धनतेरस पर चांदी या सोने के सिक्के खरीद रही हैं? इन तरीकों से करें असली और नकली की पहचान

धनतेरस पर सोना-चांदी के सिक्के खरीदते समय असली और नकली की पहचान करना महत्वपूर्ण है। बीआईएस हॉलमार्क, वजन, विश्वसनीय ज्वैलर और पक्के बिल जैसी बातों का ध्यान रखकर धोखाधड़ी से बचा जा सकता है।
Updated:- 2026-11-03, 12:01 IST
How to identify fake gold coins

धनतेरस पर सोना-चांदी खरीदना शुभ माना जाता है। यही कारण है कि इस दिन लोग गहनों के साथ सोने और चांदी के सिक्के भी खरीदते हैं। सिक्के आकार में छोटे होते हैं, इसलिए इन्हें खरीदते समय उनकी शुद्धता पर ध्यान देना कई बार आसान नहीं लगता। बाजार में अलग-अलग वजन, डिजाइन और कीमत के सिक्के मिलते हैं, जिनमें असली और नकली की पहचान करना जरूरी है। अगर आप भी इस धनतेरस इंवेस्टमेंट या परंपरा के लिए सिक्का खरीदने जा रही हैं, तो केवल उसकी चमक और पैकिंग देखकर फैसला न करें। इस लेख में हम आपको कुछ जरूरी बातों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनका ध्यान रखकर आप धोखाधड़ी से बच सकती हैं।

सोने या चांदी का सिक्का असली है या नहीं इसकी पहचान कैसे करें?

अगर आप इस धनतेरस सोने या चांदी का सिक्का खरीदने जा रही हैं, तो इसके लिए कुछ बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी हो जाता है। ऐसे में आप नकली और असली सिक्कों के बीच पहचान कर सकती हैं।

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1. BIS हॉलमार्क और शुद्धता की जानकारी जरूर देखें

सोने के सिक्के खरीदते समय उनकी शुद्धता की जांच करना जरूरी है। BIS यानी भारतीय मानक ब्यूरो (Bureau of Indian Standards) के हॉलमार्क से सोने की शुद्धता की जानकारी मिल सकती है। हालांकि, हर सोने के सिक्के पर हॉलमार्किंग अनिवार्य या उपलब्ध हो, यह जरूरी नहीं है। इसलिए सिक्का खरीदते समय उसकी शुद्धता, वजन और प्रमाणपत्र की जानकारी ज्वैलर से जरूर लें।

चांदी के सिक्कों के मामले में भी हॉलमार्किंग की उपलब्धता और लागू नियमों की पुष्टि करें। हॉलमार्क या शुद्धता का दावा करने वाले निशान को देखकर ही पूरी तरह भरोसा न करें, क्योंकि नकली निशान भी बनाए जा सकते हैं।

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2. सिक्के पर लिखे कैरेट और फाइननेस को समझें

सोने के सिक्के पर 24 कैरेट या 999 जैसी जानकारी लिखी हो सकती है। 999 का मतलब है कि सिक्के में लगभग 99.9 प्रतिशत शुद्ध सोना है। वहीं, चांदी के सिक्के पर 999 या 999.9 जैसी फाइननेस की जानकारी मिल सकती है, जो उसकी शुद्धता बताती है। सिक्के पर लिखे नंबर के साथ उसकी खरीद की रसीद और प्रमाणपत्र पर दी गई जानकारी भी मिलाएं। केवल नंबर देखकर सिक्के को असली न मानें।

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3. रजिस्टर्ड ज्वैलर्स से ही खरीदारी करें

धनतेरस पर कई अस्थायी दुकानों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर सिक्के बिकते हैं। ऐसे में बेहतर है कि आप BIS-पंजीकृत ज्वैलर या विश्वसनीय, प्रतिष्ठित सुनार से ही खरीदारी करें। खरीदने से पहले दुकानदार की विश्वसनीयता और पंजीकरण की जानकारी जांच लें।

सिक्के के साथ पक्का बिल जरूर लें। बिल में सिक्के का वजन, शुद्धता, कीमत, मेकिंग या अन्य शुल्क और दुकानदार की जानकारी स्पष्ट होनी चाहिए। इससे भविष्य में सिक्का बेचते समय या किसी विवाद की स्थिति में मदद मिलती है।

4. वजन और पैकिंग की जांच करें

सोने या चांदी का सिक्का खरीदते समय उसका वजन बिल पर लिखे वजन से मिलाएं। यदि सिक्का सीलबंद पैकिंग में है, तो पैकिंग पर दिए गए वजन और शुद्धता की जानकारी देखें। पैकिंग खुली या क्षतिग्रस्त होने पर दुकानदार से स्पष्ट जानकारी लें।

ध्यान रखें कि सिक्के का डिजाइन, रंग या चमक उसकी असलियत का पक्का प्रमाण नहीं है। नकली सिक्के भी देखने में काफी आकर्षक हो सकते हैं।

5. टेस्टिंग लैब से करा सकती हैं शुद्धता की जांच

अगर सिक्के की असलियत को लेकर संदेह है, तो उसकी जांच विशेष टेस्टिंग लैब या मान्यता प्राप्त जांच केंद्र से कराई जा सकती है। सोने की शुद्धता जांचने के लिए एक्स-रे फ्लोरेसेंस (XRF) जैसी तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है। कुछ जांचों में सिक्के के अंदर तक धातु की संरचना समझने के लिए अन्य तरीके भी अपनाए जाते हैं।

ध्यान रखें कि घर पर किए जाने वाले चुंबक, आवाज या रंग से जुड़े टेस्ट केवल शुरुआती संकेत दे सकते हैं। इनसे सोने या चांदी की शुद्धता की पक्की पुष्टि नहीं होती। जांच के लिए सिक्का किसी भरोसेमंद विशेषज्ञ के पास ही ले जाएं।

6. सस्ता सिक्का मिलने पर सतर्क रहें

अगर कोई दुकानदार बाजार भाव से बहुत कम कीमत पर सोने या चांदी का सिक्का देने का दावा करता है, तो सावधान हो जाएं। कीमत में अंतर की वजह समझें और उस दिन का बाजार भाव जांचें। सिक्के की कीमत आमतौर पर धातु के वजन, शुद्धता और लागू शुल्क पर निर्भर करती है।

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खरीदारी से पहले इन बातों का रखें ध्यान

धनतेरस पर सिक्का खरीदते समय हॉलमार्क या शुद्धता की जानकारी, वजन, पक्का बिल और दुकानदार की विश्वसनीयता जरूर जांचें। जरूरत पड़ने पर विशेष टेस्टिंग लैब से जांच कराएं। याद रखें, असली सिक्के की पहचान केवल उसकी चमक से नहीं, बल्कि सही प्रमाण, भरोसेमंद विक्रेता और शुद्धता की जांच से होती है।

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नोट: सोने के सिक्कों पर अनिवार्य हॉलमार्किंग के नियम सोने के आभूषणों से अलग हैं। BIS के अनुसार, 999 या 995 फाइननेस वाले सोने के सिक्कों पर हॉलमार्क BIS लाइसेंस प्राप्त रिफाइनरी या मिंट द्वारा लगाया जा सकता है। इसलिए सिक्के पर HUID नंबर न होने का मतलब अपने आप यह नहीं है कि वह नकली है।

उपभोक्ता सोने या चांदी के सिक्के की शुद्धता की जांच BIS द्वारा मान्यता प्राप्त Assaying & Hallmarking Centre (A&H Centre) से करा सकते हैं।

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