Sat Sep 12, 2026 | Updated 05:29 AM IST

Falgun Purnima 2023: क्‍या है इस दिन का महत्व, जानें शुभ मुहूर्त

साल भर में पूर्णिमा तो कई पड़ती हैं, मगर फाल्‍गुन माह की पूर्णिमा विशेष होती है। इस दिन का महत्व जानने के लिए आपको भी जरूर पढ़ना चाहिए यह आर्टिकल। 
Updated:- 2023-02-23, 08:25 IST
image

हिंदू कैलेंडर के हिसाब से फागुन का महीना 12वां और अंतिम महीना होता है। मगर इस महीने का धार्मिक और सामाजिक दोनों तरह से महत्व बताया गया है। खासतौर पर फाल्गुन की पूर्णिमा बहुत ही ज्‍यादा महत्‍वपूर्ण होती है। 

इस दिन कई महत्‍वपूर्ण कार्य किए जा सकते हैं। इस वर्ष 6 मार्च को दोपहर 4 बजकर 17 मिनट पर पूर्णिमा की शुरुआत होगी और 7 मार्च को 6 बजकर 9 मिनट पर पूर्णिमा समाप्त हो जाएगी। 

ऐसे में हमने पंडित मनीष शर्मा से जाना कि यह दिन हिंदू धर्म के हिसाब से क्‍यों महत्‍वपूर्ण होता है और इस दिन कौन से शुभ काम आप कर सकती हैं। 

इसे जरूर पढ़ें-  होली मनाने के पीछे का वैज्ञानिक कारण भी जान लीजिए

phalguna purnima

फाल्गुन पूर्णिमा के दिन पूजा 

फाल्गुन पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है और इस दिन सूर्योदय से लेकर चंद्रोदय तक कई लोग व्रत भी रखते हैं। इस पूर्णिमा के दिन मन में किसी के लिए भी बुरा विचार लेकर आना या काम वासना में लिप्त होना भी वर्जित है। 

फाल्गुन पूर्णिमा की पूजा की विधि 

  • पूर्णिमा के दिन सुबह उठकर आपको स्नान करके साफ कपड़े धारण करके भगवान विष्णु के नरसिंह स्वरूप की पूजा करनी चाहिए और व्रत का संकल्प लेना चाहिए। आपको उत्तर या पूर्व दिशा की ओर मुख करके यह पूजा करनी चहिए। 
  • होलिका दहन के समय तक उपवास रखें और केवल फलाहार ही करें। इसके बाद आप जब होलिका दहन के लिए जाएं तब पहले ही अपने बदन में उबटन लगाएं और साफ जल से स्‍नान करें। 
  • घर पर होलिका निर्माण करें। इसके लिए गाय के गोबर का इस्तेमाल करें। इसकी पूजा करें और फिर होलिका दहन की तैयारी करें। 
  • होलिका दहन के लिए आप जो थाली सजाएं उसमें माला, रोली, पुष्प, सुगंध, कच्चा सूत, गुड़, हल्दी, मूंग दाल, नारियल और गुलाल जरूर रखें। आप इसके साथ ही थाल में 5 से 7 प्रकार का अनाज भी रख सकती हैं। 
  • होलिका दहन के बाद 5 या 7 बार अग्नि की परिक्रमा जरूर लगाएं। परिक्रमा लगाने के बाद बड़ों का आर्शीवाद लें और चेहरे पर गुलाल चेहरे पर लगाकर सभी से गले मिलें। 

इसे जरूर पढ़ें-  भारत के अलग-अलग राज्यों में ऐसे मनाई जाती है होली

 

what is falgun month

फाल्गुन पूर्णिमा के दिन क्या करें और क्‍या न करें 

  • आर्थिक परेशानी से जूझ रही हैं तो आपको फाल्गुन पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु के साथ-साथ देवी लक्ष्‍मी की पूजा अवश्य करनी चाहिए। 
  • इस दिन अगर आप श्री सूक्त का पाठ, कनकधारा स्त्रोत और विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करती हैं तो आपका मनचाहा कार्य पूरा होगा। 
  • यदि कुंडली में चंद्र दोष है तो फाल्गुन की पूर्णिमा की रात में चंद्र देव को दूध अर्पित करें और  ‘ॐ सों सोमाय नमः’ का जाप रुद्राक्ष की माला के साथ करें। 
  • फाल्गुन पूर्णिमा की रात में पति-पत्‍नी को मिलकर चंद्रमा के दर्शन करने चाहिए और उन्हें शहद अर्पित करना चाहिए, ऐसा करने से दांपत्य जीवन मधुर हो जाता है। 
  • पितरों को खुश करने के लिए आप फाल्गुन की पूर्णिमा के दिन पिंडदान भी कर सकते हैं। 

 

उम्मीद है कि आपको हमारा ये आर्टिकल पसंद आया होगा। इसी तरह के अन्य आर्टिकल पढ़ने के लिए आर्टिकल के नीचे आ रहे कमेंट सेक्शन में हमें कमेंट कर जरूर बताएं और जुड़े रहें हमारी वेबसाइट हरजिंदगी के साथ।

Disclaimer

हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।