World Osteoporosis Day 2026 हर साल 20 अक्टूबर को मनाया जाता है। इस दौरान लोगों को हड्डियों की सेहत के बारे में जागरुक किया जाता है। दरअसल, हमारी हड्डियां ही हैं, जो शरीर को सपोर्ट देती हैं और हमें चलने-फिरने में मदद करती हैं, लेकिन जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, हड्डियों की ताकत कम होने लगती है। ऑस्टियोपोरोसिस ऐसी ही एक बीमारी है, जिसमें हड्डियां धीरे-धीरे कमजोर और अंदर से कम घनी होने लगती हैं।
इसकी सबसे बड़ी परेशानी यह है कि शुरुआत में अक्सर कोई साफ लक्षण दिखाई नहीं देता है। कई लोगों को इस बीमारी का पता तब चलता है, जब मामूली गिरने या हल्की चोट लगने से ही हड्डी टूट जाती है। इसलिए शरीर में होने वाले कुछ छोटे बदलावों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। हम आपको अपने इस लेख में इसके शुरुआती लक्षण बता रहे हैं। आइए जानते हैं-
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ऑस्टियोपोरोसिस के शुरुआती संकेत क्या हैं?
आपको बता दें कि ऑस्टियोपोरोसिस बीमारी में शुरुआत में दर्द या कोई दूसरी परेशानी महसूस नहीं होती है। फिर भी कभी-कभार शरीर में कुछ बदलाव नजर आ जाते हैं। ऐसे में इन पर ध्यान देना जरूरी है।
- अगर पहले के मुकाबले आपकी लंबाई करीब एक इंच या उससे ज्यादा कम हो गई है, तो डॉक्टर से बात करें।
- खड़े होने या चलने के दौरान पीठ पहले से ज्यादा झुकी हुई लगे, तो भी इसे नजरअंदाज नहीं करें।
- पीठ के नीचे वाले हिस्से में दर्द कभी-कभी रीढ़ की हड्डियों में कमजोरी या दबाव से भी होने लगता है।
- मामूली गिरने या छोटी-सी चोट लगने से भी हड्डी का टूटना एक संकेत है।
- रीढ़ की हड्डियों में बदलाव होने पर कुछ लोगों को सांस लेने में भी दिक्कत हो सकती है।
इनमें से किसी एक संकेत का मतलब यह नहीं है कि आपको ऑस्टियोपोरोसिस ही है। सही वजह जानने के लिए डॉक्टर की सलाह जाकर जरूर लें।
ऑस्टियोपोरोसिस से किन लोगों को रहना चाहिए ज्यादा सावधान?
वैसे तो यह बीमारी किसी को भी हो सकती है, लेकिन कुछ लोगों में इसका खतरा ज्यादा रहता है। जैसे-
- 50 साल से ज्यादा उम्र के लोग।
- मेनोपॉज के बाद महिलाओं को।
- परिवार में पहले किसी को यह बीमारी रही हो।
- जिनका वजन कम है या शरीर की बनावट छोटी है।
- जो स्मोकिंग करते हैं या पर्याप्त विटामिन डी नहीं लेते।
- जो बहुत कम चलते-फिरते हैं।
- थायरॉइड की बीमारी, डायबिटीज या कुछ दूसरी बीमारियों से जूझ रहे लोग।
कुछ दवाएं लंबे समय तक लेने से भी हड्डियों पर असर पड़ता है, लेकिन दवाएं बंद करने से पहले डॉक्टर से बात करें।
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हड्डियों को मजबूत रखने के लिए क्या करें?
हड्डियों की सेहत का ध्यान रखने के लिए रोजाना की कुछ आदताें में आपको बदलाव करना चाहिए। जैसे-
- अपनी क्षमता के हिसाब से रोज वॉक करें।
- रोजाना एक्सरसाइज करने की आदत डालें।
- खाने में कैल्शियम वाली चीजें शामिल करें। जैसे दूध, दही, पनीर।
- विटामिन डी के सही लेवल के लिए डॉक्टर से सलाह लें।
- स्माेक न करें।
कब कराएं हड्डियों की जांच?
अगर आपकी उम्र 50 साल से ज्यादा है, पहले किसी चोट में हड्डी टूट चुकी है या कद और पीठ के आकार में बदलाव दिख रहा है, तो डॉक्टर से जाकर मिल लेना आपके लिए सही रहेगा।
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Source- https://my.clevelandclinic.org/health/diseases/4443-osteoporosis
