Fri Sep 25, 2026 | Updated 02:26 PM IST

क्या वाकई ताना मारता है 'ससुराल गेंदा फूल'? छत्तीसगढ़ी ददरिया लोकगीत से जुड़ा है यह दिलचस्प किस्सा

आपने फ‍िल्‍म 'द‍िल्‍ली-6' का गाना 'ससुराल गेंदा फूल' तो जरूर सुना होगा, लेक‍िन क्‍या आप इस गाने का मतलब और क‍िस्‍सा जानती हैं? हम आपको इसके बारे में बता रहे हैं।
Updated:- 2026-09-25, 14:22 IST
story of sasural genda phool song

शादी के बाद जब कोई लड़की अपने मायके से निकलकर ससुराल आती है, तो उसकी जिंदगी में एक साथ कई सारे नए रिश्ते जुड़ जाते हैं। अब वह सिर्फ किसी की पत्नी नहीं रहती बल्कि बहू, भाभी, देवरानी, जेठानी और न जाने कितने रिश्तों का हिस्सा बन जाती है। इन रिश्तों में कहीं प्यार मिलता है, कहीं मजाक होता है तो कहीं छोटी-मोटी नोकझोंक और ताने भी सुनने पड़ते हैं।

छत्तीसगढ़ के एक पुराने लोकगीत में इसी खट्टी-मीठी जिंदगी को बड़े मजेदार अंदाज में बताया गया है। यही लोकगीत आगे चलकर फिल्म दिल्ली-6 के फेमस गाने 'ससुराल गेंदा फूल' की वजह बना। आज हम आपको अपने इस गाने के बारे में व‍िस्‍तार से जानकारी दे रहे हैं। आइए जानते हैं-

कहां से आया ससुराल गेंदा फूल वाला गाना?

आज जो गाना हमारी जुबा पर चढ़ा रहता है 'ससुराल गेंदा फूल', वह साल 2009 में आई फिल्म दिल्ली-6 का है। इसे रेखा भारद्वाज, श्रद्धा पंडित, महाथी और सुजाता मजूमदार ने आवाज दी थी। गाने काे म्‍यूज‍िक एआर रहमान ने दिया था और फिल्म वाले वर्जन के बोल प्रसून जोशी ने लिखे थे, लेकिन इसकी कहानी फिल्म से काफी पुरानी है।

story of sasural genda phool (1)

image credit- screengrab

ससुराल गेंदा फूल गाना छत्तीसगढ़ की ददरिया लोक परंपरा से जुड़ा है। Indian Foundation For The Arts के मुताब‍िक, साल 1970 में छत्तीसगढ़ के एक कवि गंगाराम शिवरे का लिखा पुराना गाना बहुत पॉपुलर हुआ था। इस गाने की शुरुआती लाइन थी- 'करार गोंदा फूल'। इस गाने को संगीतकार भूलवाराम यादव ने धुन द‍िया था और बाद में इसे जोशी बहनों ने अपनी आवाज में गाया था। छत्तीसगढ़ में यह गाना इतना ज्यादा हिट हुआ था कि उस दौर में शादियों से लेकर रेडियो के कार्यक्रमों तक, हर जगह बस यही गाना गूंजता रहता था। इसी से ससुराल गेंदा फूल बन गया। 

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ददरिया में ससुराल की कहानी कैसे आती है?

आपको बता दें क‍ि ददरिया छत्तीसगढ़ी लोकगीत गाने का एक बहुत ही पॉपुलर वर्जन है। इसमें छोटे-छोटे और आसान बोल होते हैं और गाना अक्सर सवाल-जवाब या आपस में बातचीत की तरह होता है। इसमें प्यार, थोड़ी-बहुत नोंकझोक, रिश्ते और हमारी रोजाना की जिंदगी की बातें बहुत ही आसानी से गानों में ढल जाती हैं। ददरिया लोकगीत में महिला और पुरुष एक-दूसरे से गीतों के जरिए ही बात करते हैं, अपना प्यार जताते हैं या प्यार भरे ताने मारते हैं।

यही वजह है कि शादी के बाद ससुराल की जिंदगी भी इस लोकगीत का बड़ा हिस्सा बन गई। पुराने छत्तीसगढ़ की बातचीत में सास, ननद और देवर जैसे रिश्तों का जिक्र जरूर होता है। यानी एक नई दुल्हन को ससुराल में जिन नए रिश्तों का सामना करना पड़ता है, उनकी खट्टी-मीठी, प्यारी बातें और ताने भी इन गानों में साफ सुनने को मिलती हैं।

फिर ससुराल को गेंदा फूल ही क्यों कहा?

यही इस गाने का सबसे इंटरेस्‍ट‍िंग पार्ट है। सास, ससुर, देवर और ननद जैसे अलग-अलग रिश्तों से मिलकर एक परिवार बनता है, बिल्कुल वैसे ही जैसे गेंदे का फूल कई छोटे-छोटे फूलों से मिलकर बनता है। इसी खट्टी-मीठी और मिली-जुली फैमिली लाइफ को इस गाने में ससुराल को गेंदा फूल कहा गया है।

story of sasural genda phool (2)

image credit- imdb

गाने में है र‍िश्‍तों की पूरी कहानी

अगर आप गाने को ध्‍यान से सुनेंगी तो इसमें ससुराल में रोजाना की जिंदगी नजर आएगी। जैसे-

  • सैंया छेड़ देवे- पति की छेड़छाड़ और हंसी-मजाक।
  • ननद चुटकी लेवे- ननद की मजाकिया नोकझोंक।
  • सास गारी देवे- सास की डांट या ताने।
  • देवर जी समझा लेवे- देवर का समझाना और सपोर्ट करना।
  • छोड़ा बाबुल का अंगना- लड़की का मायके से विदा होकर ससुराल आना।
  • भावे डेरा पिया का- नए घर से धीरे-धीरे अपनापन जुड़ना।

यानी गाना सिर्फ यह नहीं कह रहा कि ससुराल में ताने मिलते हैं। इसमें नोकझोंक के साथ अपनापन भी है। यही इसकी खासियत है।

कैसे 'दिल्ली-6' ने इस लोकगीत को पूरे देश में फेमस कर दिया?

जब फिल्म दिल्ली-6 बनी, तो इसी पुराने छत्तीसगढ़ी गाने को एकदम नए और कूल अंदाज में पेश किया गया। एक्टर रघुवीर यादव ने यह गाना एआर रहमान को सुनाया था, जिसके बाद इसे फिल्म के हिसाब से थोड़ा बदलकर नया टच दिया गया। जब लोगों ने फिल्म में 'ससुराल गेंदा फूल' गाना सुना, तो उन्हें इसमें छत्तीसगढ़ के उस लोकगीत की झलक महसूस हुई। इस गाने में 'रायपुर' का नाम भी आता है, जिससे पता चलता है कि इसकी जड़ें छत्तीसगढ़ से जुड़ी हैं।

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तो क्या 'गेंदा फूल' कहने का मतलब ससुराल को ताना मारना है?

ऐसा बि‍ल्‍कुल नहीं है। इसे सीधा ताना कहना गलत होगा। गाने में भले ही सास की डांट और ननद की थोड़ी बहुत चुटकी का जिक्र है, लेकिन साथ में देवर का समझाना, पति का साथ और नए घर से दिल जुड़ने की बातें भी हैं।

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Image Credit- AI

FAQ
ससुराल गेंदा फूल गाने के सिंगर और म्यूजि‍क डायरेक्टर कौन हैं?
इस गाने को रेखा भारद्वाज, श्रद्धा पंडित, महाथी और सुजाता मजूमदार ने गाया था और इसका म्यूजि‍क मशहूर संगीतकार एआर रहमान ने दिया था।
गेंदा फूल किस बात का प्रतीक है?
गेंदा फूल एक साथ जुड़ी कई पंखुड़ियों का गुच्छा होता है, जो मिल-जुलकर रहने वाले परिवार और अलग-अलग रिश्तों की एकता को दर्शाता है।
ददरिया किस राज्य का लोकगीत है?
ददरिया छत्तीसगढ़ का एक बेहद मशहूर लोकगीत है, जिसमें गीतों के जरिए सवाल-जवाब और रोजमर्रा के रिश्तों की बातें बड़े आसान अंदाज में कही जाती हैं।
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