Chhat Geet Ho Deenanath Song Meaning In Hindi: छठ पूजा का पर्व बिहार के लोगों को विशेष महत्व रखता है। इस मौके पर अपने घर से दूर रह रहे लोग इस त्योहार पर अपने घर जरूर जाते हैं। इतना नहीं बल्कि इसका इंतजार लोगों को बेसब्री से रहता है। छठ पूजा से जुड़े गाने दिवाली के बाद से चारों-तरफ बजने लगते हैं। इसमें एक गाना ऐसा है, जिसे यूट्यूब पर लाखों नहीं करोड़ों में व्यूज मिलें। इसमे यकीनन अब आप सोच रही होंगी कि यह गाना कौन सा है, तो बता दें कि यह छठ पर्व का लोकप्रिय गीत हो दीनानाथ है, जिसमें सूर्य भगवान से गुहार लगाई जाती है। आज के इस लेख में हम आपको 'सोना सट कुनिया हो दीनानाथ...' छठ के इस गीत का मतलब और सूर्य देव से गुहार लगाने के पीछे की वजह के बारे में बताने जा रहे हैं।
हो दीनानाथ गाने के लिरिक्स
छठ पूजा के मौके पर पारंपरिक गीतों का खास महत्व होता है। इस दौरान होने वाले हर एक रस्म में महिलाएं लोकगीत गाती हैं। इसी में से शारदा सिन्हा का लोकप्रिय गीत हो दीनानाथ भी शामिल है। इसे यूट्यूब पर 4.3 करोड़ यानी 43 मिलियन बार देखा जा चुका है।
सोना सट कुनिया, हो दीनानाथ
हे घूमइछा संसार, हे घूमइछा संसार
आन दिन उगइ छा हो दीनानाथ
आहे भोर भिनसार, आहे भोर भिनसार
आजू के दिनवा हो दीनानाथ
हे लागल एती बेर, हे लागल एती बेर
बाट में भेटिए गेल गे अबला
एकटा अन्हरा पुरुष, एकटा अन्हरा पुरुष
अंखिया दियेते गे अबला
हे लागल एती बेर, हे लागल एती बेर
बाट में भेटिए गेल गे अबला
एकटा बाझिनिया, एकटा बाझिनिया
बालक दियेते गे अबला
हे लागल एती बेर, हे लागल एती बेर
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हो दीनानाथ गाने का मतलब (Chhat Puja Geet Ho Deenanath Meaning)
पद्मा भूषण सम्मानित शारदा सिन्हा के प्रसिद्ध गीत हो दीनानाथ में वो सूर्य देव से शिकायत करती हैं। आज हम आपको इस गीत के मतलब के बारे में बताने जा रहे हैं।
गीत के बोल- सोना सट कुनिया हो दीनानाथ, हे घूमइछा संसार हे घूमइछा संसार…आन दिन उगइ छा हो दीनानाथ, आहे भोर भिनसार आहे भोर भिनसार…आजू के दिनवा हो दीनानाथ, हे लागल एती बेर हे लागल एती बेर'
मतलब- शारदा सिन्हा द्वारा गाए गए इस गीत में इन लाइंस का मतलब है कि हे दीनानाथ आप बाकी दिनों में तो सुबह-सुबह उग जाते हैं, लेकिन आज अर्घ्य देने के दिन इतनी देर क्यों हो रही है?
गीत के बोल- बाट में भेटिए गेल गे अबला, एकटा अन्हरा पुरुष, अंखिया दिएइते गे अबला…बाट में भेटिए गेल गे अबला, एकटा बाझिनिया, बालक दिएइते गे अबला…बाट में भेटिए गेल गे अबला, एकटा कोडिया पुरुष, कायावा की एइते गे अबला..
मतलब- भक्त को गुहार लगाने के बाद सूर्य देव जवाब देते हैं कि रास्ते में मिले एक अंधे व्यक्ति को आंखों की रोशनी दे रहे थे। एक संतान की इच्छा रखने वाली महिला को संतान का सुख दे रहे थे। एक बीमार व्यक्ति को रोग से मुक्ति दिला रहे थे इसलिए उन्हें आने में देरी हो गई।
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निष्कर्ष
शारदा सिन्हा द्वारा गाया गया यह लोकप्रिय छठ गीत केवल एक लोकगीत नहीं, बल्कि भगवान सूर्य के प्रति श्रद्धा और विश्वास का प्रतीक है। यह गीत हमें सिखाता है कि निस्वार्थ भाव से की गई प्रार्थना पूरी होती है। अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहे हर जिंदगी से।
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