ड्रॉइंग रूम मतलब घर का वो हिस्सा जहां परिवार के लोगों के साथ-साथ मेहमान भी सबसे ज्यादा बैठते हैं। यह घर का वो कमरा होता है जिसे मेहमान सबसे पहले देखते है और इसी वजह से उसे अच्छी तरह सजाना काफी जरूरी हो जाता है। इसकी सजावट के लिए यूं तो कई तरह की चीजें मिलती है, लेकिन कम खर्च में ही एक आकर्षक लुक के लिए पर्दे काफी अच्छी पसंद रहते हैं। पर्दों के साथ कमरे की सजावट तो होती ही है, साथ-साथ वहां धूप और सूरज की रोशनी भी आसानी से नहीं पहुंचती। अगर आप भी इस बात को लेकर परेशान है कि Drawing Room के लिए सही पर्दों का चुनाव कैसे करें, तो यहां कुछ विकल्पों के साथ विस्तार से जानकारी मिल जाएगी। इसके साथ ही आप वहां की साज-सज्जा के लिए सही तरह से Curtains चनने की कुछ सुझावों को भी देख सकते हैं।
ड्रॉइंग रूम के लिए किस तरह के पर्दे सही रहेंगे?
ड्रॉइंग रूम के लिए अगर आप कुछ आकर्षक व हाई क्वालिटी पर्दों की तलाश में हैं तो ब्लैकआउट स्टाइल वाले पर्दे सबसे अच्छी पसंद हो सकते हैं। जी हां! इन पर्दों की खासियत होती है कि यह गर्मी में कमरे को ठंडा और सर्दियो में गर्म रखने में मदद करेंगे। तेज आवाज को कमरे में आने से रोक्ते हुए ये सूरज की तेज रोशनी और धूप को भी अंदर प्रवेश नहीं करने देंगे। इनके अलावा आप ड्रॉइंग रूम को एक आधुनिक लुक देने के लिए आप पतले-पतले धागों से बनाए गए पर्दों का बी चयन कर सकते हैं, जो कमरे के दो हिस्सों को बांटने के काफी काम आ सकते हैं। ड्रॉइंग रूम में नेट मटेरियल से बने पर्दे भी लगाने पर काफी सुंदर लगते हैं, जिनके साथ सजावट काफी आकर्षक बनती है, और ये हल्की धूप व रोशनी को भी अंदर आने देते हैं।
किस तरह के कपड़े से बने पर्दे ड्रॉइंग रूम के लिए हो सकते हैं सही?
मार्केट में वैसे तो अलग-अलग मटेरियल से बने पर्दों की बड़ी रेंज देखने मिल जाएदगी, जिनमें से आप अपनी पसंद, बजट व सजावट के हिसाब से किसी को भी चुन सकते हैं। सर्दी हो या गर्मी कॉटन मटेरियल से बने पर्दे आपके लिविंग रूम के लिए हमेशा सही पसंद हो सकते हैं। इनमें आपको ब्लैक आउट से लेकर पारदर्शी हर तरह की डिजाइन वाले विकल्प मिल जाएंगे। इसके अलावा लिनेन मटेरियल से बने Room Curtains को भी लोग उनकी क्वालिटी के लिए काफी पसंद करते हैं। लिनेन के पर्दे काफी टिकाऊ होते हैं और इनमें आपको अलग-अलग रंगों व डिजाइन वाले विकल्प की बड़ी वैरायटी देखने को मिलेगा। इसके अलावा पॉलिस्टर, नेट, मिक्स कॉटन और वेल्वेट मटेरियल से बने पर्दे भी काफी बढ़िया हो सकते हैं और सजावट में भी मददगार रहेंगे।
अपने ड्रॉइंग रूम के लिए पर्दों का चुनाव करते वक्त इन बातों को ध्यान में रखें
- अपको जिस दरवाजे, खिड़की या हिस्से पर पर्दे लगाने है उसकी लंबाई व चौड़ाई का सही माप लेने के बाद ही पर्दों का चुनाव करना चाहिए। बहुत ज्यादा छोटे पर्दे चीजों को ठीक से ढकेंगे नहीं और बड़े पर्दे सजावट को पूरी तरह से बिगाड़ सकते हैं।
- ड्रॉइंग रूम की कलर स्कीम और सजावट की बाकी चीजों को ध्यान में रखने के बाद ही वहां के लिए पर्दे चुनने चाहिए। अगर आप सही रंगों वाले पर्दे का चुनाव नहीं करेंगे तो कमरे की सजावट खराब हो सकती है।
- ऐसे मटेरियल से बने पर्दे चुनें जिनका रंग आसानी से फीका न पड़े और जिन्हें आसानी से घर पर ही धोया भी जा सके। हाई क्वालिटी मटेरियल से बने पर्दे सालों-साल इस्तेमाल किए जा सकते हैं और धूप की वजह से वे आसानी से खराब भी नहीं होंगे।
- जिस रॉड या पेलमेट पर पर्दों को टांगना है उसके वजन का अंदाजा होना भी काफी जरूरी है। बहुत भारी पर्दों की वजह से रॉड के गिरने की संभावना हो सकती है।
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किस तरह के पर्दे लिविंग रूम के लिए बढ़िया हो सकते हैं?
लिविंग रूम के पर्दों के लिए वेल्वेट का कपड़ा सबसे लोकप्रिय विकल्प है, क्योंकि इसका वजन, बनावट और टेक्श्चर बहुत अच्छे होते हैं। हालांकि, अगर रोशनी को अंदर आने देना आपकी प्राथमिक ज़रूरत है, तो हल्का, पारदर्शी कपड़ा बेहतर रहेगा।
आजकल ट्रेंड में किस तरह के पर्दे हैं?
पर्दों में मौजूदा चलन प्राकृतिक, Organic Material, न्यूनतम डिजाइन और आकर्षक लुक की ओर है। विशेष रूप से, मिट्टी के रंगों, फ्लोरल पैटर्न व लिनन और बांस जैसी टिकाऊ सामग्रियों के माध्यम से इंटीरियर में प्रकृति को शामिल करने पर मजबूत किया जा रहा है।
किस तरह के रंगों के पर्दे लिविंग रूम के लिए सही रहेंगे?
हल्के रंग के पर्दे कमरे को ज़्यादा खुला और चमकदार बना सकते हैं, जबकि गहरे रंग आरामदेह बनाते हैं, लेकिन जगह को छोटा भी बना सकते हैं। जब पैटर्न की बात आती है, तो पैमाना और आकार मायने रखते हैं। पैटर्न का आकार कमरे और उसके साज-सामान के पैमाने से मेल खाना चाहिए।
क्या ब्लैकआउट पर्दों को ड्रॉइंग रूम में लगा सकते हैं?
हां ड्रॉइंग रूम में ब्लैकआउट पर्दों का उपयोग करने का सबसे फायदा है कि वे अन्य पर्दे की तुलना में प्रकाश को बेहतर तरीके से रोकेंगे ब्लैकआउट पर्दे कमरे को इन्सुलेट करने में मदद करके ऊर्जा दक्षता में सुधार करते हैं। ब्लैकआउट पर्दे मोटे होते हैं, इसलिए वे बाहरी शोर को कम करने में भी मदद करते हैं।