पंजाबी शादी में दुल्हन का लुक जितना खास होता है, उतनी ही खास उससे जुड़ी रस्में भी होती हैं। लाल चूड़ा, हाथों में लगी मेहंदी और कलाई पर लटकते कलीरे दुल्हन के लुक को पूरा करते हैं, लेकिन कलीरे सिर्फ सजने-संवरने के लिए नहीं होते हैं। दरअसल, पंजाबी शादियों में इनसे जुड़ी एक मजेदार रस्म भी होती है, जिसका इंतजार दुल्हन की सहेलियों और कुंवारी बहनों को रहता है।

पंजाबी शादियों में दुल्हन की कलाई से जुड़ा यह रिवाज क्या है?

दुल्हन अपनी कलाई में बंधे कलीरों को एक-एक करके लड़कियों के ऊपर झटकती है। जिस लड़की के ऊपर कलीरे का कोई हिस्सा गिर जाता है, उसे लेकर कहा जाता है कि अब अगली शादी उसी की होगी। इस दौरान शादी में मौजूद लड़कियों के बीच खूब हंसी-मजाक होता है और सभी की नजर कलीरे पर ही रहती है। आज का हमारा लेख भी इसी व‍िषय पर है। आइए जानते हैं क‍ि आखिर क्या है यह रस्म और दुल्हन कलीरे क्यों झटकती है?

क्या होता है कलीरा?

कलीरे दुल्हन की कलाई में पहना जाने वाला एक गहना है। इन्हें चूड़े के साथ बांधा जाता है और ये दुल्हन की कलाई से नीचे की तरफ लटकते रहते हैं। आपको बता दें क‍ि पंजाबी दुल्हनों के लुक में कलीरों की खास जगह होती है।

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शादी में कलीरे झटकने की रस्म क्या है?

चूड़ा पहनने के बाद दुल्हन की कलाई में कलीरे बांधे जाते हैं। इसके बाद शादी की एक मजेदार रस्म शुरू होती ह‍ै। इसमें दुल्हन अपने कलीरों को कुंवारी लड़कियों के सिर के ऊपर झटकती हैं। दुल्हन कलाई को हिलाती है और कलीरे नीचे की तरफ झूलते हैं। इस दौरान सभी लड़कियां इंतजार करती हैं कि कलीरे का कोई हिस्सा उसके ऊपर आ ग‍िरे।

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कैसे तय होता है अगली शादी का नंबर?

इस रस्म की सबसे दिलचस्प बात यही है। मान्यता है कि दुल्हन का कलीरा जिस कुंवारी लड़की के सिर पर गिरता है, इसका मतलब अगली शादी उसी की होने वाली ह‍ै। इसी वजह से कलीरे झटकने के समय दुल्हन की बहनों, सहेलियों और दूसरी कुंवारी लड़कियों में काफी एक्‍साइटमेंट रहती ह‍ै। कोई मजाक में पीछे हटती हैं तो कोई जानबूझकर दुल्हन के पास खड़ी हो जाती है। हालांकि, यह सिर्फ एक मान्यता है।

दुल्हन ही क्यों झटकती है कलीरे?

इस रस्म में दुल्हन के कलीरे को ही खास माना जाता है। शादी के मौके पर वह अपनी कलाई में कलीरे पहनती है और फिर इन्हीं को कुंवारी लड़कियों के ऊपर झटकती है। अगर कलीरे का कोई हिस्सा किसी लड़की के ऊपर गिर जाए तो इसे उसके लिए शुभ संकेत माना जाता है और मजाक-मजाक में कहा जाता है कि अब शादी की बारी उसकी है।

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चूड़े के साथ ही बंधते हैं कलीरे

कलीरे को दुल्हन के चूड़े से बांधा जाता है। पंजाबी शादी में चूड़ा भी दुल्हन के खास श्रृंगार का हिस्सा होता है। यह चूड़ा दुल्हन के मामा की तरफ से आता है। इसके बाद कलीरे बांधने की रस्म होती है। इस रस्म में परिवार की महिलाएं, बहनें और सहेलियां भी शाम‍िल होती हैं। इसके बाद कलीरे दुल्हन की कलाई में लटकाए जाते हैं और शादी के दौरान यह रस्म की जाती है।

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