Dussehra 2026 Do's and Dont's: दशहरे पर घर में क्या करें और किन बातों का रखें खास ध्यान? जानिए यहां

Dussehra 2026 Do's and Dont's: दशहरा आते ही हमारे मन में रावण दहन, शस्त्र पूजन और भगवान श्रीराम की विजय का चित्र उभरता है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इस दिन घर में और क्या करना चाहिए?
ज्योतिषाचार्य सिद्धार्थ एस कुमार के अनुसार, दशहरा केवल बुराई पर अच्छाई की जीत का उत्सव नहीं है। यह उन आदतों, परिस्थितियों और नकारात्मक विचारों से बाहर निकलने का भी अवसर है, जो हमारे जीवन में अनावश्यक रुकावटें पैदा कर रही हैं। इस दिन शमी के पूजन से लेकर बड़ों का आशीर्वाद तक, आइए जानते हैं कि किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
दशहरा पर इन बातों का रखें ध्यान
कल देशहरा के दिन हर जगह रावण जलाया जाएगा, लेकिन क्या बस यही करना होता है इस दिन? आइए जानते हैं यहां विस्तार से।
1. मेन गेट को सजाएं
विजयादशमी की शुरुआत घर के मेन मेट से करें। वास्तु के अनुसार मुख्य द्वार ही घर में ऊर्जा के प्रवेश का मेन मार्ग है। इस दिन दरवाजे के आसपास पड़े पुराने जूते-चप्पल, टूटे गमले और फालतू सामान हटा दें। सफाई के बाद वहां ताजे फूलों की माला और रंगोली से सजावट करें। ध्यान रहे कि गेट के सामने कूड़ेदान या कोई टूटी-फूटी चीज न हो।
image credit-magnific
2. शमी का पूजन
विजयादशमी पर शमी पूजन को बेहद शुभ माना जाता है, जो विजय और नई शुरुआत का प्रतीक है। अगर आपके घर में शमी का पौधा है, तो उसकी सफाई कर विधिवत पूजा करें। आप पौधे के पास घी का दीपक भी जला सकते हैं, लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि दीये की लौ से पौधे को कोई नुकसान न पहुंचे। सिर्फ परंपरा के लिए पौधा लाने से बेहतर है उसकी रोज देखभाल का संकल्प लेना।
3. नमक के पानी से करें नकारात्मकता दूर
त्योहार पर घर की सफाई के बाद पोंछा लगाते समय पानी में थोड़ा सा सेंधा नमक मिलाएं। पुरानी मान्यताओं में नमक को नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने वाला माना जाता है। घर के मेन द्वार और जहां परिवार ज्यादा समय बिताता है, वहां विशेष रूप से सफाई करें। हालांकि मार्बल, लकड़ी और नमी से खराब होने वाली जगहों पर नमक वाले पानी का इस्तेमाल न करें।
4. परिवार की सुख-शांति के लिए करें देवी पूजन
नवरात्रि के बाद दशहरे वाले दिन मां दुर्गा का आभार करना चाहिए। यह काफी अच्छा माना जाता है। साथ ही घर के मंदिर में दीया जलाकर “ॐ दुं दुर्गायै नम” मंत्र का 108 बार जाप करना चाहिए।
इसके बाद परिवार की खुशहाली और सुरक्षा के लिए प्रार्थना करें। जो लोग रोज हनुमान चालीसा पढ़ते हैं, वे इस दिन भी इसका पाठ जारी रख सकते हैं।
5. सकारात्मक ऊर्जा के लिए कपूर-लौंग का उपाय
भारतीय परंपरा में कपूर और लौंग को वातावरण शुद्ध करने वाला माना जाता है। दशहरे की शाम पूजा के दौरान कपूर के साथ 2 लौंग रखकर आरती करें। इससे घर में सकारात्मकता आती है। लेकिन कपूर जलाते समय खिड़की खुली रखें और उसे बच्चों और पर्दों से दूर रखें।
6. एक पुरानी चीज को घर से जरूर निकालें
इस दशहरे पर एक व्यावहारिक काम जरूर करें। घर में ऐसी एक अनुपयोगी चीज ढूंढें जो महीनों से पड़ी है, जैसे खराब घड़ी, टूटा फर्नीचर, पुराने कागज या बंद पड़ा इलेक्ट्रॉनिक सामान। उसे या तो ठीक कराएं, दान कर दें या कबाड़ में निकाल दें। शनि के वक्री होने के कारण इस समय पुराने रुके हुए कामों को पूरा करना भी शुभ रहेगा।
image credit- ai
7. बड़ों का आशीर्वाद लेना न भूलें
बृहस्पति इस समय उच्च अवस्था में हैं, जिन्हें ज्ञान और संस्कारों का कारक माना जाता है। इसलिए विजयादशमी पर अपने माता-पिता, गुरु और परिवार के बड़े सदस्यों का आशीर्वाद जरूर लें। हो सके तो उनके लिए वस्त्र या कोई उपयोगी उपहार लेकर जाएं। अक्सर घर में सुख-शांति के लिए बड़े पूजा-पाठ से ज्यादा जरूरी आपसी सम्मान और प्रेम होता है।
दशहरे पर इन गलतियों से बचें
दशहरे के दिन घरों में काफी काम रहता है। ऐसे में ये गलतियां न हो इसलिए पहले ही इन बातों का ध्यान दें।
- विजयादशमी पर घर में लड़ाई-झगड़ा और कड़वी बातों से बचें। मंगल की नीच स्थिति के कारण गुस्से में कोई भी फैसला न लें।
- शुक्र के वक्री होने से रिश्तों में और फिजूलखर्ची में संयम बरतें।
- सिर्फ त्योहार के नाम पर कर्ज लेकर खरीदारी न करें।
- साथ ही पूजा के दौरान जलते हुए दीये और कपूर को कभी भी अकेला न छोड़ें।
यह भी पढ़ें- दशहरा के मौके पर बच्चों को दिखाने ले जा रही हैं रावण दहन और मेला, इन 6 बातों का जरूर रखें ध्यान
अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।
main image credit- ai
- क्या सच में दशहरे पर नीलकंठ पक्षी देखना शुभ होता है?
- मान्यता है कि दशहरे पर नीलकंठ के दर्शन होने से पूरे साल खुशहाली बनी रहती है, क्योंकि इसे भगवान शिव का प्रतीक माना जाता है।
- क्या दशहरे के दिन नया वाहन या घर खरीदना शुभ होता है?
- हां, विजयादशमी को अबूझ मुहूर्त माना जाता है, इस दिन बिना मुहूर्त देखे भी नया वाहन, घर या सोना खरीदना बहुत शुभ माना जाता है।
- दशहरे पर शस्त्र पूजा क्यों की जाती है?
- पहले के समय में राजा युद्ध पर जाने से पहले अपने शस्त्रों की पूजा करते थे, इसलिए आज भी विजय और शक्ति के प्रतीक के रूप में शस्त्र पूजन किया जाता है।
हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।