सावन का महीना भगवान श‍िव की भक्‍त‍ि के ल‍िए सबसे खास माना जाता है। इस पूरे महीने श‍िव मंद‍िरों में भक्‍तों की भीड़ देखने को म‍िलती है। कोई जलाभ‍िषेक करता है, तो कोई बेलपत्र, धतूरा और फूल अर्पित करता है। वैसे तो भगवान श‍िव को सादगी ही पसंद है और उनकी पूजा में द‍िखावे से ज्‍यादा सच्‍ची श्रद्धा को महत्‍व द‍िया जाता है। फ‍िर भी धार्मिक मान्‍यताओं के अनुसार, कुछ फूल ऐसे हैं ज‍िन्‍हें श‍िवल‍िंग पर चढ़ाना बेहद शुभ माना जाता है।

ऐसा कहा जाता है क‍ि इन फूलों को पूजा में इस्‍तेमाल करने से भोलेनाथ जल्‍दी प्रसन्‍न होते हैं। भक्‍तों की कामना पूरी करते हैं। अगर आप भी सावन में श‍िव जी की पूजा करती हैं तो जान लीज‍िए क‍ि कौन से 5 फूल सबसे खास माने जाते हैं और उनका धार्मिक महत्‍व क्‍या है? आइए जानते हैं-

धतूरे का फूल

बलरामपुर के ज्‍योत‍िषाचार्य न‍िर्मल पंड‍ित ने बताया क‍ि भगवान शिव को धतूरा बहुत प्रिय है। धार्मिक मान्यता है कि समुद्र मंथन के समय निकले विष को पीने के बाद शिवजी को ठंडक पहुंचाने के लिए धतूरा अर्पित किया गया था। तभी से भगवान शिव की पूजा में इसका खास महत्व है। सावन में धतूरे का फूल या फल श्रद्धा से चढ़ाने की परंपरा है। बस ध्‍यान रखें क‍ि धतूरा एक जहरीला पौधा होता है। इसे खाने या किसी घरेलू इलाज में इस्तेमाल न करें।

आक (आकड़ा) का फूल

आक के फूल को भी भगवान शिव की पूजा में शुभ माना जाता है। सफेद या बैंगनी कलर का ये फूल शिवलिंग पर अर्पित किए जाते हैं। ऐसा माना जाता है क‍ि आक का फूल चढ़ाने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और इससे जीवन की परेशानियां भी दूर हो सकती हैं।

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चमेली का फूल

अगर आपको मन की शांति और सुख-समृद्धि चाह‍िए, तो चमेली का फूल भी शिवजी को चढ़ा सकती हैं। कई जगहों पर सावन के सोमवार में चमेली के फूल चढ़ाने की परंपरा भी निभाई जाती है।

कनेर का फूल

कनेर के फूल भी भगवान शिव की पूजा में इस्तेमाल किए जाते हैं। सफेद, पीले और गुलाबी रंग के कनेर के फूल आसानी से मिल भी जाते हैं। धार्मिक मान्यता है कि इन्हें श्रद्धा से चढ़ाने पर भगवान शिव की कृपा बनी रहती है। बस पूजा में हमेशा ताजे और साफ फूल ही अर्पित करें।

हरसिंगार (पारिजात) का फूल

कई धार्मिक परंपराओं में हरसिंगार के फूलों को भी भगवान शिव की पूजा के लिए शुभ माना गया है। आप इन फूलों को श्रद्धा से अर्पित कर सकती हैं। कहते हैं क‍ि भगवान श‍िव इन फूलों से प्रसन्‍न होते हैं।

फूल चढ़ाते समय इन बातों का रखें ध्यान

भगवान श‍िव की पूजा में फूल अर्पित करते समय कुछ बातों का ध्‍यान रखना चाह‍िए। जैसे-

  • भगवान शिव को हमेशा ताजे और साफ फूल ही अर्पित करें।
  • मुरझाए या गंदे फूल पूजा में इस्तेमाल न करें।
  • फूल श्रद्धा और साफ मन से ही अर्पित करें।
  • शिव पूजा में फूलों के साथ बेलपत्र, जल और अगर संभव हो तो कच्चा दूध भी अर्पित किया जा सकता है।
  • पूजा का सबसे जरूरी हिस्सा सच्ची भक्ति और श्रद्धा मानी जाती है।

क्या हर फूल शिवजी को चढ़ाया जा सकता है?

धार्मिक मान्यता है क‍ि भगवान शिव की पूजा में कुछ फूलों का इस्तेमाल नहीं किया जाता। उदाहरण के लिए केतकी (केवड़ा) का फूल शिव पूजा में नहीं चढ़ाया जाता। इसके पीछे शिव पुराण में एक प्रसिद्ध कथा का उल्लेख भी मिलता है। इसलिए पूजा में वही फूल चढ़ाएं जिन्हें धार्मिक परंपरा में शुभ माना गया है।

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सावन में भगवान शिव की पूजा करते समय धतूरा, आक, चमेली, कनेर और हरसिंगार जैसे फूलों का विशेष महत्व माना गया है। हालांकि यह ध्यान रखना जरूरी है कि भगवान शिव केवल फूलों से नहीं, बल्कि सच्ची श्रद्धा और भक्ति से प्रसन्न होते हैं। साथ ही अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।

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