पिठोरी अमावस्या पर शाम के समय करें ये अचूक उपाय, बुरी नजर समेत इन परेशानियों से मिल सकता है छुटकारा

हिंदू धर्म में हर तिथि का अपना विशेष महत्व होता है और इन्हीं में से एक है अमावस्या की तिथि। भाद्रपद माह में आने वाली अमावस्या को पिठोरी अमावस्या के नाम से जाना जाता है। यह दिन विशेष रूप से देवी दुर्गा और चौसठ योगिनियों को समर्पित है। इस दिन व्रत रखने और पूजा-पाठ करने से संतान की लंबी आयु और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है।
ज्योतिष शास्त्र में पिठोरी अमावस्या के दिन कुछ विशेष उपायों को करने का विधान बताया गया है, खासकर शाम के समय किए गए ये उपाय बहुत प्रभावी माने जाते हैं। माना जाता है कि इन उपायों से बुरी नजर, नकारात्मक ऊर्जा और अन्य परेशानियों से छुटकारा मिल सकता है। ऐसे में वृंदावन के ज्योतिषाचार्य राधाकांत वत्स से आइये जानते हैं इस बारे में विस्तार से।
पिठोरी अमावस्या पर दीया और दान का उपाय
पिठोरी अमावस्या की शाम को एक दीया जलाकर उसे घर के मुख्य द्वार पर रखें। यह दीया सरसों के तेल का होना चाहिए। इसके बाद, उसी दीये से थोड़ा सा तेल लेकर उसे घर के हर कोने में छिड़क दें।

इस उपाय से घर में मौजूद हर तरह की नकारात्मक ऊर्जा और बुरी नजर का नाश होता है। दीये की रोशनी और सरसों के तेल की शक्ति से घर का वातावरण शुद्ध होता है और सकारात्मकता का संचार होता है।
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पिठोरी अमावस्या पर पीपल के पेड़ का उपाय
इस दिन शाम के समय पीपल के पेड़ के नीचे एक दीया जलाएं और सात बार उसकी परिक्रमा करें। साथ ही, 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जाप करें।
यह उपाय पितृ दोष से मुक्ति दिलाता है। पितृ अमावस्या के दिन पीपल के पेड़ में वास करते हैं और इस तरह पूजा करने से वे प्रसन्न होते हैं और अपना आशीर्वाद देते हैं जिससे आपके जीवन की परेशानियां कम होती हैं।
पिठोरी अमावस्या पर शनि देव का उपाय
अमावस्या का संबंध शनि देव से भी होता है। शाम को सूर्यास्त के बाद किसी शनि मंदिर में जाकर सरसों के तेल का एक दीया जलाएं। आप चाहें तो एक दीया पीपल के पेड़ के नीचे भी जला सकते हैं।
इस उपाय से शनि दोष से मुक्ति मिलती है और शनिदेव प्रसन्न होते हैं। यह आपके जीवन से दुर्भाग्य को दूर करता है और आपके कार्यों में आ रही बाधाओं को दूर करता है।
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पिठोरी अमावस्या पर शिव जी के मंत्र का उपाय
पिठोरी अमावस्या के दिन शाम के समय भगवान शिव की पूजा करें। इसके लिए आप शुद्ध होकर एक शांत जगह पर बैठ जाएं और 108 बार 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जाप करें।

इस मंत्र का जाप करने से मानसिक शांति मिलती है और मन में चल रहे तनाव से मुक्ति मिलती है। यह उपाय आपके जीवन में आ रही बाधाओं को दूर करता है और आपको भगवान शिव की कृपा दिलाता है।
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image credit: herzindagi
- भाद्रपद अमावस्या को पिठोरी अमावस्या क्यों कहते हैं?
- इस दिन मां पार्वती ने 64 योगिनियों के साथ मिलकर भगवान गणेश की पूजा की थी। इसी वजह से इसे पिठोरी अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है।
- पिठोरी अमावस्या के दिन क्या दान करें?
- पिठोरी अमावस्या के दिन तिल का दान करना शुभ माना जाता है।
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