How To Reach Chhatarpur Temple Delhi: नवरात्रि के पावन दिनों में मां दुर्गा के अलग-अलग रूपों की पूजा का विशेष महत्व होता है। नवरात्रि का छठा दिन जगत जननी मां कात्यायनी को समर्पित है, जिनकी आराधना से जीवन के सभी संकट और भय दूर हो जाते हैं। अगर आप शारदीय नवरात्र के मौके पर मां के छठे रूप के दर्शन करना चाहती हैं, तो राजधानी दिल्ली में स्थित प्रसिद्ध श्री आद्या कात्यायनी शक्ति पीठ (छतरपुर मंदिर) आपके लिए खास जगह है। नीचे लेख में पढ़ें मां कात्यायनी के मंदिर जाने का पूरा टूर गाइड।
दिल्ली में मां कात्यायनी का मंदिर कहां है?
दिल्ली में मां कात्यायनी को समर्पित श्री आद्य कात्यायनी शक्तिपीठ मंदिर, जिसे आमतौर पर छतरपुर मंदिर के नाम से जाना जाता है। यह दक्षिण दिल्ली के छतरपुर क्षेत्र में स्थित है। यह भारत के सबसे विशाल मंदिर परिसरों में से एक है, जो लगभग 70 एकड़ भूमि में फैला हुआ है।
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मंदिर आम दिनों में सुबह 6:00 बजे से रात 10:00 बजे तक खुला रहता है। हालांकि, दोपहर में लगभग 12:00 बजे से 4:00 बजे के बीच कुछ समय के लिए पट बंद रहते हैं। मंदिर में सुबह और शाम के समय नियमित आरती संपन्न होती है, जिसका समय मौसम और विशेष पर्वों के अनुसार निर्धारित होता है। नवरात्रि के पावन दिनों में यहां दर्शन और आरती का विशेष विधान होता है, जिसमें शामिल होने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं।
दिल्ली में मां कात्यायनी के मंदिर के आसपास कहां रुक सकती हैं?
छतरपुर मंदिर के पास ठहरने के लिए कई अच्छे ऑप्शन्स हैं। मंदिर ट्रस्ट के अपने परिसर में भी भक्तों के लिए धर्मशाला और कमरे (AC/Non-AC) उपलब्ध हैं, जिन्हें किफायती दामों पर बुक किया जा सकता है। इसके अलावा, छतरपुर और महरौली क्षेत्र में कई बजट होटल्स, गेस्ट हाउस और होमस्टे मिल जाते हैं। यदि आप चाहें तो दक्षिण दिल्ली के साकेत या महरौली इलाके में भी अपनी सुविधा के अनुसार आधुनिक होटल ले सकती हैं, जो मंदिर से कुछ ही मिनट की दूरी पर हैं।
दिल्ली में मां कात्यायनी का मंदिर कैसे पहुंचें?
छतरपुर मंदिर जाने का सबसे आसान साधन दिल्ली मेट्रो है। येलो लाइन पर स्थित 'छतरपुर मेट्रो स्टेशन' इस मंदिर का सबसे नजदीकी मेट्रो स्टेशन है। स्टेशन से मंदिर की दूरी लगभग 1 से 1.2 किलोमीटर है, जहां से आसानी से ई-रिक्शा, ऑटो-रिक्शा या लोकल साधन मिल जाते हैं।
दिल्ली के किसी भी कोने से कैब, ऑटो या टैक्सी बुक करके आप सीधे छतरपुर मंदिर पहुंचा सकती हैं। इसके अलावा इस रूट पर डीटीसी की बसें भी चलती हैं।
दिल्ली में खाने की मशहूर चीजें क्या हैं?
मंदिर दर्शन करने के दौरान दिल्ली के लजीज जायके का स्वाद लेना न भूलें। पुरानी दिल्ली के पराठे वाली गली के गरमा-गरम परांठे, चांदनी चौक की मशहूर चाट, गोलगप्पे और टिक्की तथा चावड़ी बाजार के छोले-कुल्चे मशहूर हैं। इसके अलावा, दिल्ली के विभिन्न कोनों पर मिलने वाले मोमोज, उत्तर भारतीय थाली और मलाई चाप भी खाने के शौकीनों के बीच काफी पॉपुलर हैं। मंदिर परिसर के आस-पास आप शुद्ध सात्विक भोजन और फलाहार आसानी से मिल जाएगा।
दिल्ली में इस मंदिर के अलावा कहां-कहां जा सकते हैं?
छतरपुर मंदिर के दर्शन के बाद आप दक्षिण दिल्ली के अन्य ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों की सैर कर सकती हैं। मंदिर से महज कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर कुतुब मीनार और महरौली आर्कियोलॉजिकल पार्क स्थित है। इसके अलावा आप इन जगहों पर भी जा सकती हैं-
- लोटस टेंपल
- अक्षरधाम मंदिर
- इंडिया गेट
- लाल किला
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दूसरे शहर से दिल्ली पहुंचने के लिए कौन-कौन से व्हीकल्स हैं?
- हवाई मार्ग- अगर आप किसी दूसरे राज्य से आ रही हैं, तो इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (IGI Airport, Delhi) सबसे नजदीक है, जो मंदिर से लगभग 12 किलोमीटर दूर है। हवाई अड्डे से कैब या मेट्रो द्वारा आसानी से मंदिर पहुंचा जा सकता है।
- रेल मार्ग- दिल्ली देश के सभी प्रमुख शहरों से रेल नेटवर्क से अच्छी तरह जुड़ा है। हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन और पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन मुख्य जंक्शन हैं, जहां से मेट्रो या टैक्सी के जरिए छतरपुर पहुंचना आसान है।
- सड़क मार्ग- अगर आप आसपास के राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान से हैं, तो राष्ट्रीय राजमार्गों के जरिए बस या अपनी निजी गाड़ी से आसानी से दिल्ली आ सकती हैं।
मां कात्यायनी मंदिर दर्शन के लिए कितने दिन का ट्रेवेल प्लान करें?
अगर आप किसी दूसरे शहर से दिल्ली में मां कात्यायनी (श्री आद्य कात्यायनी शक्तिपीठ मंदिर) के दर्शन के लिए आ रही हैं, तो 3 दिन का प्लान बनाना सही रहेगा। पहले दिन दिल्ली पहुंचकर होटल में विश्राम करने के बाद शाम को छतरपुर मंदिर की भव्य आरती और छठा नवरात्रि का माहौल देख सकती हैं।
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दूसरे दिन मंदिर के मुख्य गर्भ गृह में मां के दर्शन, परिसर के अन्य मंदिरों और पास के ऐतिहासिक स्थलों की सैर तथा दिल्ली के मशहूर व्यंजनों का आनंद लिया जा सकता है। तीसरे दिन आप चाहें तो दिल्ली के अन्य प्रसिद्ध मंदिरों या बाजारों की यात्रा करके अपने गृह नगर लौट सकती हैं।
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नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी के दर्शन करने का मन है, तो छतरपुर, दिल्ली जा सकती हैं। साथ ही अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।
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