होटल और रेस्तरां जबरदस्ती नहीं वसूल सकते सर्विस टैक्स, जाने नई गाइडलाइंस

होटल और रेस्तरां के बिल में अक्सर सर्विस टैक्स भी जुड़ा होता है। इस टैक्स को लेकर सीसीपीए ने नई गाइडलाइंस जारी की है।
Updated:- 2022-07-05, 11:07 IST
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होटल और रेस्तरां में जाकर खाना पसंद करने वाले लोगों के लिए एक राहत की खबर है। अब से कोई भी रेस्तरां जबरदस्ती सर्विस टैक्स (Service Tax) नहीं वसूल सकता है। सर्विस चार्ज खाने के बिल के साथ जोड़कर दिया जाता है लेकिन आप इस चार्ज को देना चाहते हैं या नहीं, यह सिर्फ आपके ऊपर निर्भर करता है। दरअसल हाल ही में केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने नई गाइडलाइन जारी की है। सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी यानी सीसीपीए द्वारा जारी गाइडलाइन में बताया गया है कि किसी भी कस्टमर को सर्विस टैक्स भरने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता है। 

वॉलंटरी है सर्विस टैक्स

नई गाइडलाइन के अनुसार, आप किसी भी होटल या रेस्तरां में खाना खाने के बाद सर्विस टैक्स दें, ऐसा जरूरी नहीं है। यह चार्ज वॉलंटरी है। इसके साथ-साथ रेस्तरां को भी अपने बिलिंग के समय सर्विस चार्ज के बारे में जानकारी देना जरूरी है। मंत्रालय के अनुसार होटल और रेस्टोरेंट में दिए जाने वाले खाने की कीमत में सर्विस चार्ज पहले से ही मौजूद होता है। सीसीपीए का कहना है कि इस आदेश के बाद अगर किसी कस्टमर से जबरदस्ती सर्विस टैक्स वसूला जाता है तो वे edaakhil.nic.in पर जाकर  शिकायत दर्ज कर सकता है। इसके बाद रेस्तरां के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। 

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क्या होता है सर्विस टैक्स? 

सर्विस टैक्स आजकल अधिकतर रेस्तरां के बिल में जुड़ा होता है। यह चार्ज 5 से 15 फीसदी तक हो सकता है। ऐसे में जीएसटी भरना तो हर ग्राहक के लिए अनिवार्य होता है पर सर्विस टैक्स वैकल्पिक है। इसी विषय पर बात करते हुए कंज्यूमर अफेयर्स मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि रेस्टोरेंट किसी के बिल में जबरदस्ती सर्विस चार्ज नहीं लगा सकते हैं। साथ ही सर्विस टैक्स पर रोक लगाने से उन्हें नुकसान होगा, ऐसा कहना भी गलत है। रेस्तरां अपनी खाने की कीमतों को अपने हिसाब से निर्धारित करने के लिए स्वतंत्र हैं। 

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ग्राहकों को रखना होगा इन बातों का ध्यान

  • यह गाइडलाइंस सभी रेस्तरां के लिए है। ऐसे में कोई भी होटल अपने अलग नियम नहीं बना सकता है।
  • जबरदस्ती टैक्स वसूलने पर कोई भी ग्राहक  edaakhil.nic.in पर जाकर शिकायत दर्ज कर सकता है। 
  • इसके अलावा आप जिला कलेक्टर, जिलाधिकारी, जिला स्तर पर जाकर भी शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
  • इतना ही नहीं रेस्तरां के बाहर "हमारे यहां सर्विस टैक्स वसूला जाता है", जैसा बोर्ड भी नहीं लगाया जा सकता है। 

ऐसे में अब आप किसी भी रेस्तरां में बिना सर्विस चार्ज के खाना खा सकते हैं। अगर आप अपनी मर्जी से सर्विस टैक्स देना चाह रहे हैं तो आप दे सकते हैं। 

 

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Picture Credit: Freepik

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