मां और बेटे के रिश्ते के बारे में तो अक्सर बात की जाती है, लेकिन पिता और बेटे के रिश्ते के बारे में चर्चा जरा कम ही होती है। इस रिश्ते में भी जज्बात होते हैं, उम्मीदें होती हैं, शिकायते होती हैं, झगड़े होते हैं, लेकिन यह रिश्ता भी कम खूबसूरत नहीं होता है। खासकर, छोटे शहरों और मध्यमवर्गीय परिवारों में इस रिश्ते का फ्लेवर कुछ अलग होता है। यहां अक्सर आपको पिता और पुत्र के बीच अपेक्षाओं की ऊंची दीवार देखने को मिलेगी, लेकिन पल भर का प्यार उस दीवार को गिराने के लिए काफी होता है। ऐसी ही कहानी को परदे पर उतारा है फिल्म 'ओम का हरि' ने। आज के वक्त में कई ओटीटी सीरीज और फिल्में ये साबित कर चुकी हैं कि आज भी कंटेट ही असली किंग हैं और यह फिल्म भी कुछ ऐसा ही कर रही है। ओटीटी पर 'ये मेरी फैमिली, 'पंचायत' और 'गुल्लक' जैसी पारिवारिक वेब सीरीज ऑडियंस को पिछले कुछ वक्त में काफी पसंद आई हैं। ऐसे में देखना होगा कि क्या इसी तर्ज पर बनी यह फिल्म भी बड़े पर्दे पर ऐसा ही जादू चला पाती है? चलिए हम आपको बताते हैं कि हमारी तरफ से फिल्म का क्या रिव्यू है?
'ओम का हरि' स्टारकास्ट
| प्रमुख कलाकार | रघुबीर यादव, अंशुमन झा, सोनी राजदान, समझा सुदीक्षा और आयशा कपूर |
| डायरेक्टर | हरीश व्यास |
| ड्यूरेशन | 117 मिनट |
| जॉनर | कॉमेडी और फैमिली ड्राम |
| रिलीज डेट | 18 सितंबर |
'ओम का हरि' की कहानी क्या है?
'ओम का हरि' की कहानी भोपाल के शर्मा परिवार के हरि प्रसाद शर्मा और उनके बेटे ओम के इर्द-गिर्द घूमती है।
- हरि प्रसाद शर्मा (रघुबीर यादव) अपनी जिंदगी का बड़ा हिस्सा परिवार और अपने बच्चों को आगे बढ़ाने और उनकी जिंदगी को संवारने में लगा देते हैं। हरि प्रसाद एक सरकारी नौकरी में थे और रिटायर होने के बाद भजन का काम करते हैं।
- एक दिन वह भजत गाते हुए बेहोश हो जाते हैं और उन्हें लगता कि अब उनके पास ज्यादा वक्त नहीं बचा है। उन्हें लगने लगता है कि अब उनका आखिरी वक्त आ गया है और उन्हें यह आखिरी वक्त वाराणसी में बिताना चाहिए। यही से कहानी के प्लॉट में बदलाव शुरू होता है।
- हरि प्रसाद के दो बच्चे हैं बेटी गुड्डी (समता सुदीक्षा) और बेटा ओम (अंशुमन झा)। उनकी पत्नी सरोज (सोनी राजदान) गृहणी हैं।
- ओम और हरि के बीच का रिश्ता कुछ खास अच्छा नहीं है, क्योंकि हरि को लगता है कि ओम जिंदगी में उनके मन मुताबिक आगे नहीं बढ़ पाया है या जो मुकाम उसे हासिल करना चाहिए था, वो नहीं कर पाया है।
- वहीं ओम को लगता है कि उसके पिता ने कभी उसकी भावनाओं और जिंदगी के लिए उसके नजरिये को समझने की कोशिश ही नहीं की और जिंदगी भर उसके साथ सख्ती की और नाराजगी दिखाई।
- पिता की डांट से परेशान ओम अपनी पत्नी प्रिया (आयशा कपूर) के साथ अलग घर में रहता है, लेकिन जब उसके पिता वाराणसी जाने की बात कहते हैं, तो वो उन्हें अकेला नहीं छोड़ता है और उनके साथ चलता है, यही से कहानी बदल जाती है। भोपाल से वाराणसी जाने के इस सिर्फ में पिता और पुत्र के रिश्ते की कई पुरानी गांठे सुलझ जाती हैं।
कैसा है अभिनय?
फिल्म 'ओम का हरि' में सभी स्टार्स ने बहुत सधी हुई एक्टिंग की है और अपना रोल पूरी शिद्दत से निभाया है। रघुबीर यादव, पिता और अंशुमन झा, बेटे के रोल में जच रहे हैं। पूरी कहानी में कई और ऐसे कलाकार हैं, जिनका रोल छोटा है, लेकिन गहरा प्रभाव छोड़ता है। रघुबीर यादव इस फिल्म की जान हैं, वहींं सोनी राजदान और अंशुमन झा भी उनका बखूबी साथ दे रहे हैं।
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Om Ka Hari देखें या नहीं देखें?
अगर आपको हल्की-फुल्की पारिवारिक फिल्में देखना पसंद हैं, तो इसे पूरे परिवार के साथ जरूर देखें। हमारी तरफ से फिल्म को 3 स्टार्स।
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