
मां कुष्मांडा आरती
~~~ ✦✦ ~~ ✦ ~~ ✦✦ ~~~
कुष्मांडा जय जग सुखदानी।
मुझ पर दया करो महारानी॥
पिगंला ज्वालामुखी निराली।
शाकंबरी माँ भोली भाली॥
लाखों नाम निराले तेरे ।
भक्त कई मतवाले तेरे॥
भीमा पर्वत पर है डेरा।
स्वीकारो प्रणाम ये मेरा॥
सबकी सुनती हो जगदंबे।
सुख पहुंचती हो मां अंबे॥
तेरे दर्शन का मैं प्यासा।
पूर्ण कर दो मेरी आशा॥
मां के मन में ममता भारी।
क्यों ना सुनेगी अरज हमारी॥
तेरे दर पर किया है डेरा।
दूर करो मां संकट मेरा॥
मेरे कारज पूरे कर दो।
मेरे तुम भंडारे भर दो॥
तेरा दास तुझे ही ध्याए।
भक्त तेरे दर शीश झुकाए॥
भक्त जनों की तुम रखवाली।
दूर करो हर विपदा काली॥
रोग शोक सब दूर भगाओ।
जीवन में सुख-शांति लाओ॥
धन-धान्य की तुम हो दाता।
सबकी किस्मत जग में संवारता॥
जो जन तेरा ध्यान लगावे।
सुख-समृद्धि घर में पावे॥
नवदुर्गा में चौथा रूप।
कुष्मांडा माता अनूप॥
कृपा करो हे जग जननी।
पूरी करो सबकी वंदनी॥
~~~ ✦✦ ~~ ✦ ~~ ✦✦ ~~~
सभी प्रसिद्ध आरती
गणपति से हनुमान जी तक सभी प्रसिद्ध आरतियों का पावन संग्रह एक ही स्थान पर। भक्ति में लीन होकर दिव्यता का अनुभव करें।
चुनें अपना राशिफल
जानिए अपने आने वाले भविष्य से जुड़ी सारी जानकारी। आपकी जन्मतिथि के अनुसार हम बताएंगे आपका राशिफल, एस्ट्रो रेमेडीज और एक्सपर्ट टिप्स।
Disclaimer
हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।