आजकल की भागदौड़ से भरी जीवनशैली में पाचन से जुड़ी दिक्कतें काफी बढ़ गई हैं। काफी लोग गैस, एसिडिटी और कब्ज से परेशान हैं। पेट से जुड़ी परेशानियां पूरे शरीर पर असर डाल सकती हैं। ऐसे में सेहतमंद रहने के लिए पेट खुलकर साफ होना बहुत जरूरी है। जिन लोगों को अक्सर पेट में भारीपन महसूस होता है या गैस और बदहजमी बनी रहती है, उन्हें इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। पाचन से जुड़ी दिक्कतों को दूर करने में सही डाइट और योग मदद कर सकता है। यहां हम आपको दो ऐसे योगासनों के बारे में बता रहे हैं, जो पाचन से जुड़ी परेशानियों को कम कर सकते हैं। चलिए इस बारे में एक्सपर्ट से जानते हैं। इस बारे में आयुर्वेदिक डॉक्टर और हेल्थ एक्सपर्ट डॉक्टर दीक्षा भावसार जानकारी दे रही हैं।

पवनमुक्तासन (विंड रिलीविंग पोज)

  • यह आसन गैस, पेट फूलने और पाचन से जुड़ी बाकी दिक्कतों को दूर करता है।
  • इससे पेट पर दबाव पड़ता है और पेट में फंसी गैस बाहर निकल सकती है।
  • यह बाउल मूवमेंट को बेहतर बनाता बहै।
  • इससे ब्लोटिंग भी दूर होती है।
  • इसे करने के लिए योगा मैट पर पीठ के बल सीधे लेट जाएं।
  • दोनों पैरों को सीधा रखें और हाथ बॉडी से सटाकर रखें।
  • अब सांस छोड़ते हुए घुटनों को मोड़े।
  • घुटनों को मोड़कर छाती के पास लाएं।
  • पेट पर दबाव डालते हुए पैरों को छाती से सटाने की कोशिश करें।
  • सिर और गर्दन को हल्का उठाकर ठोड़ी को घुटने की ओर ले जाएं।
  • आसन के दौरान सांस रोकें नहीं और जोर लगाकर घुटनों को पेट पर न दबाएं।

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बद्ध कोणासन (तितली आसन)

  • इस आसन को करना बहुत आसान है और यह पाचन से जुड़ी दिक्कतों में रामबाण है।
  • इसे करने के लिए सुखासन में बैठ जाएं।
  • आपको पैरों को अंदर की तरफ मोड़ते हुए तलवों को एक-दूसरे से टच करवाना है।
  • तलवे एक-दूसरे से सटे हुए रहने चाहिए।
  • पैरों को ऐसे मोड़े कि पैर वजाइनल एरिया के पास रहें।
  • आपको एड़ियों को बिल्कुल सीधा रखना है।
  • पैरों के तलवों को एक-दूसरे से मिला लीजिए और कमर को एकदम सीधा रखें।
  • घुटनों को ऊपर-नीचे करें।
  • सांस छोड़ते समय घुटनों को ऊपर ले जाएं।
  • फिर सांस खीचते हुए घुटनों को नीचे लाएं।
  • इसे आप 10-15 बार रिपीट करें।
  • यह आसन पाचन संबंधी दिक्कतों को दूर करता है।
  • इससे पेट में फंसी गैस बाहर निकलती है और कब्ज दूर होती है।
  • यह पेल्विक एरिया में ब्लड फ्लो को बढ़ाता है, जिससे पाचन दुरुस्त होता है।
  • यह इनडाइजेशन और पेट की ऐंठन को कम कर सकता है।

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डाइजेशन से जुड़ी दिक्कतों को दूर करने में ये 2 योगासन मदद कर सकते हैं। हरजिंदगी के वेलनेस सेक्शन में हम इसी तरह अपने आर्टिकल्स के जरिए स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं के बारे में आप तक सही जानकारी पहुंचाने की कोशिश करते रहेंगे। अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।