विहार से कैसे हो गया बिहार?

बिहार का नाम 'विहार' शब्द से आया है, जिसका अर्थ है घूमना। यह नाम प्राचीन काल से ही इस क्षेत्र के लिए इस्तेमाल होता रहा है, जब यह बौद्ध धर्म का प्रमुख केंद्र था। आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं। 
Updated:- 2024-06-17, 18:01 IST
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बिहार भारत के पूर्वी भाग में स्थित एक राज्य है। इसकी सीमा उत्तर में उत्तर प्रदेश, पूर्व में पश्चिम बंगाल, दक्षिण में झारखंड और पश्चिम में नेपाल से लगती है। बिहार भारत का 12वां सबसे बड़ा राज्य है। बिहार की राजधानी पटना है, जो गंगा नदी के तट पर स्थित है। पटना बिहार का सबसे बड़ा शहर भी है। बिहार में भोजपुरी, मैथिली, मगही और अंगिका जैसी कई अन्य भाषाएं भी बोली जाती हैं। 

बिहार का इतिहास बहुत पुराना और गौरवशाली है। यह क्षेत्र प्राचीन मगध साम्राज्य का हिस्सा था, जिसने 6वीं शताब्दी पूर्व से 5वीं शताब्दी तक शासन किया। बिहार बौद्ध धर्म और जैन धर्म का भी जन्मस्थान है। बिहार में ही गौतम बुद्ध को ज्ञान प्राप्त हुआ था। बता दें, बिहार एक ऐसा राज्य है जो अपनी समृद्ध संस्कृति, इतिहास और प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है। 

महाभारत के प्रसिद्ध योद्धा कर्ण का जन्म बिहार के मुंगेर जिले में हुआ था। वहीं बिहार के राजगीर में स्थित पंचशील स्तूप का निर्माण भी सम्राट अशोक ने करवाया था। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार ऐसा कहा जाता है कि पटना में पाताल लोक का द्वार है। वहीं राजगीर को भगवान शिव का निवास स्थान भी माना जाता है। 

रामायण के अनुसार, भगवान राम की पत्नी सीता का जन्म बिहार के मिथिला यानी कि वर्तमान में सीतामढ़ी जिले में हुआ था। इसलिए, मिथिला को श्रीराम का ससुराल भी माना जाता है। बिहार ने कई प्रसिद्ध हस्तियों को जन्म दिया है। जिनमें राजेंद्र प्रसाद, जयप्रकाश नारायण, जयशंकर प्रसाद, रामधारी सिंह दिनकर, अरुण जेटली, सुशील कुमार सिन्हा और मनोज बाजपेयी और पंकज त्रिपाठी शामिल हैं।

अब ऐसे में इस राज्य का नाम बिहार कैसे पड़ा। इसके बारे में इस लेख में विस्तार से जानते हैं। 

कैस पड़ा राज्य का नाम 'बिहार'?

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बिहार का नाम 'विहार' शब्द से बना है।  यह शब्द संस्कृत से आया है और इसका अर्थ है 'रहने की जगह' या 'घूमने की जगह'। ऐसा माना जाता है कि यह नाम प्राचीन काल में बौद्ध भिक्षुओं के ठहरने के स्थानों से जुड़ा है। बिहार में कई प्रसिद्ध बौद्ध मठ और विहार थे, जैसे नालंदा, विक्रमशिला और ओदंतपुरी। इन विहारों में बौद्ध भिक्षु रहते थे और अध्ययन करते थे। जिसके कारण धीरे-धीरे, 'विहार' शब्द पूरे क्षेत्र के लिए इस्तेमाल होने लगा और यह बिहार के नाम में बदल गया। इतना ही नहीं प्राचीन काल में इसे मगध, अंग और वज्जी के नाम से भी जाना जाता था।

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विहार और बिहार में क्या है अंतर?

Bodh gaya

बिहार और विहार एक ही शब्द हैं। इनका अर्थ घूमने की जगह से है। यह शब्द प्राचीन काल में बौद्ध भिक्षुओं के ठहरने के स्थानों से जुड़ा है। वहीं विहार शब्द पूरे क्षेत्र के लिए इस्तेमाल होने लगा और इसलिए यह बिहार के नाम में बदल गया।

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Image Credit- HerZindagi

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