आज के समय में लोग बाजार से सामान मंगवाने के बजाय ऑनलाइन खरीदना पसंद करते हैं। जब भी ऑनलाइन सामान घर आता है, तो वह भूरे रंग के पैकेट या कार्डबोर्ड बॉक्स में होता है। आमतौर पर हम रोजाना इस्तेमाल होने वाली चीजों के रंग और बनावट पर ज्यादा ध्यान नहीं देते हैं, लेकिन इसके पीछे एक खास वजह होती है। इसी प्रकार, ऑनलाइन डिलीवरी बॉक्स का भूरा होने के पीछे भी एक ठोस कारण है। आज के इस लेख में हम आपको डिलीवरी वाले कार्टन बॉक्स के भूरे रंग के होने की उसी वजह के बारे में बताने जा रहे हैं।
ऑनलाइन डिलीवरी कार्टून बॉक्स का रंग भूरा होने का कारण
हम सभी के घर हफ्ते या महीने में एक बार ऑनलाइन मंगवाया गया सामान तो जरूर आता है। इस दौरान मिलने वाले बॉक्स का रंग भूरा क्यों होता है, इसके पीछे की वजह बहुत कम लोगों को पता होगी। अगर आप भी इस बात से अनजान है, तो नीचे 5 प्वाइंट में समझें-
1. अनब्लिच्ड क्राफ्ट पेपर का इस्तेमाल
डिलीवरी कार्डबोर्ड बॉक्सों को बनाने के लिए जिस कागज का इस्तेमाल किया जाता है, उसे क्राफ्ट पेपर कहा जाता है। क्राफ्ट पेपर को लकड़ी के गूदे से तैयार किया जाता है। प्राकृतिक रूप से लकड़ी का गूदा भूरे रंग का ही होता है। बक्से को मजबूत बनाने के लिए इसके नेचुरल फॉर्म में ही इस्तेमाल किया जाता है, जिस वजह से इसका रंग भूरा रहता है।
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2. लागत में होती है बचत
किसी भी कागज को सफेद या किसी अन्य रंग में बदलने के लिए ब्लीच करने वाला प्रोसेस जोड़ना पड़ेगा। ब्लीचिंग की इस प्रक्रिया में केमिकल और अन्य चीजों की जरूरत होती है, जिससे लागत काफी बढ़ जाती है। चूंकि ये बॉक्स सिर्फ सामान ढोने और एक बार इस्तेमाल होने के लिए होते हैं, इसलिए कंपनियां इन्हें सस्ता रखने के लिए ब्लीच नहीं करतीं। भूरे रंग के बॉक्स सबसे किफायती पड़ते हैं।
3.कार्डबोर्ड बॉक्स होते हैं मजबूत
रासायनिक ब्लीचिंग की प्रक्रिया से कागज के रेशे कमजोर हो जाते हैं। इसके विपरीत, अनब्लिच्ड क्राफ्ट पेपर के रेशे प्राकृतिक रूप से बहुत मजबूत और लंबे होते हैं। यही कारण है कि भूरे रंग के कार्टून बॉक्स भारी वजन को आसानी से सहन कर लेते हैं और जल्दी फटते या मुड़ते नहीं हैं। यह लंबी दूरी की यात्रा के लिए सबसे सुरक्षित विकल्प है।
4. पर्यावरण के लिए होते हैं सुरक्षित
भूरे रंग के ये बॉक्स पूरी तरह से बायोडिग्रेडेबल और रीसाइक्लिंग के लिए सबसे उपयुक्त होते हैं। चूंकि इनमें कम से कम केमिकल्स का इस्तेमाल होता है, इसलिए ये प्रकृति को नुकसान नहीं पहुंचाते और आसानी से दोबारा नए कागज या डिब्बे बनाने में इस्तेमाल किए जा सकते हैं।
5. गंदगी और धूल का कम दिखना
डिलीवरी के दौरान ये बक्से गोदामों, ट्रकों और रास्तों की धूल-मिट्टी से होकर गुजरते हैं। यदि ये डिब्बे सफेद रंग के होते, तो थोड़ी सी भी धूल या दाग लगने पर बहुत गंदे और खराब दिखते। भूरे रंग पर धूल और छोटे-मोटे निशान आसानी से नजर नहीं आते, जिससे सामान साफ-सुथरा और प्रोफेशनल दिखता है।
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