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उत्तर में पुर तो दक्षिण में पुरम् क्यों लगता है? जानें साउथ इंडिया के राज्यों के नाम की कहानी

उत्तर भारत के शहरों के अंत में पुर और दक्षिण में तिरुवनंतपुरम क्यों? क्या आपने कभी सोचा है कि शहरों के नाम के पीछे पुर और पुरम् का अंतर क्यों है? जानिए भारत के भाषाई इतिहास और दक्षिण भारतीय राज्यों के नामों के पीछे छिपी यह दिलचस्प कहानी।
Updated:- 2026-02-27, 17:29 IST
origin of Indian place names

Meaning Of Pur vs Puram In City Names: देश की विविधता न केवल खान-पान या पहनावे में ही नहीं, बल्कि शहरों और गांवों के नामों में भी झलकती है। हाईवे या सड़क के किनारे लगे बोर्ड या फिर में जब जगहों के नाम पढ़ते हैं, तो अगर आपने गौर किया हो, तो उत्तर भारत के शहरों के अंत में अक्सर पुर, जबकि दक्षिण भारत में शहर या राज्य के नाम के पीछे पुरम् लगा होता है। क्या आपने कभी सोचा है कि ऐसा क्यों है? अगर नहीं, तो आज के इस लेख में हम आपको इसके पीछे के कारण के बारे में बताने जा रहे हैं।

उत्तर भारत के शहर या राज्यों के पीछे पुर क्यों लगा होता है?

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ऋग्वेद जैसे प्राचीन ग्रंथों में भी इसका उल्लेख मिलता है। उत्तर भारत में, जहां हिंदी और अन्य इंडो-आर्यन भाषाएं बोली जाती हैं, वहां संस्कृत के पुर शब्द का सीधा प्रयोग किया गया। यही कारण है कि हमें जयपुर जय सिंह का नगर, कानपुर कन्हैयापुर और रायपुर जैसे नाम मिलते हैं।

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साउथ इंडिया के स्टेट के नाम के आखिर में पुरम् क्यों लगा होता है?

meaning of Pur in Hindi place names

साउथ इंडिया के स्टेट के नाम के पीछे लगा पुरम् या पुर शब्द संस्कृत का है, जिसका अर्थ होता है नगर, शहर या किला होता है। दक्षिण भारत की भाषाएं जैसे तमिल, मलयालम, तेलुगु और कन्नड़ द्रविड़ परिवार से आती हैं। संस्कृत के प्रभाव और व्याकरण के कारण दक्षिण में शब्दों के अंत में म् लगाने की परंपरा रही है, जिससे पुर बदलकर पुरम् हो गया। मलयालम और तमिल में यह शब्द नगर के सम्मान और उसकी भव्यता को दर्शाता है।

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साउथ इंडिया के राज्यों के नाम की कहानी

दक्षिण भारत के राज्यों के नाम भी उनकी भौगोलिक स्थिति और सांस्कृतिक पहचान को बयां करते हैं। नीचे जानें

  • केरल- केरल शब्द की उत्पत्ति चेर वंश से मानी जाती है। कुछ विद्वान मानते हैं कि यह केरम यानी नारियल और अलम भूमि से बना है, जिसका अर्थ है नारियल के पेड़ों की धरती है।
  • तमिलनाडु- तमिलनाडु में तमिल भाषा/लोग और नाडु (देश या मातृभूमि यानी तमिलों की अपनी धरती।
  • कर्नाटक- कर्नाटक के नाम के पीछे का अर्थ, जिसमें करु ऊंचा और नाडु भूमि से बना है, जिसका अर्थ है ऊंची भूमि दक्कन का पठार।
  • आंध्र प्रदेश और तेलंगाना- आंध्र एक प्राचीन जनजाति का नाम है जिसका उल्लेख ऐतरेय ब्राह्मण में मिलता है। वहीं तेलंगाना शब्द त्रिलिंग से आया है, जो भगवान शिव के तीन प्रसिद्ध लिंगों की धरती को दर्शाता है।

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