महीने के अंत में खाली हो जाता है अकाउंट? Budget Calendar से संभालें अपने खर्च

सैलरी का मैसेज आते ही लोग अंधाधुंध शॉपिंग और बिना सोचे-समझे पैसा खर्च करने लगते हैं। 10-15 दिनों के बाद धीरे-धीरे उन्हें पता चलता है कि उनके अकाउंट में बहुत ही कम बैलेंस बचा है। वहीं मंथ-एंड तक तो उनके सारे पैसे खत्म हो जाते हैं। अगर ऐसा आपके साथ भी होता है, तो आपको अपने खर्चों को मैनेज करने के लिए बजट प्लानिंग की बेहद जरूरत है। आज इस लेख में हम आपको 'बजट कैलेंडर' के बारे में बताएंगे, जिसे फॉलो कर आप अपने खर्चों को बैलेंस कर सकती हैं।
क्या है यह बजट कैलेंडर?
HDFC बैंक के फाइनेंस मैनेजर प्रीतम दत्त का कहना है कि अगर महीने के अंत में आपका बैंक अकाउंट भी खाली हो जाता है, तो 'बजट कैलेंडर' की मदद से आप अपने खर्चों को आसानी से मैनेज कर सकते हैं। बजट कैलेंडर एक ऐसा कैलेंडर या प्लानर है, जो आपकी पूरे महीने खर्चों को डेट वाइस मैनेज करता है। बजट कैलेंडर की मदद से आप न सिर्फ अच्छी सेविंग कर सकती हैं, बल्कि किस दिन कितना पैसा खर्च होगा, इसका भी बखूबी अंदाजा लगा सकती हैं।

कैसे काम करता है बजट कैलेंडर?
बजट कैलेंडर के अंदर पूरे महीने के बिल, बचत और आय की तारीखें पहले से ही मेंशन होती हैं, जिससे आप समय पर भुगतान करते हैं। मान लीजिए, अगर आपकी सैलरी 5 तारीख को आती है, तो आप 7 तारीख को घर का किराया और बिजली का बिल भरते हैं। इसके अलावा, 10 तारीख तक आप अपनी सभी एसआईपी और ईएमआई का भी पे कर देते हैं। वहीं, 10 से 20 तारीख के बीच आपके घर का राशन आ जाता है और 25 तारीख तक पूरे महीने के खर्च की सीमा आपको बजट कैलेंडर बता देता है। 30 तारीख तक जो पैसा आपके पास एक्स्ट्रा बचा रहता है, वही आपकी सेविंग में काउंट होता है।
बजट कैलेंडर के शानदार फायदे
बजट कैलेंडर के वैसे तो कई फायदे हैं, लेकिन सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसकी मदद से आप समय पर अपने सभी बिल्स और ईएमआई भर देते हैं, जिससे आपको कोई पेनल्टी नहीं देनी पड़ती। बजट कैलेंडर की मदद से आपकी फिजूलखर्ची भी कम होती है और इमरजेंसी फंड बनाने में भी मदद मिलती है।
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घर पर ऐसे तैयार करें अपना बजट कैलेंडर
अगर आप भी अपना बजट कैलेंडर बनाना चाहती हैं, तो इन आसान स्टेप्स को फॉलो कर सकती हैं:
- सबसे पहले कैलेंडर की शुरुआत में अपनी कुल मंथली सैलरी को नोट करें।
- इसके बाद सभी जरूरी खर्च जैसे घर का किराया, ईएमआई (EMI) और राशन के खर्चों को एक जगह लिख लें।
- इन सभी खर्चों के भुगतान की सही तारीख को कैलेंडर में मार्क (मेंशन) कर दें।
- सभी जरूरी खर्चों को कैलकुलेट करने के बाद, आप जितनी सेविंग करना चाहती हैं, उसे भी इस कैलेंडर के अंदर पहले से मेंशन कर दें।
- इन सबके अलावा, आप हर सप्ताह अपने छोटे-मोटे खर्चों को भी ध्यान में रखकर बजट की रिव्यू जरूर करें।

अगर आपका भी हर महीने बजट बिगड़ जाता है, तो ऊपर दिए गए कुछ खास टिप्स और बजट कैलेंडर को फॉलो कर आप भी सेविंग्स कर सकती हैं।
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Image Credit : magnific
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