हम में से कई ऐसे लोग हैं जिनके घर पर इधर-उधर सामान बिखरे पड़े रहते हैं। कई लोग इसे आलस कहते हैं। लोगों को यही लगता है कि शायद इसे सफाई करना पसंद ही नहीं होगा, लेकिन हर बार जरूरी नहीं कि वजह यही हो। कई बार बिखरा हुआ कमरा या अस्त व्यस्त घर किसी की मेंटली और इमोशनल कंडीशन की ओर भी इशारा करता है। दरअसल, आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग कई तरह के प्रेशर से गुजर रहे हैं।
जॉब का स्ट्रेस, पैसों की चिंता, फैमिली की रिस्पांसिबिलिटीज और रिश्तों की परेशानियां कई बार इंसानों को इतना थका देती हैं कि वह रोजाना के कामों पर ध्यान ही नहीं दे पाता है। ऐसे में घर की सफाई रह जाती है। बाहर से दिखने पर ये बिखरा हुआ लग सकता है, लेकिन अंदर की कहानी कुछ और ही होती है।
ऐसे में इस बारे में जानने के लिए हमने डॉक्टर नीतू तिवारी (एमबीबीएस, एमडी साइकेट्रिस्ट सीनियर रेसिडेंट, NIIMS मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, ग्रेटर नोएडा) से बात की। आइए जानते हैं डॉक्टर ने क्या कहा-
हर बिखराव का मतलब आलस नहीं होता
बहुत से लोग यह मान लेते हैं कि जो इंसान अपना घर साफ नहीं रखता, वो कामचोर ही होगा, जबकि कई बार ऐसा बिल्कुल नहीं होता है। कुछ लोग अपने काम, पढ़ाई या जिम्मेदारियों में इतने उलझ जाते हैं कि सफाई जैसे कामों पर ध्यान ही नहीं जाता हे। ऐसे लोग घर को साफ तो रखना चाहते हैं, लेकिन उनके पास या तो समय नहीं होता या फिर वो मेंटली इतने थक जाते हैं कि उनमें एनर्जी ही नहीं बचती है।
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घर पर भी दिखता है स्ट्रेस का असर
जब कोई इंसान लंबे समय तक स्ट्रेस में रहता है, तो उसका असर उसकी रूटीन पर भी पड़ता है। जब आपका फोकस दूसरे जरूरी कामों पर ही होता है तो हम घर के कामों को बाद के लिए छोड़ देते हैं।
डिप्रेशन में छोटे काम भी लगते हैं मुश्किल
जो लोग डिप्रेशन का शिकार हो चुके होते हैं, उनके लिए कोई छोटा सा काम भी बड़ा मुश्किल भरा लगने लगता है। बिस्तर से उठना, खाना बनाना या कमरे को मैनेज्ड करना जैसी चीजें भी उनके लिए बड़ी चुनौती बन जाती हैं। इसका मतलब ये नहीं है कि वो सफाई नहीं करना चाहते हैं, बस उनके पास मेंटली और फिजिकली एनर्जी नहीं होती है। ऐसे में इसे आलस कहना गलत होगा।
ADHD वाले लोगों को भी हो सकती है परेशानी
कुछ लोग ADHD (अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर) जैसी कंडीशन से भी गुजर रहे होते हैं। ऐसे लोगों को किसी काम की प्लानिंग करना या उसे अच्छे से पूरा करना भी आफत लगता है। वे घर साफ करने का मन तो बनाते हैं, लेकिन शुरुआत कहां से करें, कौन-सा काम पहले करें और क्या बाद में करें, इसी में उलझे रहते हैं।
ज्यादा चिंता भी बन सकती है वजह
जिन लोगों को बहुत ज्यादा टेंशन रहती है, उनके लिए छोटे-छोटे फैसले लेना भी मुश्किल होता है। वो यह नहीं समझ पाते कि पहले कौन-सा कमरा साफ करें या कौन-सी चीजें हटाएं।
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कब लेनी चाहिए एक्सपर्ट की मदद?
अगर घर की सफाई न कर पाना केवल एक-दो दिन की बात नहीं है और इसके साथ-साथ आपको उदासी, थकान, टेंशन, नींद की कमी या रोजाना के कामों में लगातार दिक्कत लग रही है तो एक्सपर्ट से सलाह ले लेना चाहिए। क्योंकि समय रहते मदद लेने से आपकी परेशानियां दूर हो सकती हैं।
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Image Credit-gemini/freepik
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