Sat Sep 12, 2026 | Updated 01:32 AM IST

क्या आपने कभी सोचा है कि कैसा 'लंगड़ा आम' को मिला यह नाम?

इन दिनों बाजार में आमों की भरमार देखने को मिल रही है। इसमें दशहरी से लेकर फजली तक जैसे तमाम आमों की वैरायटी होती हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि लंगड़ा आम का नाम यह क्यों और कैसे पड़ा? नीचे लेख में इस नाम के पीछे की कहानी-
Updated:- 2026-06-22, 14:05 IST
What is the history of Langda Aam

Who Named Langda Aam: गर्मियों का मौसम आते ही बाजारों में आम की खुशबू महकने लगती है। दशहरी, चौसा और हाफूस जैसी तमाम वैरायटीज के बीच लंगड़ा आम अपनी एक अलग ही पहचान रखता है। यह आम बेहद मीठा, रसीला और बिना रेशे वाला होता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इतने स्वादिष्ट और शाही फल का नाम 'लंगड़ा' क्यों पड़ा? यह नाम सुनने में थोड़ा अजीब जरूर लगता है, लेकिन इसके पीछे सदियों पुरानी एक बेहद दिलचस्प कहानी छीपी है। यह कोई वैज्ञानिक नाम नहीं है, बल्कि एक आम इंसान से जुड़ा है, जो आज भी बनारस की गलियों में बड़े चाव से सुनाया जाता है। आज के इस लेख में हम आपको इस आम के नाम के पीछे की कहानी के बारे में बताने जा रहे हैं।

लंगड़ा आम को कैसे मिला यह नाम?

langara aam

 

लंगड़ा आम के नाम की कहानी उत्तर प्रदेश के वाराणसी शहर से हुई थी। करीब 250-300 साल पहले बनारस के एक छोटे से गांव में एक साधु महात्मा आए। वे अपने साथ आम का एक पौधा लेकर आए थे। उन्होंने वह पौधा वहां के एक स्थानीय शिव मंदिर के पुजारी को सौंप दिया और कहा कि इसकी खूब सेवा करना। वह पुजारी पैर से दिव्यांग थे, यानी वे लंगड़ाकर चलते थे। पुजारी ने साधु की बात मानकर उस पौधे को मंदिर के आंगन में लगा दिया और उसकी बच्चों की तरह देखभाल की। कुछ सालों बाद जब उस पेड़ पर पहली बार फल आए, तो वे बेहद मीठे और खुशबूदार थे।

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शुरुआत में पुजारी ने उस आम को सिर्फ भगवान शिव को भोग के रूप में चढ़ाया। धीरे-धीरे उस दिव्य और मीठे आम का स्वाद चखने के लिए दूर-दूर से लोग मंदिर आने लगे। चूंकि वह पेड़ एक लंगड़े पुजारी के मंदिर के आंगन में लगा था और उन्होंने ही इसे सींचा था, इसलिए लोग आपस में इस आम को 'लंगड़े बाबा का आम' कहने लगे। वक्त बीतने के साथ यह नाम छोटा हो गया और लोग इसे सिर्फ 'लंगड़ा आम' के नाम से पुकारने लगे। बनारस से शुरू हुआ यह आम आज पूरी दुनिया में अपने इसी अनोखे नाम और बेमिसाल स्वाद के लिए जाना जाता है।

लंगड़ा आम का कहां होता है सबसे ज्यादा उत्पादन?

लंगड़ा आम के उत्पादन की बात करें, तो लंगड़ा आम का सबसे ज्यादा और मुख्य उत्पादन उत्तर प्रदेश में होता है। उत्तर प्रदेश का वाराणसी जिला इसका सबसे बड़ा और असली केंद्र माना जाता है, जहां के मलदह और आस-पास के इलाकों का लंगड़ा आम दुनिया भर में मशहूर है। बनारस के अलावा यूपी के सहारनपुर, मलिहाबाद और लखनऊ जैसे क्षेत्रों में भी यह भारी मात्रा में उगाया जाता है।

langara aam ka naam kaise pada

उत्तर प्रदेश के बाद बिहार, पश्चिम बंगाल और हरियाणा में भी इसका बड़े पैमाने पर उत्पादन होता है। जून और जुलाई के महीने में पकने वाला यह हरा-पीला आम अपनी बेमिसाल मिठास के कारण न सिर्फ भारत बल्कि विदेशों में भी भारी मात्रा में एक्सपोर्ट किया जाता है।

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