एक समय था जब भारतीय घरों में चाय का मतलब सिर्फ दूध, चायपत्ती, चीन और मसालों से बनी गर्मागर्म मसाला चाय से होता था। यही चाय दिन की शुरुआत का हिस्सा होती थी, दोपहर की थकान मिटाती थी और परिवार व दोस्तों के साथ बातचीत का बहाना भी बनती थी। अब चाय पीने की आदतें बदल रही हैं। लोग हेल्‍थ के प्रति ज्‍यादा जागरूक हो रहे हैं, डाइट पर ध्यान दे रहे हैं और सोच-समझकर ड्रिंक्‍स चुन रहे हैं। ऐसे में अब भारतीय रसोई में ग्रीन टी, हर्बल टी और अलग-अलग तरह के टी ब्लेंड्स भी अपनी जगह बना चुके हैं।

यह बदलाव इस बात का संकेत है कि आज लोग चाय को सिर्फ स्वाद या परंपरा के नजरिए से नहीं देखते, बल्कि इससे मिलने वाले फायदों को भी ध्‍यान में रखते हैं। कोई चाय एनर्जी के लिए, कोई सुकून के लिए, कोई स्वाद के लिए और कोई सुविधा के लिए चुनता है। ऐसे में सवाल यह नहीं है कि कौन-सी चाय सबसे अच्छी है, बल्कि यह है कि ग्रीन टी, हर्बल टी या मसाला चाय में से कौन-सी चाय आपकी लाइफस्‍टाइल के लिए बेस्‍ट है। इसकी जानकारी Cherise इंडिया की फाउंडर श्री परिमल शाह ने शेयर की है।

ग्रीन टी: हल्केपन का एहसास

ग्रीन टी और ब्‍लैक टी दोनों कैमेलिया साइनेंसिस पौधे से बनती हैं, लेकिन दोनों की प्रोसेसिंग अलग होती है। इसी वजह से ग्रीन टी का स्‍वाद हल्‍का होता है। इसे बिना दूध और कम समय तक उबालकर बनाया जाता है, ताकि इसका स्‍वाद कड़वा न हो।

तेजी से भागती जिंदगी,‍ ऑफिस के बिजी शेड्यूल और हल्‍का पसंद करने वाले लोगों के बीच ग्रीन टी तेजी से फेमस हुई है। इसका हल्‍का और थोड़ा कसैला स्‍वाद मसाला चाय से बिल्‍कुल अलग होता है। फिटनेस, माइंडफुल लिविंग और कम चीनी वाले विकल्‍प अपनाने वाले लोग अक्‍सर ग्रीन टी को अपने रूटीन का हिस्‍सा बनाते हैं।

हर्बल टी: सुकून देने वाला विकल्प

हर्बल टी पारंपरिक चाय की पत्तियों से नहीं, बल्कि जड़ी-बूटियों, फूलों, जड़ों और मसालों से तैयार की जाती है। अब कैमोमाइल, पुदीना, हिबिस्‍कस, अदरक, तुलसी जैसी चीजों से बनने वाली हर्बल टी सिर्फ वेलनेस का हिस्‍सा नहीं रही, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी में भी जगह बना रही है।

एक्‍सपर्ट का मानना है कि हर्बल टी ऐसे लोगों को पसंद आती है, जो बिना कैफीन वाली टेस्‍टी चाय पीना चाहते हैं। साथ ही यह उन लोगों के लिए भी है, जो दिनभर की भागदौड़ के बाद सुकून चाहते हैं। इसे अक्सर शाम के समय या आराम के पलों में पीना पसंद किया जाता है।

मसाला चाय: स्वाद और परंपरा का संगम

आज भी मसाला चाय भारतीय घरों की सबसे लोकप्रिय चाय है। कैमेलिया साइनेंसिस से बनने वाली ब्लैक टी, दूध, चीनी और अलग-अलग मसालों के मिश्रण से तैयार होने वाली यह चाय सिर्फ एक ड्रिंक नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और मेहमाननवाजी का प्रतीक भी है।

कई लोगों के लिए सुबह की शुरुआत मसाला चाय के बिना अधूरी लगती है। उबलती चाय की खुशबू और मसालों की महक आज भी घरों में अपनापन और गर्मजोशी का एहसास दिलाती है। एक्‍सपर्ट का कहना है कि भले ही लोग ग्रीन टी, हर्बल टी और इंस्टेंट प्रीमिक्स बेवरेज जैसे नए विकल्प अपना रहे हों, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वे मसाला चाय से दूर हो रहे हैं। वे सिर्फ अलग-अलग अवसरों के लिए अलग-अलग चाय चुन रहे हैं।

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रूटीन के अनुसार चुनें सही चाय

अगर देखा जाए तो सबसे अच्‍छी चाय वही है, जो आपकी जरूरत और लाइफस्‍टाइल के अनुरूप हो। बिजी लाइफस्‍टाइल वाले लोग हल्‍के और सुविधाजनक विकल्‍प के रूप में ग्रीन टी पसंद कर सकते हैं। आज यह इंस्टेंट पाउडर-बेस्ड बेवरेज के रूप में भी उपलब्ध है, जो आधुनिक लाइफस्‍टाइल के लिए काफी सुविधाजनक है।

जो लोग तनाव कम करना चाहते हैं या शाम के समय बिना कैफीन वाला चाय पीना पसंद करते हैं, उनके लिए हर्बल टी सबसे अच्‍छा विकल्‍प हो सकती है। वहीं, पारंपरिक स्वाद और रोजमर्रा की आदतों को पसंद करने वाले लोगों के लिए मसाला चाय आज भी पहली पसंद बनी हुई है।

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कोई एक चाय सभी के लिए सबसे अच्‍छी नहीं हो सकती है। ग्रीन टी, हर्बल टी और मसाला चाय, इन तीनों की अपनी अलग भूमिका और उपयोगिता है। सही वही है, जो आपकी पसंद, रूटीन और लाइफस्‍टाइल के साथ सही तालमेल बैठाए।

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Image Credit: magnific