना शास्त्र सम्मत और सही माना गया है।

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इंदिरा एकादशी 2026- मुख्य तिथियां और मुहूर्त

  • एकादशी तिथि प्रारंभ- 6 अक्टूबर 2026 को सुबह 02:07 बजे
  • एकादशी तिथि समाप्त- 7 अक्टूबर 2026 को सुबह 12:34 बजे
  • व्रत पारण का समय- 7 अक्टूबर 2026 (बुधवार) को सुबह 06:16 बजे से सुबह 08:39 बजे के बीच

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व्रत का पारण और शुभ समय

किसी भी व्रत का पूरा फल उसे सही समय पर तोड़ने यानी पारण करने से ही मिलता है। इंदिरा एकादशी व्रत का पारण अगले दिन यानी 7 अक्टूबर 2026 को किया जाएगा। पारण का समय सुबह सूर्योदय के बाद का होता है। इस दिन सुबह सात्विक भोजन या प्रसाद ग्रहण करके व्रत का समापन किया जाता है। 

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इंदिरा एकादशी का महत्व और पितृ मुक्ति

इंदिरा एकादशी का व्रत मुख्य रूप से भगवान विष्णु को समर्पित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो व्यक्ति पितृ पक्ष में इंदिरा एकादशी का व्रत रखता है, उसे भगवान विष्णु की कृपा से मोक्ष की प्राप्ति होती है। ऐसा विश्वास है कि इस व्रत के पुण्य प्रभाव से भटक रहे पितरों को शांति मिलती है और उन्हें यमराज की यातनाओं से मुक्ति मिलती है। अपने परिवार के पूर्वजों के उद्धार और सुख-शांति के लिए यह व्रत अत्यंत कल्याणकारी माना गया है।

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व्रतियों अपने स्थानीय पंचांग के अनुसार सही समय देखकर ही पारण करें। इससे जुड़े नियमों के लिए पंडित जी की सलाह जरूर लें। अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।

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FAQ
पितृ पक्ष में पड़ने वाली इंदिरा एकादशी का क्या विशेष महत्व है?  
मान्यता है कि इस एकादशी का व्रत कर पुण्य फल पितरों को अर्पित करने से उन्हें मोक्ष मिलता है और नरक की यातनाओं से मुक्ति मिलती है।
इंदिरा एकादशी के दिन किस देवता की पूजा की जाती है?  
इस दिन भगवान विष्णु के 'शालिग्राम' स्वरूप और भगवान श्री हरि विष्णु की विधिवत पूजा की जाती है।  
क्या इंदिरा एकादशी के दिन पितरों का श्राद्ध और तर्पण किया जा सकता है?  
हां, इस दिन एकादशी तिथि का श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान करने से पितर परम प्रसन्न होते हैं।
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