श्रीखंड महादेव ट्रेक भारत के सबसे मुश्किल ट्रेक में से एक माना जाता है। खड़ी चढ़ाई, पतली सड़कें और ऊंचे पडाड़, बारिश के मौसम में फिसलन वाले हो जाते हैं। ऐसे में सावन में जो भी यात्री यहां घूमने का प्लान कर रहे हैं, उन्हें चढ़ाई करते समय अपनी सेफ्टी का खास ध्यान रखना चाहिए। पहली बार जा रहे यात्रियों को यहां पहुंचने में परेशानी भी होती है, क्योंकि उन्हें ट्रैक के बारे में पूरी जानकारी नहीं होती। आप भी अगर चंडीगढ़ से श्रीखंड महादेव ट्रेक पर जाने का प्लान कर रही हैं, तो यह आर्टिकल आपके काम आएगा। आज के इस आर्टिकल में हम आपको ट्रेक से जुड़ी सभी जरूरी जानकारी विस्तार से बताएंगे।

चंडीगढ़ से श्रीखंड महादेव कैसे जाएं?

श्रीखंड महादेव मंदिर हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में स्थित है। इसकी ऊंचाई लगभग 18,570 फीट है। यहां पर स्थित शिवलिंग की ऊंचाई लगभग 70 से 75 फीट है।

चंडीगढ़ से श्रीखंड महादेव पहुंचने के लिए सस्ता ऑप्शन

  • चंडीगढ़ से आप बस से यात्रा के लिए निकलें, यह सबसे सस्ता और अच्छा साधन है।
  • अपनी कार या बाइक से जाने का प्लान कर रही हैं, तो ध्यान रखें कि पहाड़ी रास्तों पर अनुभवी ड्राइविंग की जरूरत होती है।
  • रूट- चंडीगढ़ से पहले शिमला फिर नारकंडा और उसके बाद बागीपुल होते हुए आपको जाओ गांव पहुंचना होता है।
  • जाओ गांव से श्रीखंड महादेव ट्रेक की शुरुआत होती है।

इस यात्रा को आप बस, कैब या बाइक जैसे भी पूरा करते हैं, इसमें आपको लगभग 10 से 12 घंटे का समय लग जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि, बस पूरे दिन नहीं मिलती और सड़क की स्थिती पर ही यात्रा निर्भर करती है।

चंडीगढ़ से श्रीखंड महादेव पहुंचने का रूट क्या है?

सबसे पहले आपको चंडीगढ़ से ऐसी जगह के लिए बस लेनी होगी, जो जाओ गांव के नजदीक हो। ऐसा इसलिए, क्योंकि श्रीखंड महादेव ट्रेक की शुरुआत इसी गांव से होती है।

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कैसे शुरुआत करें?

  • चंडीगढ़ से रामपुर, निरमंड या नारकंडी तक के लिए लोकल बस लेनी होगी।
  • नारकंडा से जाओ गांव की दूरी लगभग 3 घंटे की है।
  • निरमंड से जाओ गांव की दूरी लगभग 7 घंटे की है।
  • अगर आपको इन रूट के लिए बस नहीं मिल रही है, तो सबसे पहले शिमला के लिए बस लें।
  • चंडीगढ़ से शिमला की बस मिलना आसान है।
  • शिमला पहुंचने के लिए आप नारकंडा या जाओ गांव तक के लिए टैक्सी या बस ले सकते हैं।
  • जाओ गांव के लिए बस नहीं मिल रही है, तो आप नारकंड के लिए पहले बस लें।
  • शिमला से नारकंडा लगभग 2 घंटे की दूरी पर है।
  • इसके बाद नारकंडा से शेयरिंग कैब आपको जाओ गांव ले जाएगी।

श्रीखंड महादेव ट्रेक की कुल दूरी कितनी है?

जाओ गांव से श्रीखंड महादेव तक एक तरफ की पैदल दूरी लगभग 40 किलोमीटर मानी जाती है। पहाड़ी रास्तों की वजह से ट्रेक करना मुश्किल होता है, इसलिए समय ज्यादा लग जाता है। इस ट्रेक को आप दूसरे ट्रेक की तरह आसान नहीं समझ सकते, क्योंकि चढ़ाई, ऊंचाई और पथरीले रास्ते की वजह से चलना आसान नहीं होता।

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श्रीखंड महादेव ट्रेक का पड़ाव क्या है?

  • पहला पड़ाव- सबसे पहले यात्री जाओ से सिंहगाड़ तक पहुंचते हैं। इसके आगे थाचड़ू पड़ता है, बहुत कम लोग ही पहले दिन थाचड़ू तक पहुंत पाते हैं।
  • दूसरा पड़ाव- दूसरे दिन फिर थाचड़ू से काली घाटी तक जाना होता है। यहां से होते हुए कोशिश करें कि आप आगे भीम डवारी तक पहुंच जाएं।
  • तीसरा पड़ाव- यह सबसे जरूरी पड़ाव होता है, जिसमें आप अगले दिन भीम डवारी से श्रीखंड महादेव के लिए चढ़ाई करते हैं।

ट्रेक पूरा करने में कितने दिन लगते हैं?- जो लोग शारीरिक रूप से फिट हैं, उन्हें यात्रा करने में लगभग 4 से 5 दिन लग जाते हैं। ऐसे में जो लोग पहली बार ट्रेकिंग के लिए जा रहे हैं, उनको यह यात्रा खत्म करने में 7 दिन लग सकते हैं।

यहां ट्रेकिंग का प्लान बना रहे यात्री ध्यान रखें कि महादेव के दर्शन के बाद उसी दिन आपको वापस भीम डावरी पहुंचकर कैंप में रात गुजारनी पड़ती है। ऐसे में यात्रा की प्लानिंग सही से नहीं करेंगे, तो महादेव के दर्शन से पहले ही आपको नीचे आना पड़ जाएगा। इसके बाद बाकी का समय आपको वापस जाओ गांव तक नीचे आने में लगता है।

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Image Credit: Magnific, shrikhandmahadevyatra official website