Maa Kalratri Temple Varanasi Tour Guide: शारदीय नवरात्रि के शुभ मौके पर लोग मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना करते हैं। इसके साथ ही लोग मां के अलग-अलग स्वरूपों के दर्शन भी करते हैं। अगर आप इस पावन अवसर पर मां दुर्गा के सातवें स्वरूप मां कालरात्रि के दर्शन करना चाहती हैं, तो वाराणसी जा सकती हैं। इस मौके पर यहां पर लाखों की संख्या में लोग आते हैं, क्योंकि ऐसा माना जाता है कि माता के इस रूप के दर्शन करने से सारे भय और संकट दूर हो जाते हैं। आज के इस लेख में हम आपको काशी के इस मंदिर में जाने का पूरा टूर गाइड बताने जा रहे हैं।

मां कालरात्रि का मंदिर कहां है?

मां कालरात्रि का मंदिर कालिका गली (गोदौलिया क्षेत्र के पास), काशी में स्थित है। मुख्य श्री काशी विश्वनाथ मंदिर और विश्वनाथ कॉरिडोर के करीब होने के कारण आप यहां आसानी से पहुंच सरती हैं। अगर आप अपने वाहन से आ रही हैं, तो एक बात का ध्यान रखें कि मंदिर गलियों के अंदर होने के कारण यहां पर व्हीकल्स आने में दिक्कत होती है। ऐसे में आपको कुछ दूरी पैदल या रिक्शे से तय करनी होगी।

मां कालरात्रि मंदिर जाने का सही समय क्या है?

अगर आप नवरात्रि सप्तमी के मौके पर काशी स्थित कालरात्रि मां के मंदिर जा रही हैं, तो मंदिर के पट खुलने और बंद होने के समय के बारे में पता होना बहुत जरूरी है। ऐसा इसलिए क्योंकि सप्तमी तिथि को मां कालरात्रि के दर्शन के लिए भारी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। सुबह 4:00 बजे से सुबह 9:00 बजे तक का समय दर्शन के लिए सही माना जाता है।

इस दौरान भीड़ कम होती है और आप आराम से दर्शन सकती हैं। नवरात्रि की सप्तमी के दिन विशेष पूजा और पट खुलने के समय लंबी कतारें लग सकती हैं, इसलिए कम से कम 1 से 2 घंटे का एक्स्ट्रा समय लेकर चलें।

मां कालरात्रि मंदिर के आसपास कहां रुक सकती हैं?

काशी में आपको हर बजट और जरूरत के हिसाब से ठहरने के ऑप्शंस मिल जाएंगे। महिला यात्रियों या परिवारों के लिए गोदौलिया, चौक और रथयात्रा वाला एरिया सेफ और सुविधाजनकर माने जाते हैं। यहां पर होटल और गेस्ट हाउस के लिए गोदौलिया और मैदागिन के पास आपको कई अच्छे और किफायती गेस्ट हाउस मिल जाएंगे।

मां कालरात्रि मंदिर कैसे पहुंचें?

अगर आप दूसरे शहर से काशी जा रही हैं, तो आप हवाई मार्ग, रेल मार्ग और सड़क के रास्ते जा सकती हैं। नीचे जानें कैसे-

  • हवाई जहाज से- लाल बहादुर शास्त्री अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (बाबतिया एयरपोर्ट) वाराणसी शहर से लगभग 25 किमी दूर है। एयरपोर्ट से आप कैब या टैक्सी लेकर सीधे गोदौलिया या मैदागिन तक पहुँच सकती हैं।
  • ट्रेन से- वाराणसी जंक्शन (कैंट रेलवे स्टेशन) और पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन (DDU) मुख्य रेलवे स्टेशन हैं। कैंट स्टेशन से ऑटो, ई-रिक्शा या कैब के जरिए आसानी से गोदौलिया पहुँचा जा सकता है।
  • सड़क से- उत्तर प्रदेश और आसपास के राज्यों से बसें नियमित रूप से वाराणसी के लिए चलती हैं।

वाराणसी में क्या खाएं?

काशी का नाम आते ही लोगों के दिमाग में मलाइयो, कचौड़ी और जलेबी का नाम घूमने लगता है। ऐसे में अगर आप नवरात्रि के मौके पर या बाद में मां कालरात्रि के दर्शन के लिए जाए, तो आप यहां सुबह की शुरुआत गर्मागर्म कचौड़ी-जलेबी और साथ में तीखी आलू की सब्जी के साथ करें।

इसके बाद गोदौलिया और चौक की चाट, चूड़ा मटर और बाटी-चोखा का स्वाद जरूर चखें। इसके बाद यहां की मलाई-मक्खन और ठंडी-ठंडी बनारसी ठंडाई आपकी थकान को पल भर में दूर कर देगी। आखिर में काशी का मशहूर बनारसी पान जरूर खाएं।

इस लेख में दी गई जानकारी से आप आसानी से काशी में स्थित मां कालरात्रि के दर्शन के लिए जा सकती हैं। अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।

Image Credit-pinterest (dipak pakrasi)