बढ़ती महंगाई के इस दौर में अपनी आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए केवल बचत करना ही काफी नहीं है, बल्कि सुरक्षित और फायदेमंद निवेश के विकल्प का चुनाव भी बेहद जरूरी है। आजकल म्यूचुअल फंड में निवेश के कई विकल्प मौजूद हैं। नौकरीपेशा वर्ग के लिए इसका 'टॉप अप सिप' यानी सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान सबसे फायदेमंद और सुरक्षित माना जाता है। इस योजना में निवेश करने से पहले आपको किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, बता रहे हैं वित्तीय सलाहकार जितेंद्र सोलंकी:

क्या है सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान योजना?

निवेश का 'टॉप अप सिप' प्लान सामान्य सिप से थोड़ा अलग है। आमतौर पर सिप प्लान में एक निश्चित राशि मासिक, तिमाही, छमाही या वार्षिक अवधि में जमा की जाती है। टॉप अप सिप प्लान नौकरीपेशा लोगों के फायदे को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। मान लीजिए कोई व्यक्ति कहीं नौकरी करता है, तो कम से कम साल में एक बार उसके वेतन में वृद्धि जरूर होती है।

ऐसे में वह व्यक्ति अपने बढ़े हुए वेतन के एक हिस्से से सिप की किस्तें बढ़वा कर अपने मुनाफे में इजाफा कर सकता है। सिप के अंतर्गत दी जाने वाली इसी सुविधा को 'टॉप अप सिप प्लान' कहा जाता है। सामान्य सिप प्लान के फॉर्म में ही टॉप अप का विकल्प मौजूद होता है और इसका चुनाव करने के साथ ही व्यक्ति का टॉप अप सिप प्लान शुरू हो जाता है।

सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान से कैसे मिलेगा फायदा?

अगर कोई व्यक्ति अपने टॉप अप सिप में जमा की जाने वाली किस्तों में थोड़ी भी बढ़ोतरी करता है, तो स्वाभाविक रूप से उसका मुनाफा भी बढ़ जाता है। मिसाल के तौर पर, अगर कोई व्यक्ति सिप में हर महीने 5,000 रुपये जमा कर रहा है, तो लगभग 12 प्रतिशत के अनुमानित रिटर्न के हिसाब से 10 साल बाद उसे 24.23 लाख रुपये मिलेंगे। लेकिन टॉप अप सिप में अगर वही व्यक्ति हर साल अपने निवेश में 10 प्रतिशत की राशि बढ़ाता जाए, तो आने वाले 10 वर्षों में उसे लगभग 49.44 लाख रुपये मिलेंगे, जो सामान्य सिप की तुलना में लगभग दोगुनी रकम होगी। इस योजना के अंतर्गत हर साल केवल 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी से निवेशक का कुल फंड दोगुना हो सकता है। इसे आसानी से रोकने या बीच में कभी भी शुरू करने का विकल्प भी मौजूद रहता है।

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बाजार के उतार-चढ़ाव में भी फायदेमंद

सिप में निवेश का सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि बाजार की मंदी और तेजी, दोनों ही स्थितियों में आप निवेश जारी रख सकते हैं। अगर गिरावट की स्थिति में निवेश किया जाए, तब भी निवेशक को फायदा ही होता है, क्योंकि ऐसी स्थिति में आपकी खरीद की औसत लागत कम हो जाती है। इसलिए बाजार में चाहे तेजी हो या मंदी, सिप प्लान से निवेशक को हर हाल में लाभ ही मिलता है। यह मध्यमवर्गीय नौकरीपेशा लोगों के लिए निवेश का एक बेहतरीन विकल्प है।

ध्यान रखने योग्य कुछ जरूरी बातें

अतीत के प्रदर्शन की जांच: आमतौर पर म्यूचुअल फंड कंपनियां डेट और इक्विटी फंड में निवेश का विकल्प देती हैं, लेकिन किसी भी स्कीम का चयन करने से पहले उसके पिछले 5 वर्षों के प्रदर्शन का आकलन जरूर कर लें।

बजट और खर्चों का आकलन: सिप में निवेश शुरू करने से पहले अपने परिवार की जरूरतों और संभावित बड़े खर्चों का आकलन करें, उसके बाद ही निवेश की राशि निर्धारित करें।

बैंक इंस्ट्रक्शन और ईसीएस (ECS): ऐसे निवेश में हर महीने निर्धारित तिथि को तय रकम ईसीएस के जरिए सेविंग्स अकाउंट से कटकर निवेश खाते में जमा हो जाती है। अगर आपके प्लान में सालाना बढ़ोतरी की सुविधा है, तो अपने बैंक को इसकी सूचना अवश्य दें, ताकि ईसीएस के जरिए बढ़ी हुई राशि नियमित रूप से ट्रांसफर होती रहे।

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Images: magnific