Sat Sep 12, 2026 | Updated 03:08 AM IST

ज्योतिष के अनुसार केले के पेड़ से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें

हिंदू धर्म में पूजा के स्थान में विशेष रूप से केले का पौधा रखा जाता है। धार्मिक व्रत कथा के अनुसार केले के पौधे में भगवान विष्णु का वास होता है। इस लेख में केले के पौधे से जुड़ी कुछ बातें बताएंगे।
Updated:- 2023-05-02, 13:29 IST
image

हिंदू धर्म में पेड़-पौधों को देव समान पूजा जाता है। पेड़ पौधे जितना औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं उतना ही आध्यात्मिक और पौराणिक महत्व रखते हैं। ऐसा ही एक पौधा है केले का जिसे हिंदू धर्म में बहुत पवित्र और पूजनीय माना गया है। सत्यनारायण व्रत कथा हो या बृहस्पतिवार व्रत पूजा केले का पौधा जरूरी रूप से पूजन के लिए रखा जाता है। प्राचीन काल से ही इस पेड़ की पूजा गुरुवार के दिन की जाती है। हिंदू धर्म ग्रंथों के अनुसार केले के पेड़ में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का वास होता है। धार्मिक ग्रंथों में यह कहा गया है कि गुरुवार के दिन केले के पौधे का पूजन करने से जीवन में सुख, शांति और वैभव की कमी नहीं होती है। आज के इस लेख में हम केले के पेड़ के बारे में कुछ महत्वपूर्ण बात जानेगें।

केले के पौधे का महत्व

banana tree importance in hinduism

बृहस्पतिवार व्रत कथा और पूजन बिना केले के पौधे के संपूर्ण नहीं मानी गई है। गुरुवार व्रत करने वाले श्रद्धालुओं को केले के पौधे का पूजन जरूर करना चाहिए। इसके अलावा सत्यनारायण व्रत कथा, विवाह और दिवाली पूजन में मंडप बनाने के लिए केले के पेड़ का उपयोग किया जाता है। दक्षिण भारत में केले के पत्तों में विशेष रूप से भोजन परोसा जाता है, यह उनकी संस्कृति का हिस्सा है। केले के पौधे का हर हिस्सा हिंदू धर्म में पूजन के लिए उपयोग किया जाता है। इसके हर हिस्से को पवित्र और शुद्ध माना गया है, इसलिए पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए इसके पौधे, फल और पत्ते का उपयोग किया जाता है। ज्योतिष मान्यता है कि नियमित विधि विधान से अगर कोई केले के पेड़ के साथ गुरुवार व्रत कथा करता है, तो उसकी सभी मनोकामना भगवान विष्णु पूरी करते हैं।

केले के पेड़ से जुड़ी कथा

importance of banana tree in astrology

हिंदू पौराणिक कथा के अनुसार एक बार दुर्वासा ऋषि ने अपनी पत्नी को नींद में बाधा डालने पर क्रोधित होकर श्राप दिया था और कहा कि अब से तू केले का पेड़ में परिवर्तित हो जाए। ऐसे में ऋषि दुर्वासा की पत्नी ने अपने पति से क्षमा मांगी लेकिन दुर्वासा जी नहीं माने। क्षमा नहीं करने पर ऋषि पत्नी ने अपने पति से यह कामना की कि केले के पेड़ को विशेष और पवित्र पौधे के रूप में पूजा जाए। जिसके बाद ऋषि दुर्वासा ने पत्नी की बात को स्वीकार करते हुए उनकी इच्छा पूरी की। तब से लेकर आज तक हिंदू धर्म में इसे पवित्र और पूजनीय पौधा माना जाता है।

इसे भी पढ़ें: क्या है हिंदू धर्म में बेल वृक्ष का महत्व, जानें इसके उत्पत्ति और मां पार्वती के बीच संबंध

केले के पेड़ का उपयोग

banana tree worship benefits

  • गुरु भगवान को केले का भोग विशेष रूप से चढ़ाया जाता है।
  • तीज-त्यौहारों और विवाह समारोह में सजावट के लिए इसका उपयोग किया जाता है।
  • केले के पेड़ का तना सौभाग्य और समृद्धि का प्रतीक है। इसलिए गणपति पूजनमें कई जगह इसके पत्ते को गणेश जी में चढ़ाया जाता है।
  • भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी के पूजन में केले के फल को भोग के रूप में अर्पित किया जाता है।
  • सभी धार्मिक और वैदिक अनुष्ठानों में केले के फल और पत्ते का उपयोग किया जाता है।

इसे भी पढ़ें: हिंदू धर्म में कौन-कौन से पेड़ और पौधों में भगवान का वास माना गया है

प्रत्येक धार्मिक अनुष्ठानों में केले के पौधा का विशेष रूप से उपयोग किया जाता है। अगर आपके भी घरों में किसी विशेष चीजों और अवसरों में केले के पेड़ का उपयोग किया जाता है, तो आप हमें कमेंट कर बता सकते हैं। केले के पेड़ से जुड़ी यह जानकारी अगर आपको अच्छी लगी हो तो इस लेख को लाइक और शेयर जरूर करें। ऐसे ही लेख पढ़ने के लिए जुड़े रहें हर जिंदगी के साथ।

Image Credit: Freepik

Disclaimer

हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।