Mahashivratri 2024: भगवान शिव को बेहद प्रिय हैं ये पांच वृक्ष

महाशिवरात्रि का पर्व आने वाला है, भगवान शिव को समर्पित इस पर्व में शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है। ऐसे में आज हम आपको भगवान शिव के 5 प्रिय पौधे और पेड़ के बारे में बताएंगे।  
Updated:- 2024-03-05, 17:34 IST
image

भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह को समर्पित महाशिवरात्रि का पर्व इस साल 8 मार्च को मनाया जाएगा। इस पर्व में भक्त भगवान शिव की पूजा-आराधना करते हैं। भगवान शिव की पूजा तो बहुत साधारण तरीके से की जा सकती है, उनके पूजा में आप एक लोटा जल भी चढ़ाते हैं तब भी भोलेनाथ प्रसन्न हो जाएंगे। वैसे तो महाशिवरात्रि की पूजा के कई विधि और नियम हैं, जिसके अनुसार आप विधि-विधान से शिव-पार्वती की पूजा कर सकते हैं। इसके अलावा भगवान शिव जी को कुछ चीजें हैं, जो बहुत प्रिय है जिसे आप समर्पित कर उन्हें प्रसन्न कर सकते हैं। उनके प्रिय चीजों में आज हम आपको 5 पेड़ों के बारे में बताएं।

ये पांच पेड़ या पौधे हैं, शिव को अत्यंत प्रिय

आक

 favourite tree of lord shiva

आक या मदार के नाम से प्रसिद्ध यह पौधा भगवान शिव को बहुत प्रिय है। शिव जी को मदार या आक का पत्ता, फूल, जड़ से बना चंदन और फल से बनी बत्ती बहुत प्रिय है। आक के पेड़ को लेकर मान्यता है कि 7 साल लगातार पूजा करने पर उसके जड़ से गणेश जी की आकृति भी निकलती है।

बेल

बेल के पेड़ में भगवान शिव और माता पार्वती का वास बताया गया है। शिवपुराण के अनुसार बेलपत्र के वृक्ष की पूजा करने से भगवान शिव के पूजा का फल मिलता है। आक या मदार की तरह भगवान शिव को बेल का पत्ता, फल, फूल और जड़ से बनी चंदन बहुत प्रिय है।

इसे भी पढ़ें: शिवलिंग पर नारियल पानी क्यों नहीं चढ़ाया जाता है 

धतूरा

Trees associated with Lord Shiva

नीला, पीला और सफेद रंग में खिलने वाला धतूरा का फूल भगवान शिव को बहुत पसंद है। पौराणिक कथा के अनुसार समुद्र मंथन में जब विष निकला था और जब उस जहर को भगवान शिव ने पिया था, तब शिव जी ने औषधी के रूप में धतूरा को को धारण किया था। धतूरे ने भगवान शिव के शरीर से जहर की गर्मी को शांत किया था, इसलिए भगवान शिव को धतूरा बहुत प्रिय है। बिना धतूरे के फूल और फल के शिव पूजा अधूरी मानी गई है।

शमी

गुलाबी और पीले रंग में खिलने वाले शमी का फूल शिव जी को प्रिय पंच पुष्प में से एक है। शिवपुराण के अनुसार शमी के वृक्ष में भगवान शिव का वास माना गया है। साथ ही शिव जी को 11, 21, 51 और 108 के गिनती में शमी के पत्र चढ़ाने के बहुत पुण्य मिलता है। साथ ही सावन, प्रदोष और शिवरात्रि के अवसर पर शमी के पेड़ के नीचे शिवलिंग बनाकर पूजा करने से शिव जी प्रसन्न होते हैं।

इसे भी पढ़ें: आखिर भगवान शिव ने क्यों लिया था हरिहर स्वरूप?

भांग

भांग भी शिव जी को बहुत प्रिय है, तभी तो शिव पूजा में भांग के पत्ते और बीज चढ़ाए जाते हैं। इसके अलावा भगवान शिव को भांग से बनी मिठाई और व्यंजन प्रसाद के रूप में चढ़ाई जाती है।

 

अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी हो तो इसे फेसबुक पर शेयर और लाइक जरूर करें। इसी तरह के और भी आर्टिकल पढ़ने के लिए जुड़े रहें हर जिंदगी से। अपने विचार हमें आर्टिकल के ऊपर कमेंट बॉक्स में जरूर भेजें।

Image Credit:हरजिंदगी

Disclaimer

हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।