Wild Banana: आमतौर पर हम बाजार से जो केला खरीदकर खाते हैं, वह बिल्कुल सॉफ्ट और बिना बीजों वाला होता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि असली या प्राकृतिक केला कैसा होता है? दरअसल, प्रकृति में एक ऐसा केला भी पाया जाता है जो काले और मोटे बीजों से पूरी तरह भरा होता है। इसे जंगली केला कहा जाता है। आज हम जो बिना बीज वाला केला मजे से खाते हैं, वह असल में इसी बीजों वाले जंगली केले का हाइब्रिड फॉर्म है। बीजों से भरा यह केला हमारे रोजाना खाने वाले साधारण केले से रंग-रूप, स्वाद और सेहत के मामले में काफी अलग और बेहद खास होता है। आज के इस लेख में हम आपको इस केले के बारे में बताने जा रहे हैं।

नॉर्मल केले से कितना अलग है बीजों वाला केला?

अगर आप बीजों वाले केले को पहली बार देखेंगे, तो इसका आकार आपको थोड़ा हैरान कर सकता है। यह हमारे नॉर्मल केले की तरह लंबा और चिकना नहीं होता, बल्कि थोड़ा छोटा, मोटा और सख्त होता है। सबसे बड़ा अंतर इसके अंदर देखने को मिलता है। जहां नॉर्मल केले में सिर्फ सॉफ्ट पल्प होता है। वहीं इस केले को छीलते ही आपको अंदर इलायची के दानों जैसे या उससे थोड़े बड़े, सख्त काले बीज दिखाई देंगे।

नॉर्मल केला काफी मीठा और मलाईदार होता है। वहीं बीजों वाले केले में गूदा बहुत कम होता है और बीज ज्यादा होते हैं। इसका स्वाद थोड़ा कम मीठा और कसैला हो सकता है। इसे नॉर्मल केले की तरह आसानी से फटाफट चबाकर नहीं खाया जा सकता, क्योंकि इसके सख्त बीज दांतों के नीचे आकर स्वाद का मजा बिगाड़ सकते हैं।

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इसे कैसे खाया जाता है?

इस केले में बीज बहुत ज्यादा होते हैं, इसलिए लोग इसे सीधा चबाकर खाने के बजाय इसका जूस या शेक बनाकर पीना पसंद करते हैं। जूस बनाने के बाद इसे छान लिया जाता है जिससे बीज अलग हो जाते हैं और इसका सारा पोषण आपको मिल जाता है। इसके अलावा, कई ग्रामीण इलाकों में इसके बीजों को सुखाकर उसका पाउडर बनाया जाता है, जिसका इस्तेमाल दवा के रूप में किया जाता है।

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