Mon Sep 14, 2026 | Updated 01:48 PM IST

मकान मालिक नहीं दे रहा आपकी सिक्योरिटी डिपॉजिट? तुरंत करें ये काम, वापस मिलेंगे पैसे

पीजी या किराए के कमरे से सिक्योरिटी डिपॉजिट वापस पाना अक्सर मुश्किल होता है। अपने पैसे वापस पाने के लिए कानूनी नियम, लिखित प्रमाण और सही लीगल स्टेप्स की जानकारी होना जरूरी है।
Updated:- 2026-09-14, 11:39 IST
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पीजी या किराए के कमरे से बाहर निकलते समय सिक्योरिटी डिपॉजिट का पैसा वापस पाना बहुत मुश्किल काम बन जाता है। अक्सर लोगों को अपनी ही जमा पूंजी वापस लेने के लिए हफ्तों या महीनों तक मकान मालिक के चक्कर काटने पड़ते हैं। बिना वजह पैसे काटना, देर करना या फोन उठाना बंद कर देना, जैसी समस्याएं किराएदारों को झेलनी पड़ती हैं। अगर आप भी किसी पीजी में रह रहे हैं या जल्द ही कमरा खाली करने वाले हैं, तो सिक्योरिटी डिपॉजिट से जुड़े नियमों और अपने अधिकारों को समझना बहुत जरूरी है। सही जानकारी और सही तरीके से उठाए गए कदम आपके पैसे बिना किसी विवाद के वापस दिला सकते हैं। इसके लिए हमने सुप्रीम कोर्ट के सीनियर वकील गोपेश जिंदल (Lawyer Gopesh Jindal) से बात की है। जानते हैं, इनके बारे में...

क्या होता है सिक्योरिटी डिपॉजिट?

कमरा या पीजी किराए पर लेते समय मकान मालिक आपसे किराए के अलावा एक निश्चित रकम जमा करवाता है। इसे सिक्योरिटी डिपॉजिट कहते हैं। यह पैसा मकान मालिक के पास इस गारंटी के तौर पर रहता है कि अगर किराएदार बिना बताए चला जाए, किराया न दे या संपत्ति को कोई नुकसान पहुंचाए, तो उसकी भरपाई की जा सके।

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पीजी में आमतौर पर यह रकम किसी फ्लैट की तुलना में कम होती है। हालांकि, लिखा-पढ़ी न होने की वजह से पीजी मालिकों के साथ पैसे वापसी को लेकर अक्सर विवाद होता है। नियम के मुताबिक, यह डिपॉजिट आपकी अमानत है और कमरा खाली करते वक्त पूरे हक के साथ आपको वापस मिलनी चाहिए।

सिक्योरिटी मनी से जुड़ी जरूरी कानूनी बातें

भारत में किराएदारों के लिए कोई एक अलग कानून भले न हो, लेकिन कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट और राज्यों के रेंटल नियमों के तहत आपके अधिकार सुरक्षित हैं।

  • मकान मालिक को कमरा खाली होने के 14 से 30 दिनों के भीतर पूरा पैसा लौटाना होता है।
  • बिना ठोस कारण या पक्के सबूत के मकान मालिक आपकी जमा राशि से कटौती नहीं कर सकता।
  • दीवारों की सामान्य घिसाई, पुराना रंग फीका पड़ना या इस्तेमाल से आए मामूली बदलाव के नाम पर पैसा काटना पूरी तरह गलत है।
  • अगर आपके पास पैसों के भुगतान की रसीद, व्हाट्सएप चैट या रेंट एग्रीमेंट है, तो आपका पक्ष कानूनन मजबूत रहता है।

किन वजहों से फंसता है डिपॉजिट का पैसा?

ज्यादातर मामलों में डिपॉजिट फंसने का कारण कानूनी नहीं, बल्कि आपसी बातचीत और लिखा-पढ़ी की कमी होती है।

  • नोटिस पीरियड दिए बिना अचानक कमरा खाली कर देना।
  • सिर्फ बातें करना और लिखित में कोई प्रमाण न रखना।
  • कमरे की सफाई या मामूली टूट-फूट के नाम पर बेवजह की बहस।
  • अनऑर्गनाइज्ड पीजी मालिकों की लापरवाही और मनमानी।

पैसे वापस न मिलने पर तुरंत करें ये 5 काम

अगर मकान मालिक आपका पैसा लौटाने में आनाकानी कर रहा है, तो गुस्सा होने के बजाय समझदारी से काम लें-

  • लिखित में रिमाइंडर भेजें: मकान मालिक को ईमेल या मैसेज के जरिए कमरा खाली करने की तारीख याद दिलाएं और पैसे लौटाने की एक निश्चित तारीख पूछें। फोन पर बात करने के बजाय लिखित चैट का रिकॉर्ड रखें।
  • रसीद और एग्रीमेंट तैयार रखें: अपने पास मौजूद सभी रसीदों, यूपीआई पेमेंट के स्क्रीनशॉट और कमरे की फोटो का एक रिकॉर्ड बना लें।

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  • लीगल नोटिस भेजें: अगर बार-बार कहने पर भी पैसा न मिले, तो किसी वकील के जरिए मकान मालिक को लीगल नोटिस भिजवाएं। ज्यादातर मामलों में लीगल नोटिस मिलते ही मकान मालिक पैसे लौटाने को तैयार हो जाते हैं।
  • कंज्यूमर कोर्ट का सहारा लें: यदि लीगल नोटिस के बाद भी समाधान न निकले, तो आप कंज्युमर फोरम में सेवा में कमी का दावा ठोक कर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
  • स्थानीय पुलिस या अथॉरिटी से संपर्क करें: धोखाधड़ी या जबरन पैसे हड़पने के मामले में आप स्थानीय पुलिस स्टेशन में भी लिखित शिकायत दे सकते हैं।

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भविष्य में इस परेशानी से बचने के आसान टिप्स

फ्यूचर में परेशानी न हो, इसके लिए यहां दिए टिप्स आपके काम आ सकते हैं-

  • कमरा लेते समय ही रिफंड की पॉलिसी और नोटिस पीरियड के बारे में लिखित में बात तय करें।
  • कैश में डिपॉजिट देने से बचें और हमेशा ऑनलाइन ट्रांसफर ही करें ताकि आपके पास पक्का सबूत रहे।
  • कमरा खाली करते वक्त पूरे कमरे की फोटो और वीडियो बना लें ताकि मकान मालिक किसी नुकसान का झूठा आरोप न लगा सके।

निष्कर्ष

सिक्योरिटी डिपॉजिट आपका अपना पैसा है, जिसे पाना आपका अधिकार है। किसी भी विवाद से बचने के लिए हमेशा लिखित कागजात और भुगतान के सबूत संभालकर रखें।

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Images: magnific

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