इसबार हरियाली तीज का त्योहार 27 जुलाई 2025 को मनाया जाना है। यह त्योहार भगवान शिव और माता पार्वती के मिलने को समर्पित है। इस दिन महिलाएं व्रत रखती हैं और पूजा-पाठ करती हैं। ऐसे में अगर आपको इस दिन भारतीय परंपरा के अनुसार 16 श्रृंगार करना है तो यहां उसी से जुड़ी जानकारी दी गई है। सुहागिन महिलाओं के जीवन में हिन्दू मान्यताओं के अनुसार 16 श्रृंगार का काफी महत्व है। इसी वजह से, आप Hariyali Teej 2025 के पावन मौके पर खुद को तैयार करने के लिए कुछ खास चीजों को इसमें शामिल कर सकती हैं। जैसा कि नाम से ही पता लग रहा है, कि इसमें कुल 16 चीजें होती हैं। मगर, यहां इनमें से कुछ के विकल्प दिए जा रहे हैं, जिन्हें आप अपनी स्टाइल वॉल्ट में शामिल करके हरियाली तीज के दिन तैयार हो सकती हैं। आपकी खूबसूरती को निखारने के साथ ही ये चीजें आपको एक सुंदर पारंपरिक रूप दे सकती हैं।
16 श्रृंगार के सामान कौन-कौन से हैं?
16 श्रृंगार के अंतर्गत सिंदूर, बिंदी, मेंहदी, गजरा, काजल, मांग टीका, चूड़ियां, पायल, मंगलसूत्र, हार, बाजूबंद, कमरबंद, नथ, कान के आभूषण, अंगूठी और बिछिया जैसी चीजें आती हैं। ये सभी चीजें सुहागिन महिलाएं पहनती हैं और इनका हिन्दू धर्म में काफी महत्व है। इसी कारण से, Hariyali Teej Vrat जो कि महिलाएं खुशहाल शादी-शुदा जीवन के लिए करती हैं इस दिन खुद को तैयार करने के लिए 16 श्रृंगार कर सकती हैं। आप हाथों में मेंहदी लगाकर और मांग में सिंदूर भरकर तैयार हो सकती हैं। वहीं, आप इसमें शामिल अन्य चीजों को पहनकर हरियाली तीज के मौके पर सुंदर पारंपरिक तरीके से तैयार हो सकती हैं। सुहाग का प्रतीक माना जाने वाला 16 श्रृंगार आपको हरियाली तीज पर ना सिर्फ पारंपरिक रूप देगा, बल्कि आपको बेहद खूबसूरत भी दिखा सकता है। आप साड़ी, लहंगा या फिर भारी सलवार सूट के साथ भी इन एक्सेसरीज को पहनकर अपना श्रृंगार कर सकती हैं।
हरियाली तीज पर 16 श्रृंगार का क्या महत्व है?
हिन्दू मान्यताओं के मुताबिक, हरियाली तीज पर 16 श्रृंगार का बहुत महत्व है। यह सुहागिन महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण त्योहार है और इस दिन 16 श्रृंगार करके भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने का विधान है। 16 श्रृंगार विवाहित महिलाओं के लिए 16 प्रकार के आभूषण और सजावट को दर्शाता है, जो उनके सुहाग और सौभाग्य का प्रतीक हैं। Hariyali Teej के दिन 16 श्रृंगार करना न केवल एक परंपरा है, बल्कि यह महिलाओं के जीवन में खुशहाली, समृद्धि और सौभाग्य लाने का एक तरीका भी है। यह एक ऐसा श्रृंगार है जो महिलाओं को सिर से लेकर पैरों तक सुसज्जित करता है और सुंदर भी दिखाता है। ऐसे में आप भी इसबार 16 श्रृंगार करके हरियाली तीज के लिए पारंपरिक तरीके से तैयार हो सकती हैं।
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2025 में हरियाली तीज कब है?
हरियाली तीज पर शिव-पार्वती की आराधना करने से वैवाहिक जीवन में सुख बना रहता है। श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को यह त्योहार मनाया जाता है। अगर हम बात करें Hariyali Teej 2025 Date की तो यह व्रत 27 जुलाई को रखा जाएगा।
हरियाली तीज क्यों मनाते हैं?
हरियाली तीज भगवान शिव और देवी पार्वती के मिलन के उपलक्ष्य में मनाई जाती है। मान्यता है कि इस दिन देवी पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी, और भगवान शिव ने उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर उन्हें अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार किया था। यह त्योहार सुहागिन महिलाओं के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है, जो अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए व्रत रखती हैं। वहीं, कुंवारी लड़कियां भी इस दिन व्रत रखकर भगवान से इच्छित वर मांगती हैं।
हरियाली तीज पर 16 श्रृंगार करने के लिए क्या क्या चाहिए?
16 श्रृंगार के अंतर्गत सिंदूर, बिंदी, मेंहदी, गजरा, काजल, मांग टीका, चूड़ियां, पायल, मंगलसूत्र, हार, बाजूबंद, कमरबंद, नथ, कान के आभूषण, अंगूठी और बिछिया जैसी चीजें आती हैं। जिन्हें हरियाली तीज पर अपने श्रृंगार में शामिल कर सकती हैं।