दुती चंद ने 100 मीटर की दौड़ में स्वर्ण पदक जीतकर रचा था इतिहास, जानिए इनके बारे में

दुती चंद ने सम्पन्न वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स में 100 मीटर रेस के दौरान इतिहास रचा था। उन्होंने अपने नाम कई मेडल्स व रिकॉर्ड्स किए हैं।
Updated:- 2022-07-30, 19:30 IST
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कहते है ना कि जब कोई महिला कुछ करने की ढान लेती है, तो अपने लक्ष्य को पूरा करके ही रहती है। यह कहावत भारतीट दूती चन्द के लिए एकदम सटीक बैठता है। उनके दौड़ने के जुनून ने भारत को इतना आगे पहुंचाया, जिसके बारे में किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था। 

दूती चन्द ने इटली में हुए सम्पन्न वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स ट्रैक एंड फील्ड इवेंट्स में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला हैं। इस खिताब को हासिल करके उन्होंने न सिर्फ अपना का बल्कि पूरे देश का नाम रोशन किया है। तो चलिए आज इस लेख में हम दुती चंद के जीवन के बारे में विस्तार से जानते हैं। 

कौन हैं दुती चंद? 

दूती ओडिशा की रहने वाली हैं, जिनका जन्म चा गोपालपुर गांव के एक बुनकर परिवार में हुआ था। दूती का परिवार काफी बढ़ा है। क्योंकि दूती के 7 भाई-बहन हैं, लेकिन दूती तीसरे नंबर की बेटी हैं। दूती को पढ़ने- लिखने के साथ-साथ खेल में भी काफी रुचि थी। इसलिए उन्होंने 2006 में एक सरकारी खेल छात्रावास में दाखिला लिया था और अपना करियर खेल में बनाया। (कल्पना चावला की इंस्पायरिंग कहानी)

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दुती का व्यावसायिक जीवन

दुती ने पहली बार 2012 में अंडर-18 नेशनल चैंपियनशिप में 100 मीटर दौड़ में जीतने का खिताब जीता था। इसके अगले साल ही उन्होंने पुणे में आयोजित एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप की 200 मीटर स्पर्धा में कांस्य पदक अपने नाम किया था। साथ ही, इसी साल दुती ने नेशनल सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप की रेस में 100 मीटर और 200 मीटर दौड़ लगाने का खिताब जीता था। 

समलैंगिकता को करती हैं स्पोर्ट

दुती की सोच काफी अलग है इसलिए वो एक समलैंगिक हैं। उन्होंने इस बात का खुलासा 2019 में किया था। हालांकि, इसकी वजह से उन्हें काफी कुछ झेलना पड़ा था यहां तक की दुती के परिवार वालों ने भी विरोध किया था। उनको समलैंगिक होने पर आज भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। (इंडियन आर्मी की पहली महिला जवान के बारे में जानिए)

उपलब्धियां 

  • दुती ने युनिवर्सियाड में होने वाली 100 मीटर की रेस में स्वर्ण पदक हासिल किया है। 
  • एशियन जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उन्हें स्वर्ण पदक से नवाजा जा चुका है।
  • एशियन जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में होने वाली 4x400 मीटर की रेस में उन्हें स्वर्ण पदक मिल चुका है।
  • गुवाहाटी में होने वाले साउथ एशियन गेम्स में 100 मीटर की रेस में उन्हें रजत पदक मिल चुका है। 
  • दक्षिण एशियाई खेल में उन्होंने 200 मीटर रेस में कांस्य पदक हासिल किया है। 

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Image Credit- (@Wikipedia) 

 

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