पुराने समय में अक्सर महिलाएं रसोई में स्टील के बर्तन इस्तेमाल करने की बजाय मिट्टी के बर्तनों का इस्तेमाल किया करती थीं। जहां आज प्रेशर कुकर, नॉन-स्टिक पैन और स्टेनलेस स्टील के बर्तनों का बोलबाला है, वहीं पहले के दौर में मिट्टी की कढ़ाई, हांडी और तवे का इस्तेमाल किया जाता था। कहा जाता है कि जो स्वाद मिट्टी की हांडी में पकी दाल का होता है, वह प्रेशर कुकर में कभी आ ही नहीं सकता। यहां बात सिर्फ स्वाद की नहीं, बल्कि सेहत की भी है। आधुनिक विज्ञान और आयुर्वेद दोनों के हिसाब से मिट्टी के बर्तन में पकी दाल-सब्जी सेहत के लिहाज से बहुत ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकती है। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से।

मिट्टी के बर्तनों में दाल पकाने के शानदार फायदे

मिट्टी के बर्तनों में खाना पकाने और दाल उबालने के कई स्वास्थ्य लाभ हो सकते हैं। मिट्टी के बर्तनों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इनमें खाना पकाने के लिए बहुत ही कम तेल या घी की आवश्यकता होती है। धीमी आंच पर जब दाल पकती है, तो यह अपने नेचुरल मॉइश्चर में तैयार होती है, जिससे शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल का स्तर नियंत्रित रहता है और दिल तंदुरुस्त रहता है।

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कब्ज जैसी परेशानियों से मिलेगी राहत 

प्रेशर कुकर में बनी दाल अक्सर पेट में भारीपन या गैस की समस्या पैदा कर सकती है, लेकिन मिट्टी के बर्तन में पकी दाल हल्की और पचाने में बेहद आसान होती है। यह आंतों की सेहत में सुधार करती है और कब्ज जैसी परेशानियों से बचाती है। मिट्टी के बर्तन में जब धीमी आंच पर दाल पकाई जाती है, तो उसमें एक प्राकृतिक सौंधापन घुल जाता है। दाल का अपना असली स्वाद और सुगंध पूरी तरह बरकरार रहती है, जिससे खाना बेहद स्वादिष्ट लगता है।

मिलेंगे नेचुरल मिनरल्स

मिट्टी खुद कई तरह के नेचुरल मिनरल्स से बनी होती है। जब हम इसमें दाल उबालते हैं, तो मिट्टी में मौजूद आयरन, जिंक, सल्फर और कैल्शियम जैसे जरूरी पोषक तत्व दाल में मिल जाते हैं, जो हमारे शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं।

मिट्टी के बर्तनों को इस्तेमाल करने का सही तरीका

अगर आप भी अपने घर पर मिट्टी के बर्तन में दाल या खाना बनाना चाहती हैं, तो इन जरूरी बातों का खास ध्यान रखें।

  • नए मिट्टी के बर्तन को पहली बार इस्तेमाल करने से पहले 8 से 10 घंटे के लिए पानी में भिगोकर जरूर रखें, ताकि उसकी मजबूती बनी रहे।
  • मिट्टी के बर्तन को धोने के लिए केमिकल वाले साबुन या लिक्विड का इस्तेमाल न करें। इसके बजाय आप गर्म पानी और नींबू का इस्तेमाल कर सकती हैं।
  • मिट्टी के बर्तन को कभी भी तेज आंच पर सीधे गैस पर नहीं रखना चाहिए। धीमी या मध्यम आंच पर ही खाना पकाएं, ताकि बर्तन चटके नहीं।
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निष्कर्ष: पुराने जमाने में अक्सर लोग मिट्टी के बर्तनों में ही खाना पकाना पसंद करते थे। ऐसे में अगर आप भी स्वादिष्ट खाना खाने के साथ-साथ अपनी सेहत को स्वस्थ रखना चाहती हैं, तो मिट्टी के बर्तन में दाल पकाने के ये बेहतरीन फायदे और तरीके आपके बहुत काम आएंगे।