बारिश का मौसम आते ही दीवारों का पेंट उखड़ने और सीलन की समस्या आम हो जाती है। नमी के कारण घर की दीवारों की खूबसूरती तो खराब होती ही है, साथ ही दीवारें कमजोर भी होने लगती हैं। अगर आपके घर में भी बारिश के दिनों में पुट्टी या पेंट झड़ने की समस्या आ रही है, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। आज के इस लेख में हम आपको कुछ ऐसे तरीकों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसकी मदद से आप इस परेशानी से छुटकारा पा सकती हैं। साथ ही दीवार पर हुई पुट्टी सालों-साल तक खराब नहीं होगी।
दीवार का पेंट उखड़ रहा है, तो क्या करें?
किसी भी समस्या के समाधान के लिए उसकी जड़ को खत्म करना जरूरी होता है? अगर आपके घर की दीवार का पेंट निकल रहा है, तो इसके लिए उस कारण को खत्म करें, जिसकी वजह से सीलन और नमी हो रही है। नीचे जानें-
1. खराब हुए हिस्से को साफ करें
बरसात के दिनों में पेंट उखड़ने पर तुरंत लीपापोती करने से बचें। सबसे पहले पपड़ी बनकर झड़ रहे पेंट और खराब पुट्टी को सैंडपेपर या खुरचनी की मदद से अच्छी तरह हटा दें। दीवार को पूरी तरह सूखा और साफ करना बेहद जरूरी है। अगर सतह पर थोड़ी भी नमी या धूल रह गई, तो नया पेंट भी कुछ ही दिनों में दोबारा उखड़ने लगेगा।
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2. वाटरप्रूफ प्राइमर का करें इस्तेमाल
दीवारों को अंदर से नमी से सुरक्षित रखने के लिए साधारण प्राइमर के बजाय हमेशा एंटी-डैम्प प्राइमर का चुनाव करें। यह प्राइमर दीवार की सतह पर मजबूत परत बनाता है, जो बारिश के पानी और सीलन को अंदर जाने से रोकता है। पुट्टी और पेंट लगाने से पहले प्राइमर की कम से कम दो कोट लगाना सही माना जाता है।
3. सामान्य की जगह चुनें वॉटरप्रूफ पुट्टी
अक्सर लोग सीलन वाली जगहों पर साधारण वॉल पुट्टी का इस्तेमाल कर देते हैं, जो नमी पाते ही दोबारा फूलकर झड़ने लगती है। इस समस्या से हमेशा के लिए छुटकारा पाने के लिए बाजार में मिलने वाली वॉटरप्रूफ पुट्टी करें। यह फॉर्मूलेशन नमी को रोकता है और दीवार की फिनिशिंग को सालों-साल तक बिल्कुल नया जैसा बनाए रखता है।
4. दीवारों पर करवाएं एंटी-फंगल और वेदर-शील्ड पेंट
घर की भीतरी और बाहरी दीवारों पर मौसम की मार से बचाने वाले पेंट्स का इस्तेमाल करें। बाहरी दीवारों के लिए 'वेदर-शील्ड' या 'एक्सटीरियर इमल्शन' पेंट बेहद फायदेमंद होते हैं, जो पानी को दीवार के अंदर नहीं घुसने देते। इसके अलावा, भीतरी दीवारों पर एंटी-फंगल पेंट लगवाने से नमी के कारण दीवारों पर बैक्टीरिया और फफूंद लगने की समस्या भी पूरी तरह से दूर हो जाती है।
5. सीलन के मूल कारण यानी लीकेज को करें ठीक
सिर्फ ऊपरी पेंट या पुट्टी ठीक करने से समस्या कुछ समय बाद फिर लौट सकती है। इसलिए जरूरी है कि आप सीलन के असल कारण जैसे छत का टपकना, बाथरूम की पाइपलाइन में लीकेज या खिड़कियों के पास से पानी के रिसने को पहचानें। वाटरप्रूफिंग कंपाउंड या सिलिकॉन सीलेंट की मदद से इन दरारों और छेदों को पूरी तरह बंद कर दें, तभी आपकी दीवारें हमेशा सुरक्षित रहेंगी।
बरसात में दीवार से पेंट क्यों उखड़ने लगता है?
हर साल अधिकतर लोग अपने की दीवारों को पेंट करवाते हैं, लेकिन बरसात होते ही सारी मेहनत और पैसा बर्बाद हो जाता है। समझ ही नहीं आता है कि सब कुछ सही कराने के बाद भी दीवार से पेंट क्यों निकल रहा है? अगर आपके मन में भी यह सवाल हैं, तो नीचे प्वाइंट समझें इस परेशानी का कारण-
- बारिश का पानी दीवारों में रिसने से अंदर की पुट्टी फूल जाती है।
- सही प्राइमर या वाटरप्रूफ कोट का इस्तेमाल न करना।
- पेंट कराने के बाद दीवार का सही से न सुखाना।
- पेंट कराने के तुरंत बाद बारिश का होना।
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इन तरीकों को आजमकार आप सीलन और नमी को खत्म कर सकती हैं। अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।
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