Vastu Tips: घर की खिड़कियों के लिए भी है अलग वास्तु, जानें इससे जुड़े 10 टिप्स

घर में सुख समृद्धि बनाए रखने के लिए घर की खिड़कियों के लिए भी वास्तु के कुछ नियम बनाए गए हैं। जानें क्या हैं वो टिप्स जो खिड़कियों के लिए ध्यान रखनी चाहिए।
windows vastu tips

घर में शांति, भाग्य, समृद्धि, सकारात्मक और नकारात्मक ऊर्जा लाने के लिए घर के दरवाजे और खिड़कियां भी जिम्मेदार होते हैं। वास्तु के हिसाब से यदि उन्हें उचित दिशा में नहीं रखा जाता है, तो ये घर के निवासियों को नुकसान पहुंचा सकते हैं और नकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश कर सकती है। इसलिए जिस तरह आप घर के मुख्य द्वार और अन्य वस्तुओं के लिए वास्तु को उपयोगी मानते हैं, उसी प्रकार आपको घर की खिड़कियों के बारे में जान लेना भी जरूरी है।

वास्तु के हिसाब से न सिर्फ दरवाज़ों बल्कि घर में लक्ष्मी के प्रवेश के लिए खिड़कियों का भी सही दिशा में खुलना और होना जरूरी है। इसलिए घर में खिड़कियां बनाते समय वास्तु के कुछ नियमों का पालन करना जरूरी माना जाता है। आइए नई दिल्ली के पंडित एस्ट्रोलॉजी और वास्तु विशेषज्ञ, प्रशांत मिश्रा जी से जानें घर की खिड़कियों से जुड़े कुछ वास्तु टिप्स के बारे में।

vastu tips for window by prashant mishra

1दरवाज़ों के विपरीत हों खिड़कियां

windows vastu opposite door

वास्तु के अनुसार खिड़कियां हमेशा दरवाजों के विपरीत होनी चाहिए ताकि सकारात्मक चक्र पूरे हो सके। इससे परिवार को सुख और उन्नति मिलती है। यदि किसी घर में दरवाजे का कोई गलत स्थान हो तो खिड़की उस दरवाजे के विपरीत न रखें अन्यथा नकारात्मक चक्र पूरा हो जाएगा और अधिक नकारात्मक परिणामों की संभावना है। इसलिए जब भी आप दरवाज़ों की दिशा निर्धारित करें उसी समय खिड़कियों के बारे में सही स्थान तय कर लें।

2घर में खिड़कियों की शुभ संख्या

windows counting at home

वास्तु के अनुसार घर में कुछ चीज़ों के लिए सम अंक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस प्रकार, हमेशा याद रखें कि एक घर में 2, 4, 6, 8 जैसी संख्या में खिड़कियां होनी चाहिए। इससे घर के लोगों के बीच सामंजस्य बना रहता है। भूलकर भी घर में विषम संख्या में खिड़कियां न बनवाएं।

3कैसे करें खिड़कियों की गिनती

counting of windows

कई बार एक खिड़की में 2 या 3 पल्ले हो सकते हैं, लेकिन वास्तु शास्त्र के हिसाब से इसे केवल एक खिड़की के रूप में गिना जाता है। कभी भी खिड़की की संख्या देखने के लिए खिड़की के पल्ले नहीं गिने जाते हैं। एक खिड़की में कितने भी पल्ले हों उसकी गिनती एक ही खिड़की की तरह होती है।

 

4घर में खिड़कियों की दिशा

windows direction

यदि आपके घर में ज्यादा संख्या में खिड़कियां हैं तो ध्यान में रखें कि अधिक से अधिक संख्या में दक्षिण और पश्चिम दिशा की बजाय उत्तर और पूर्व दिशा में खुलनी चाहिए क्योंकि यह शुभ माना जाता है। पूर्व दिशा सूरज के उगने की दिशा है इसलिए इस दिशा से घर में सकारात्मक ऊर्जा प्रवेश करती है। ड्राइंग रूम में खिड़कियों के लिए दक्षिण-पश्चिम दिशा से बचना चाहिए क्योंकि सूर्य के प्रकाश से हानिकारक यूवी किरणें ज्यादातर इसी दिशा में प्रक्षेपित होती हैं।

5खिड़कियों का आकार

size of windows

आपके घर में सभी खिड़कियों का आकार बिना किसी बदलाव के समान होना चाहिए। यदि किसी कमरे में पश्चिम दिशा में खिड़कियाँ हों तो प्रवेश द्वार उत्तर दिशा में होना चाहिए। यानी कि खिड़कियों के विपरीत। अनियमित आकार और स्वचालित खिड़कियों से बचें। हमेशा ध्यान रखें कि घर की सभी खिड़कियों का आकार चौड़ाई में भिन्न हो सकता है लेकिन ऊंचाई में नहीं।

 

6टूटी खिड़कियों को तुरंत बदलें

cracked window change

यदि आपकी खिड़की का कांच कभी टूट जाता है तो इसको तुरंत बदलना चाहिए। टूटी हुई खिड़की नकारात्मकता को घर के भीतर लाती है और बीमारियों का कारण बनती है।

7खिड़कियों में न रखें कोई सामान

things not t be placed

पंडित प्रशांत मिश्रा जी बताते हैं कि कई बार हम खिड़की के बीच में कोई सामन जैसे गमले आदि रख देते हैं जो सकारात्मक ऊर्जा के प्रवेश में बाधा उत्पन्न करते हैं। इसलिए खिड़की में कोई सामन न रखें जो घर में सकारात्मक ऊर्जा के प्रवेश को रोक सके। यही नहीं ऐसा करने से लक्ष्मी का प्रवेश भी रुक जाता है।  हमेशा खिड़की को साफ़ सुथरा रखें जिससे लक्ष्मी का प्रवेश हो सके।

8खिड़की में लगाएं ऐसे पर्दे

curtains in window

हमेशा ध्यान रखें कि दक्षिण दिशा में को  खिड़की  होती है  उन पर भारी पर्दे लगाने चाहिए जिससे दक्षिण दिशा से धूप भीतर ना आ सके। इस दिशा से यदि धूप घर में प्रवेश करती है तो यह बीमारियों का कारण बनती है। पर्दे को समय -समय पर धोते रहें, दक्षिण दिशा की खिड़की को छोड कर किसी भी तरफ की खिड़की में गहरे रंग के पर्दे न लगाएं। उत्तर की ओर की खिड़की में नीले रंग के पर्दे और पूर्व और पश्चिम में हल्के रंग के पर्दे लगाएं।

9डाइनिंग एरिया की खिड़कियां कैसी होनी चाहिए

dining area window

वास्तु के हिसाब से डाइनिंग एरिया में खिड़कियां थोड़ी बड़ी होनी चाहिए और इन्हें डाइनिंग एरिया के पूर्व, उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा में खुलना चाहिए। खिड़कियों के लिए यह दिशा समृद्धि, प्रगति और स्वास्थ्य लाती है और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।

10किचन की खिड़की कैसी होनी चाहिए

kitchen window direction

वास्तु शास्त्र के हिसाब से किचन में खिड़की जरूर होनी चाहिए। इसकी सही दिशा पूर्व या उत्तर होनी चाहिए। किचन की खिड़की कभी भी दक्षिण की दिशा में नहीं खुलनी चाहिए। गैस रखते समय ध्यान दें कि खिड़की के सामने का स्थान खाली रखना छाइये। गैस के ऊपर खिड़की होना नकारात्मकता को बढ़ावा देता है।

खिड़की से जुड़ी उपर्युक्त सभी बातों के साथ एक ध्यान में रखने वाली बात यह है कि घर की सारी खिड़कियां सुबह और शाम के समय जरूर खोलनी चाहिए, जिससे सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश हो सके और लक्ष्मी का आगमन हो सके।