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Children’s Day 2025 पर पढ़िए पंडित जवाहर लाल नेहरू पर लिखी ये किताबें

भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू के जन्मदिन पर भारत में हर साल मनाया जाता है Children’s Day. इस दिन को ध्यान में रखते हुए अगर आप भी पढ़ना चाहते हैं कुछ किताबें तो यहां देखे विकल्प और जानिए कुछ रोचक व अनकही बातें।

Children’s Day 2025: जवाहर लाल नेहरू पर किताबें
Children’s Day 2025: जवाहर लाल नेहरू पर किताबें

भारत में हर साल 14 नवंबर को बाल दिवस मनाया जाता है। इस दिन भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू की जयंती भी होती है और उन्हीं की याद में यह दिन मनाया जाता है। पंडित नेहरू को बच्चे चाचा नेहरू के नाम से संबोधित करते थे। वे बच्चों के प्रति अपने प्रेम और इस विश्वास के लिए जाने जाते थे कि वे राष्ट्र का भविष्य और आधार हैं। 1964 में उनकी मृत्यु के बाद, बाल कल्याण और शिक्षा के प्रति उनके दृष्टिकोण की याद में 14 नवंबर को बाल दिवस घोषित किया गया। तो अगर आप भी 2025 में Children’s Day पर पंडित नेहरू के बारे में पढ़ना चाहते हैं, तो हम लाए हैं कुछ किताबें जो उनके जीवन के बारे में आपको बहुत कुछ बताएंगी।

किताबों के बारे में ऐसी ही विस्तृत जानकारी मिलेगी हाउस ऑफ बुक्स पर

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Nehru Mithak Aur Satya

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‘नेहरू मिथक और सत्य’ नाम की इस किताब को पत्रकार पीयूष बबेले ने लिखा है। इसमें उन्होंने नेहरू को लेकर फैलाए जा चुके अनेक मिथ्या प्रकरणों को सच बताने की कोशिश की है। इस किताब में बताया गया है कि लाखों लोगों ने बिना किसी तथ्य के नेहरू के बारे में गलत ही सही मगर जाना तो। जिन्हें उनके ही लोगों ने छोड़ दिया था, उन्हें बदनाम करने वालों ने लोगों का चहेता बना दिया। इसमें कश्मीर, सांप्रदायिकता और अयोध्या जैसे मुद्दों पर उनके रुख की आलोचनात्मक जांच की गई है। यह पुस्तक भगत सिंह, सुभाष चंद्र बोस और सरदार वल्लभभाई पटेल जैसे ऐतिहासिक शख्सियतों के साथ नेहरू के संबंधों को भी दर्शाती है। यह नेहरू के बारे में प्रचलित मिथकों और उनकी वास्तविकता के बीच के अंतर को उजागर करती है, और भारत के निर्माण में उनकी भूमिका के एक व्यापक दृष्टिकोण को प्रस्तुत करती है। 

Nehru Mithak Aur Satya

₹410.00

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Nehru: The Invention Of India

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इस किताब का नाम ‘नेहरू: द इन्वेंशन ऑफ इंडिया’ है, जिसे कांग्रेस के दिग्गज नेता शशि थरूर ने लिखा है। यह एक संक्षिप्त जीवनी ही, जिसमें 21वीं सदी की शुरुआत से 20वीं सदी के राष्ट्रवाद के एक महान व्यक्तित्व का विश्लेषण किया गया है। ऐतिहासिक घटनाओं के साथ व्यक्तिगत पहलुओं को कुशलता से जोड़ते हुए, यह जवाहरलाल नेहरू की दिलचस्प कहानी कहती है। एक कुलीन, समाजवादी, साम्राज्यवाद-विरोधी, गांधी के सबसे बड़े अनुयायी, कट्टर धर्मनिरपेक्षतावादी और भारत के पहले प्रधानमंत्री, जिन्होंने अपने व्यक्तिगत उदाहरणों से भारतीय जनता को लोकतंत्र की शिक्षा देने का प्रयास किया। शशि थरूर ने इसमें भारत को नेहरू की विरासत के प्रमुख स्तंभों का भी विश्लेषण किया है। Children’s Day 2025 पर इस किताब को पढ़ा जा सकता है।

Nehru: The Invention Of India

₹421.00

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Jawaharlal Nehru

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फ्रैंक मोरस द्वारा लिखी इस किताब का नाम ही ‘जवाहर लाल नेहरू’ है। पंडित नेहरू एक राष्ट्रीय नेता, लेखक, मानवतावादी के रूप में भारत और विश्व के लोगों में लोकप्रिय हुए हैं। जो भी उनके व्यक्तित्व के विवादास्पद पहलुओं को समझना चाहता है, उन्हें यह जीवनी पढ़नी चाहिए। इसमें उनके प्रारंभिक जीवन से लेकर उनके राजनेता और जटिल व्यक्तित्व तक का विस्तृत विवरण शामिल है। यह पुस्तक भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में उनकी भूमिका, एक वकील और राजनेता के रूप में उनके कार्यकाल और एक नए राष्ट्र के निर्माण की चुनौतियों का विश्लेषण करती है, साथ ही उनके व्यक्तित्व कौशल और भारतीय दृष्टिकोण से उनके चरित्र के अक्सर विवादास्पद पहलुओं पर भी प्रकाश डालती है।

Jawaharlal Nehru

₹490.00

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THE NEHRU YEARS : An International History of Indian Non-Alignment

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स्वप्ना कोना नायडू द्वारा लिखित ‘द नेहरू इयर्स: एन इंटरनेशनल हिस्ट्री ऑफ़ इंडियन नॉन-अलाइनमेंट’ में तर्क दिया गया है कि भारतीय गुटनिरपेक्षता एक सक्रिय राजनीतिक और कूटनीतिक परियोजना थी जिसकी जड़ें शीत युद्ध से पहले की हैं, न कि केवल उसके प्रति प्रतिक्रियात्मक रुख। यह किताब 1947 और 1964 के बीच भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के कार्यकाल में इस नीति के विकास की पड़ताल करती है, और कोरियाई युद्ध, स्वेज संकट और हंगरी क्रांति जैसे अंतर्राष्ट्रीय संकटों में भारत की भागीदारी का विश्लेषण करने के लिए शोध का उपयोग करती है। इसमें गुटनिरपेक्षता की आम समझ की आलोचना की गई है और संयुक्त राष्ट्र के एक गुटनिरपेक्ष संस्थापक सदस्य के रूप में भारत की स्थिति के पीछे के संघर्षों और नवाचारों पर प्रकाश डालती है।

THE NEHRU YEARS : An International History of Indian Non-Alignment

₹602.00

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Nehru's India Hindi / Nehru Ka Bharat / : Ateet, Vartman Aur Bhavishya / ,

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‘नेहरू का भारत’ आदित्य मुखर्जी द्वारा लिखित गई है जो धर्मनिरपेक्षता, लोकतंत्र और वैज्ञानिक सोच जैसे नेहरू के सिद्धांतों की निरंतर प्रासंगिकता पर जोर देती है, और दावा करती है कि ये सिद्धांत "भारत के विचार" के लिए आवश्यक हैं। यह भारत की स्वतंत्रता के बाद की संस्थाओं के निर्माण में नेहरू के योगदान का विश्लेषण करती है और उनकी विरासत की आधुनिक आलोचनाओं और विकृतियों को संबोधित करती है। इसमें बताया गया है कि जवाहरलाल नेहरू ने न केवल स्वतंत्रता संग्राम के दौरान इन मूल्यों के लिए लड़ाई लड़ी, बल्कि स्वतंत्रता के बाद नवजात राष्ट्र में उन्हें लागू करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इतिहास और भारत के सांस्कृतिक अतीत के बारे में नेहरू की समझ पर ध्यान केंद्रित करते हुए, यह किताब सांप्रदायिकता की उनकी गहरी समझ और धर्मनिरपेक्षता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के लिए एक खिड़की खोलती है। 

Nehru's India Hindi / Nehru Ka Bharat / नेहरु का भारत: Ateet, Vartman Aur Bhavishya / अतीत, वर्तमान और भविष्य

₹206.00

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Faq's

भारत में बाल दिवास कब मनाया जाता है?

भारत ने अपने प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के निधन के बाद उनकी विरासत को सम्मान देने के लिए 1964 में Children's Day की तिथि बदलकर 14 नवंबर कर दी। इससे पहले, भारत, अन्य देशों की तरह, इसे 20 नवंबर को मनाता था। बच्चों के प्रति नेहरू के गहरे लगाव ने उनके जन्मदिन को देश के युवाओं के लिए उनके दृष्टिकोण का जश्न मनाने के लिए एक उपयुक्त दिन बना दिया।

भारत में बाल दिवस कैसे मनाया जाता है?

भारत में बाल दिवस 14 नवंबर को देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के जन्मदिन के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। स्कूलों में बच्चों के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम, खेल-कूद और विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं। यह दिन बच्चों के अधिकारों, शिक्षा और कल्याण के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर देता है।

14 नवंबर को पंडित जवाहर लाल नेहरू पर लिखी किताबें क्यों पढ़नी चाहिए?

14 नवंबर को नेहरू जी की जयंती होती है इस दिन उनपर लिखी किताबें पढ़ना, आधुनिक भारत की नींव और बच्चों के प्रति उनके विजन को समझने का अवसर देता है। एक तरह से, यह उनके जन्मदिन पर उन्हें सबसे अच्छी श्रद्धांजलि हो सकती है।

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