Fri Sep 11, 2026 | Updated 06:10 PM IST

दिल्ली में बना रहे हैं सपनों का घर, जानें मकान की सही ऊंचाई कितनी होनी चाहिए?

दिल्ली में घर बनाते समय DDA और MCD के नियमों का पालन करना जरूरी है, खासकर इमारत की ऊंचाई और सुरक्षा प्रमाणपत्रों को लेकर। जानते हैं...
Updated:- 2026-09-08, 17:20 IST
delhi building rules

दिल्ली में अपना घर बनाना हर किसी का सपना होता है, लेकिन निर्माण कार्य शुरू करने से पहले दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) और नगर निगम (MCD) के नियमों की पूरी जानकारी होना बेहद जरूरी है। अक्सर लोग घर बनवाते समय यह ध्यान नहीं देते कि कानूनन इमारत की ऊंचाई कितनी होनी चाहिए या कौन-कौन से सर्टिफिकेट लेना अनिवार्य है। अगर आप भी दिल्ली में मकान का निर्माण करा रहे हैं, तो नियमों का पालन न करने पर कानूनी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में  यह जानना तो बनता है कि दिल्ली के बिल्डिंग बाय-लॉज के तहत मकान की ऊंचाई और सुरक्षा से जुड़ी क्या शर्तें हैं? पढ़ते हैं आगे...

 

कितनी ऊंची इमारत बनाने की है दिल्ली में इजाजत?

DDA के अनुसार, दिल्ली में किसी भी इमारत की अधिकतम ऊंचाई इस बात पर निर्भर करती है कि जमीन की कैटेगरी क्या है। अगर आप रिहायशी जमीन पर अपना निजी मकान बनवा रहे हैं-

  • बिना स्टिल्ट पार्किंग वाली बिल्डिंग: यदि आप जमीन पर स्टिल्ट पार्किंग नहीं बनवा रहे हैं, तो इमारत की अधिकतम ऊंचाई 15 मीटर तक हो सकती है।
  • स्टिल्ट पार्किंग के साथ इमारत: अगर ग्राउंड फ्लोर पर स्टिल्ट पार्किंग है, तो मकान की ऊंचाई अधिकतम 17.5 मीटर तक रखी जा सकती है।

यहां यह ध्यान रखना बहुत जरूरी है कि यदि आपके मकान की ऊंचाई 15 मीटर से ज्यादा होती है, तो फायर डिपार्टमेंट से नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) लेना कानूनी रूप से जरूरी हो जाता है।

2 - 2026-09-08T165032.220

स्ट्रक्चरल सेफ्टी सर्टिफिकेट लेना क्यों है जरूरी?

मकान का नक्शा पास कराने के लिए केवल डिजाइन ही काफी नहीं है, बल्कि इमारत की मजबूती का सबूत भी देना होता है।

  • भूकंप रोधी डिजाइन: किसी भी नए निर्माण के लिए मान्यता प्राप्त स्ट्रक्चरल इंजीनियर से भूकंप रोधी (Earthquake Resistant) डिजाइन का सर्टिफिकेट लेना जरूरी है।
  • मकान में बदलाव या ज्यादा मंजिल: यदि आप किसी पुरानी इमारत पर नई मंजिल बनवा रहे हैं या घर की मुख्य लोड-बेयरिंग दीवार, पिलर या बीम को हटा रहे हैं, तो ऐसा करने से पहले स्ट्रक्चरल इंजीनियर की रिपोर्ट और MCD से लिखित मंजूरी लेना जरूरी है।

यह भी पढ़ें- भारतीय करेंसी किन देशों में आसानी से चलती है? जानें यहां

फायर ब्रिगेड से जुड़े सुरक्षा नियम

दिल्ली दमकल सेवा (DFS) के मुताबिक, सुरक्षा मानकों को पूरा किए बिना ऊंची इमारतों के निर्माण की अनुमति नहीं मिलती-

  • 15 मीटर से अधिक ऊंची रिहायशी इमारतों और 500 वर्ग मीटर से बड़े कवर एरिया के लिए फायर एनओसी (NOC) लेना जरूरी है।
  • आपात स्थिति में फायर की गाड़ियों के पहुंचने के लिए बिल्डिंग तक कम से कम 6 मीटर चौड़ा साफ रास्ता होना चाहिए।
  • इमारतों में ऑटोमैटिक स्प्रिंकलर सिस्टम, फायर अलार्म, होज रील, इमरजेंसी पावर बैकअप और फायर लिफ्ट जैसी सुविधाएं होनी जरूरी है।

1 - 2026-09-08T165023.690

निर्माण पूरा होने पर इन दो सर्टिफिकेट की होती है जरूरत

बिना परमिशन के किया गया कोई भी निर्माण पूरी तरह से गैर-कानूनी माना जाता है। मकान का ढांचा तैयार हो जाने के बाद आपको दो मुख्य दस्तावेज पास रखने होते हैं-

  • Occupancy Certificate (ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट): यह इस बात का प्रमाण है कि इमारत में रहने की अनुमति दी जा चुकी है।
  • Completion Certificate (कंपलीशन सर्टिफिकेट): यह सर्टिफिकेट दिखाता है कि मकान का निर्माण अप्रूव नक्शे और सुरक्षा नियमों के अनुसार ही पूरा किया गया है।

निष्कर्ष

दिल्ली में मकान बनाते समय केवल नक्शा पास कराना ही काफी नहीं है, बल्कि ऊंचाई के मानकों, फायर सेफ्टी और स्ट्रक्चरल सर्टिफिकेट से जुड़े नियमों का पालन करना भी उतना ही जरूरी है।

यह भी पढ़ें- दिल में प्यार, दिमाग में डर; क्यों रिश्तों से दूर भागते हैं लोग?

अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।

Images: magnific

Disclaimer

हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।