नोटों पर कितनी भाषाओं में होती है लिखावट, क्या जानती हैं आप?

हम सभी रोजाना पैसा खर्च करते हैं, जिसमें आमतौर पर सिक्के से ज्यादा नोट शामिल होते हैं। क्या आपको पता है कि आप जिस नोट का रोजाना इस्तेमाल करती हैं, उस पर कितनी भाषाओं की लिखावट होती है?
Updated:- 2026-07-03, 18:12 IST
image

सुबह की चाय से लेकर रात के दूध के पैकेट तक, हम रोजाना न जाने कितनी बार नोटों का लेन-देन करते हैं। मगर इससे जुड़ी कई बातें, जिनके बारे में या तो हमें पता नहीं होता है या फिर हम ध्यान नहीं देते हैं। इसी में से एक बात यह है कि नोट पर कितनी भाषाएं लिखी होती हैं? भारतीय रिजर्व बैंक हमारे देश की विविधता को ध्यान में रखते हुए नोटों पर कई भाषाओं का इस्तेमाल करता है, ताकि देश के किसी भी कोने का व्यक्ति नोट की कीमत को आसानी से पहचान सके। आज के इस लेख में हम आपको बताने जा रहे हैं कि एक नोट पर कितनी लैंग्वेज छपी होती हैं।

नोट पर कितनी भाषाओं की लिखावट होती है?

भारतीय नोट पर कुल 17 भाषाएं छपी होती हैं। यह भारत की भाषाई विविधता और अनेकता में एकता को दर्शाता है। सामने वाले हिस्से पर 2 भाषाएं मुख्य रुप से दिखाई देती हैं। यहां बड़े अक्षरों में हिंदी और अंग्रेजी में नोट का मूल्य लिखा होता है। वहीं जब नोट को पलटकर देखेंगी तो वर्टिकल बॉक्स दिखाई देगा, जिसे भाषा पैनल कहा जाता है। इसमें कुल 15 क्षेत्रीय भाषाएं लिखी होती हैं।

indian currency language

इसे भी पढ़ें- किस देश की करेंसी दुनिया में सबसे कमजोर है? भारत के 1000 रुपये के बदले जहां मिलते हैं लाखो...ज्यादातर लोग हैं इससे अनजान

नोट पर कौन-कौन सी भाषाएं लिखी होती हैं?

भारतीय नोट के भाषा पैनल में असमिया, बंगाली, गुजराती, कन्नड़, कश्मीरी, कोंकणी, मलयालम, मराठी, नेपाली, ओड़िया, पंजाबी, संस्कृत, तमिल, तेलुगु और उर्दू शामिल हैं। आगे और पीछे के हिस्से पर लिखी भाषाओं का जोड़ 17 होता है।

how many language print on indian currency

नोट किस चीज के बने होते हैं?

हम सभी को लगता यह लगता है कि नोट कागज के होते हैं, लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। बता दें कि भारतीय नोट 100% कपास और सूती धागों से बनाए जाते हैं। यही वजह है कि नोट पानी में भीगने पर भी आसानी से गलते या फटते नहीं हैं और लंबे समय तक चलते हैं।

नोट पर महात्मा गांधी की तस्वीर कब से आई?

भारतीय नोटों पर शुरूआत में अशोक स्तंभ की तस्वीर हुआ करती थी। साल 1969 में पहली बार महात्मा गांधी के जन्मशताब्दी वर्ष के मौके पर नोटों पर उनकी तस्वीर छापी गई थी। साल 1996 से आरबीआई ने महात्मा गांधी सीरीज के नोट परमानेंट जारी कर दिए।

इसे भी पढ़ें- स‍िक्‍कों के डिजाइन देखकर घबराएं नहीं, RBI ने खुद दूर क‍िया कन्‍फ्यूजन; कैसे करें असली-नकली की पहचान?

अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़े रहें हर जिंदगी से।

Image Credit-Magnific

Disclaimer

हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।