Ancient Temple In Lucknow: गर्मी की छुट्टी में अक्सर लोग देश-दुनिया की मशहूर जगहों पर जाते हैं। वहीं कुछ लोग प्राचीन मंदिर और सदियों पुरानी जगहों पर जाना पसंद करते हैं। अगर आप भी उनमें से एक हैं, तो आज के इस लेख में हम आपको एक ऐसे मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं, जो 10-12 साल नहीं बल्कि 400 साल पुराना है। यह मंदिर उत्तर प्रदेश की राजधानी में स्थित है। अगर आप भी सदियों पुरानी जगहों या धार्मिक जगहों पर जाना पसंद है, तो एक बार लखनऊ के इस ऐतिहासिक मंदिर में जरूर जाएं। नीचे लेख में आज हम आपको इस मंदिर की लोकेशन और खासियत के बारे में बताने जा रहे हैं।

लखनऊ में कहां स्थित है द्वारकाधीश जी का मंदिर?

400 साल पुराना द्वारिकाधीश जी का मंदिर लखनऊ के पुराने शहर के चौक के सोंधी टोला इलाके में स्थित है। वह मंदिर अपनी प्राचीनता के साथ-साथ सुंदर नक्काशी और वास्तुकला के लिए मशहूर है। इस मंदिर को लेकर ऐसी मान्यता है कि इस प्रतिमा में दिव्य आभा है और भगवान स्वयं अपने भक्तों की प्रार्थना सुनते हैं। यही कारण है कि दूर-दूर से लोग यहां आकर दर्शन और पूजा-अर्चना करते हैं।

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प्राचीन द्वारकाधीश जी का मंदिर कितने बजे खुलता है?

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्थित प्राचीन द्वारकाधीश जी का मंदिर खुलने का समय रोजाना सुबह 6:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक और शाम को 4:00 बजे से रात 9:00 बजे तक है।

मथुरा के प्रसिद्ध मंदिर की तर्ज पर बना है मंदिर

द्वारिकाधीश मंदिर की वास्तुकला काफी हद तक मथुरा के प्रसिद्ध द्वारकाधीश मंदिर से प्रेरित मानी जाती है। मंदिर की नक्काशी, शिल्पकला और स्थापत्य शैली इसे बेहद आकर्षक बनाती है। यहां आने वाले कई श्रद्धालु और पर्यटक कहते हैं कि मंदिर का वातावरण उन्हें मथुरा की धार्मिक अनुभूति कराता है।

जन्माष्टमी पर उमड़ता है भक्तों का सैलाब

भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित होने के कारण यहां जन्माष्टमी का पर्व विशेष धूमधाम से मनाया जाता है। इस अवसर पर मंदिर को भव्य रूप से सजाया जाता है और हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। भजन-कीर्तन, धार्मिक अनुष्ठान और विशेष पूजा का आयोजन किया जाता है। मंदिर परिसर में भक्तिमय माहौल देखने लायक होता है।

धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है यह मंदिर

द्वारिकाधीश मंदिर केवल पूजा का स्थान नहीं है, बल्कि यह लखनऊ की समृद्ध धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का भी प्रतीक है। सदियों से यह मंदिर लोगों की आस्था का केंद्र बना हुआ है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति के साथ-साथ इतिहास और परंपरा का भी अनुभव होता है। यही वजह है कि यह मंदिर लखनऊ के प्रमुख धार्मिक स्थलों में अपनी अलग पहचान रखता है।

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