Women Entrepreneurship Day : ये हैं 10 फेमस सेल्फ-मेड महिला उद्यमी, जानें इनकी सफलता की रोचक कहानी

भारत की ऐसी 10 महिला उद्यमियों की कहानी जानें, जो अपने बल पर आज एक ऊंचे मुकाम तक पहुंची हैं।
list of self made women entrepreneurs

पिछले कुछ दशकों में भारतीय समाज में महिलाओं की स्थिति में काफी बदलाव आया है। आज, महिलाएं भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं और उन्होंने समाज में भी एक बड़ा प्रभाव डाला है। इतना ही नहीं, हमारी महिलाओं ने लगभग हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त की है। हर साल 19 नवंबर को महिला उद्यमियों की सफलता को सलाम किया जाता है और उनके काम की चर्चा की जाती है। इसी संदर्भ में हम यहां 10 प्रसिद्ध महिला उद्यमियों के बारे में आपको बताने जा रहे हैं, जिन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के साथ-साथ अन्य महिलाओं को प्रेरित करने का भी काम किया है।

1फाल्गुनी नायर, संस्थापक, नायका

falguni nayar founder nykaa

कोटक महिंद्रा के साथ एक निवेश बैंकर के रूप में 20 साल काम करने के बाद, उन्होंने अपने सपने को पूरा करने के लिए नौकरी छोड़ दी थी। 2012 में, उन्होंने कंपनी Nykaa की शुरुआत की, जो ऑनलाइन कॉस्मेटिक और वेलनेस उत्पाद बेचती है। आज, उनकी कंपनी भारतीय महिलाओं के बीच बहुत प्रसिद्ध हो गई है। कंपनी 850 से अधिक ब्रांडों की पेशकश करती है और 35 फिजिकल स्टोर पेश कर चुकी है। इतना ही नहीं, नायका का टोटल वर्थ अब 6.5 बिलियन डॉलर्स (लगभग 4830 करोड़ रुपए) हो गया है। ब्लूमबर्ग बिलियन एयर इंडेक्स की रिपोर्ट बताती है कि अब फाल्गुनी देश की सबसे अमीर सेल्फ मेड बिलियन एयर बन गई हैं।

2सरोजा येरामिली, सीईओ और संस्थापक, मेलोरा

saroja yeramili founder melorra

सरोजा येरामिली मेलोरा में सीईओ और संस्थापक हैं, जो सबसे तेजी से बढ़ते फैशन से प्रेरित ज्वैलरी ब्रांड में से एक है। वह भारत और अमेरिका में सफल ब्रांड बनाने में 21 वर्षों के विविध अनुभव के साथ एक अनुभवी प्रोफेशनल हैं। तनिष्क ब्रांड को देश में एक एस्पिरेशनल ज्वैलरी ब्रांड में बदलने के पीछे उन्हीं का हाथ है। दो दशकों के गहन अनुभव के बाद, उन्होंने साल 2015 में मेलोरा की स्थापना की थी।

3मीना गणेश, एमडी और सीईओ, पोर्टिया मेडिकल

meena ganesh ceo portia medical

वह ग्रोथस्टोरी में मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में कार्य करती हैं। मीना गणेश ने जुलाई, 2013 में पोर्टिया मेडिकल प्राइवेट लिमिटेड की स्थापना की और वह कार्यकारी अधिकारी हैं। वह न्यू एज इंटरनेट/टेक्नोलॉजी वाले स्टार्ट-अप्स की सह-प्रमोटर भी हैं, जिनमें Bigbasket.com, Bluestone.com, Mustseeindia.com, bookadda.com और onlineprasad.com शामिल हैं। मीना Tutorvista.com की सह-संस्थापक हैं और पियर्सन एजुकेशन सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड में मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक के रूप में भी काम करती हैं।

4सुची मुखर्जी, संस्थापक, लाइमरोड

suchi mukherji founder limeroad

2012 में, सुची मुखर्जी ने ऑनलाइन क्लोदिंग और लाइफस्टाइल एक्सेसरीज मार्केटप्लेस बनाया और इसका नाम लाइमरोड रखा। आज यह कंपनी पुरुषों और महिलाओं के लिए भारत की सबसे स्टाइलिश ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट के रूप में जानी जाती है। दिलचस्प बात यह है कि इसमें 100 परसेंट यूजर द्वारा जनरेट किया गया कॉन्टेंट है जो इसकी स्क्रैपबुकिंग कम्युनिटी के द्वारा बनाई गई है।

 

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5सृजना बगरिया, सह-संस्थापक, पी सेफ

srijana bagaria co founder pee safe

सृजना एक ऐसी उद्यमी हैं, जिन्हें 23 साल का अनुभव है। वह लॉजिस्टिक मैनेजमेंट से लेकर रिटेलिंग तक के मल्टीपल वेंचर संभालती हैं। वह कई कंपनियों में इन्वेस्ट कर चुकी हैं जैसे Wittyfeed, Dibz और  Shaadi Saga। सृजना महिला सशक्तिकरण और इससे जुड़े पहलुओं की प्रबल हिमायती हैं। पी सेफ का विचार उनके व्यक्तिगत अनुभव से प्रेरित था, और आज सृजना 'महिलाओं की स्वच्छता' के लिए एक एंबेसडर के रूप में काम करती हैं।

6केतिका कपूर, सह-संस्थापक और सीईओ, प्रोएव्स

ketika kapoor ProEves founder

केतिका कपूर प्रोएव्स की सह-संस्थापक और सीईओ हैं, जो पूरे भारत में प्रीस्कूल और डेकेयर सेंटरों का सबसे बड़ा एग्रीगेटर है। सभी के लिए चाइल्ड केयर सिंपल बनाने के लिए, प्रोएव्स पेरेंट्स की डिस्कवरी से लेकर, काउंसलिंग यहां तक कि भारत में प्रीस्कूल और डेकेयर केंद्रों के एक विश्वसनीय नेटवर्क पर बुकिंग से लेकर लाखों कामकाजी लोगों के लिए पेरेंटहुड और काम को बैलेंस करने में मदद करता है।

7भावना सुरेश, सह-संस्थापक और सीईओ, 10क्लब

bhavna suresh cofounder club

भावना वर्तमान में ई-कॉमर्स रोल-अप व्यवसाय में एकमात्र महिला उद्यमी हैं। इससे पहले, उन्होंने लामुडी की सह-स्थापना की, जो एक प्रमुख वैश्विक प्रॉपटेक वेंचर है, जो 30 देशों में संचालित होता है। 10क्लब ने हाल ही में फायरसाइड वेंचर्स और स्पेस में एक्टिव एक अंतरराष्ट्रीय निवेशक के सह-नेतृत्व में देश के सबसे बड़े सीड राउंड में से एक में 40 मिलियन डॉलर जुटाए थे।

8वंदना लूथरा, संस्थापक, वीएलसीसी

vandana luthra founder vlcc

वंदना लूथरा एक भारतीय व्यवसायी, फिलांथ्रोफिस्ट और ब्यूटी एंड वेलनेस सेक्टर स्किल काउंसिल की चेयरपर्सन हैं। 1989 में, उन्होंने वीएलसीसी नामक कंपनी को ब्यूटी एंड स्लिमिंग सर्विस सेंटर के रूप में शुरू किया था। इसके बाद उन्होंने हेयर बिल्ड, फुल-बॉडी लेजर (लेजर हेयर रिमूवल के बारे में यह बातें जानती हैं आप?), ग्रूमिंग और डर्मेट जैसी अन्य सेवाओं को जोड़ा। अप्रैल 2013 में, उन्हें भारतीय राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी द्वारा पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। वंदना लूथरा खुशी नामक एनजीओ भी चला रही हैं, जो वंचित और शारीरिक रूप से विकलांग लोगों को मुफ्त शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति प्रदान करती है।

9अदिति गुप्ता, सह-संस्थापक, मेंस्ट्रूपीडिया

aditi gupta co founder mensturpedia

अदिति गुप्ता मेंस्ट्रूपीडिया की लेखिका और सह-संस्थापक हैं। अदिति और उनके पति ने लड़कियों को मासिक धर्म के बारे में समझाने और शिक्षित करने के लिए एक कॉमिक बुक बनाई। बाद में उन्होंने menstrupedia.com नाम से एक वेबसाइट बनाई। 2014 में, मेंस्ट्रूपीडिया व्हिस्पर के साथ पार्टनर बनी और उनके स्कूल कॉन्टैक्ट प्रोग्राम के लिए 'टच द पिकल' नाम के मूवमेंट को 4 अलग शहरों में प्रेजेंट किया। 2014 में, उन्होंने एक कॉमिक बुक लॉन्च की और उसे काफी सफलता मिली, इस किताब का स्पेनिश और नेपाली में अनुवाद किया गया है। इतना ही नहीं, मेंस्ट्रूपीडिया कॉमिक्स का उपयोग ब्राइट इंग्लिश स्कूल अहमदाबाद, इकोल मोंडिएल वर्ल्ड स्कूल, जीएलएस प्राइमरी स्कूल और कई अन्य स्कूलों में यूज किया जाता है।

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10वाणी कोला, संस्थापक, कलारी कैपिटल

vani kola founder kalaari capital

वाणी कोला एक उद्यम पूंजीपति और कलारी कैपिटल की संस्थापक और प्रबंध निदेशक हैं। उन्होंने एरिजोना स्टेट यूनिवर्सिटी से मास्टर ऑफ साइंस की डिग्री हासिल की है। सिलिकॉन वैली में अपने 22 वर्षों के दौरान, उन्होंने दो कंपनी राइटवोक और सर्टस सॉफ्टवेयर की स्थापना की। 2006 में, वह भारत लौट आई। भारत में, उन्होंने अपना करियर एक वेंचर कैपिटलिस्ट के रूप में शुरू किया, उन्होंने NEA (न्यू एंटरप्राइज एसोसिएट्स) के साथ साझेदारी की। सितंबर 2012 में, कलारी कैपिटल ने 150 मिलियन डॉलर के फंड के साथ काम करना शुरू किया। 2018 में, उन्होंने TiE दिल्ली-एनसीआर का 5वां संस्करण इंटरप्रेनरशिप शिखर सम्मेलन पुरस्कार जीता था।

 

ये हैं देश की वे महिला उद्यमी, जिनकी सफलता की कहानी वाकई रोचक और दिलचस्प रही। इन महिलाओं ने साबित कर दिखाया कि जज्बा हो, तो हर चीज संभव है। हमें उम्मीद है यह आर्टिकल आपको पसंद आया होगा। इसे लाइक और शेयर करें और ऐसे अन्य आर्टिकल पढ़ने के लिए जुड़े रहें हरजिंदगी से।

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