बदलते समय के साथ-साथ घरों के बाथरूम को लेकर लोगों की सोच में बहुत बदलाव आया है। आजकल लोग बेडरुम से ज्यादा बाथरूम के आराम और डिजाइन को प्राथमिकता दे रहे हैं। तकनीक को ध्यान में रखकर बाथरूम्स को और ज्यादा ट्रेंडी, डिजाइनर और आरामदायक बनाया जा रहा है। होम डेकोर एक्सपर्ट सोनिया जे बवेजा बता रही हैं ट्रेंडिंग बाथरूम की सुविधाएं...

बदल रहा है बाथरूम का लुक

आज के ग्राहक व्यक्तित्व के हिसाब से बाथरूम्स में कस्टम कैबिनेटरी, स्टेटमेंट लाइटिंग, बड़े आकार की टाइलें और हाई क्‍वालिटी वाली प्लंबिंग फिनिशिंग में निवेश करने से पीछे नहीं हटते हैं। रंगों के मामले में वे आजकल सफेद, मशरूम, बेज, मिट्टी का रंग, आसमानी नीला, टेराकोटा जैसे शांत, मीठे और प्राकृतिक रंगों की ओर अपना रुझान दिखा रहे हैं। इन दिनों छोटे टुकड़ों वाली टाइल्स के बदले बड़ी-बड़ी टाइल्स चुनी जा रही हैं, जिससे कमरा सीमलेस और बड़ा दिखे। नल, शावर सिस्टम, कैबिनेट हार्डवेयर से लेकर लाइटिंग तक, हर कहीं अलग-अलग रंगों के बजाय एक ही फिनिश का इस्तेमाल किया जा रहा है।

मिनी स्पा का लें मजा

आजकल बाथरूम ऐसे डिजाइन किए जा रहे हैं जैसे कोई महंगा स्पा पार्लर हो। ऐसे में आपको कहीं बाहर जाकर स्पा लेने की जरूरत नहीं महसूस होगी। आप चाहें तो ऐसे बाथरूम में अरोमा के साथ स्टीम बाथ ले सकते हैं।

गर्म धातु हो रहे लोकप्रिय

ठंडे क्रोम फिनिश वाली चीजें अब पीछे छूट रही हैं, क्योंकि गर्म धातुएं अधिक लोकप्रिय हो रही हैं। ब्रश किया हुआ पीतल, शैंपेन कांस्य और पालिश किए हुए निकल बाथरूम को कोमलता और गहराई प्रदान करते हैं। इनके साथ पेंट की हुई अलमारियां और प्राकृतिक पत्थर से बनी चीजें बहुत खूबसूरत लगती हैं।

वैनिटी और कस्टम कैबिनेट

आजकल बाथरूम को केवल उपयोगितावादी स्थान के बजाय घर के विस्तार के रूप में डिजाइन किया जा रहा है। स्टोरेज के लिए ऐसे वैनिटी डिजाइन किए जा रहे हैं जो दिखने में महंगे फर्नीचर जैसे लगते हैं। जिनमें सजावटी हार्डवेयर, कस्टम पेंट फिनिश और एकीकृत लिनेन स्टोरेज की सुविधा शामिल है।

शावर एनक्लोजर

गीले और सूखे क्षेत्र को अलग रखने के लिए ग्लास पार्टीशन या शावर एनक्लोजर लगाए जा रहे हैं ताकि पानी बाहर न निकलें। साथ ही बदबू रोकने वाली विशेष जालियां भी लगाई जा रही हैं। वहीं शावर एरिया के लिए भारी पर्दों की बजाय ट्रांसपेरेंट फ्रेमलेस ग्लास पैनल का चलन भी है।

स्मार्ट और सेंसर फिटिंग्स

पानी बचाने और स्वच्छता के लिए सेंसर वाले नल, आटोमैटिक साबुन डिस्पेंसर और स्मार्ट टायलेट लगाए जा रहे हैं। साथ ही आटोमेटिक गर्म -ठंडा पानी की सुविधा भी उपलब्ध है।

लेयर और सीओबी लाइटिंग

सफेद एलइडी बल्ब या पीली लाइटों की जगह फाल सीलिंग में वार्म व्हाइट सीओबी लाइट्स, लेयरिंग लाइट्स और मिरर के पास स्मार्ट एलइडी लाइट्स का उपयोग किया जा रहा है।

वाल स्‍पेस

दीवार के अंदर ही सामान रखने या सजावट के लिए स्पेस बनाए जा रहे हैं, जिनमें स्पॉटलाइट लगाई जाती है। ताकि तैयार होते वक्त आपको दिक्कत न हो। इसके साथ ही कुछ इंडोर प्लांट्स भी रखे जाते हैं।

एक्सपर्ट बताती हैं कि पहले घर बनाने या खरीदने से पहले लोग बेडरूम या हाल की फिनिशिंग पर ज्यादा ध्यान देते हैं, लेकिन आजकल उन्हें बाथरूम भी अपने मुताबिक कस्टमाइज्ड चाहिए। जहां न केवल नई तकनीकों वाली सुविधाएं हों बल्कि अगर आप कुछ देर बैठना चाहें तो बैठने के लिए आरामदायक जगह भी हो। इसलिए, वे खास तौर पर बाथरूम के डेकोर को अपने व्यक्तित्व के हिसाब से डिजाइन करवा रहे हैं, भले ही उसमें थोड़े पैसे ज्यादा क्यों न लग जाए।

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लेखक- सुमन अग्रवाल

Images: magnific & shutterstock