हमारे यहां भारत में ज्यादातर लोगों को स्पाइसी फूड पसंद है। जब हम कुकिंग करते हैं, तो कई तरह के मसालों का यूज होता है। ऐसे में खाने का स्वाद तो बढ़ता ही है, साथ ही तीखापन भी आता है। हालांकि, हर किसी को स्पाइसी फूड पसंद नहीं होता है, लेकिन क्या आपने कभी ऐसा सुना है कि तीखा खाना आपकी उम्र भी बढ़ा सकता है?

दरअसल, बीते सालों में इस पर रिसर्च की गई है। इसमें मसालेदार खाने और लंबी उम्र के बीच एक दिलचस्प कनेक्शन देखा गया। हालांकि, वैज्ञानिकों का कहना है कि इस पर अभी और रिसर्च की जरूरत है। आइए जानते हैं कि रिसर्च क्या कहती है और स्पाइसी फूड को लेकर क्या राय है?

रिसर्च में क्या सामने आया?

साल 2015 में ब्रिटिश मेडिकल जर्नल (BMJ) में प्रकाशित एक रिसर्च की रिपोर्ट में बताया गया है कि चीन के 5 लाख से ज्यादा लोगों की हेल्थ पर नजर रखी गई थी। इस दौरान शोधकर्ताओं ने कई साल तक उन पर स्टडी की। रिसर्च में पाया गया कि जो लोग हफ्ते में 6 से 7 दिन मसालेदार खाना खाते थे, उनमें मौत का खतरा उन लोगों की तुलना में कम था जो हफ्ते में एक बार या उससे भी कम तीखा भोजन खाते थे।

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अध्ययन के अनुसार यह अंतर करीब 14 प्रतिशत तक देखा गया। रिसर्च में यह भी पाया गया कि मसालेदार खाना खाने वालों में हार्ट डिजीज, कुछ तरह के कैंसर और लंग्स से जुड़ी समस्याओं के कारण मौत का खतरा कम देखा गया।

अमेरिका की रिसर्च ने भी दिए ऐसे ही संकेत

चीन की रिसर्च के दो साल बाद अमेरिका में भी एक स्टडी की गई। वहां भी वैज्ञानिकों ने पाया कि जो लोग नियमित रूप से लाल मिर्च को अपनी डाइट का हिस्सा बनाते थे, उनमें मौत का खतरा बाकी लोगों की तुलना में कम था। स्टडी में यह अंतर लगभग 13 प्रतिशत तक था। हालांकि, इस पर वैज्ञानिकों ने साफ कहा है कि यह केवल एक कनेक्शन दिखाता है। इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि लंबी उम्र का कारण सिर्फ लाल तीखा मिर्च खाना ही हो।

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मिर्च में ऐसा क्या होता है?

आपको बता दें कि मिर्च में कैप्साइसिन नाम का एक्टिव एलिमेंट पाया जाता है, जिससे यह तीखा बनता है। यही तत्व हमारे शरीर में कुछ खास रिसेप्टर्स पर असर डालता है, जो गर्मी और तीखेपन को महसूस करते हैं। इसी एलिमेंट से हेल्थ पर पॉजिटिव असर पड़ता है।

 

दिल की सेहत को हो सकता है फायदा

कुछ रिसर्च में पाया गया कि कैप्साइसिन शरीर में अच्छे कोलेस्ट्रॉल यानी HDL के लेवल को बढ़ा सकता है। इसके अलावा कुछ लोग तीखा खाना खाने पर नमक कम इस्तेमाल करते हैं, जिससे ब्लड प्रेशर को कंट्रोल रखने में मदद मिल सकती है। हालांकि, यह फायदा आपकी लाइफस्टाइल और खानपान की आदतों पर भी निर्भर करती है।

पेट के लिए हमेशा नुकसानदायक नहीं

आमतौर पर लोगों को लगता है कि तीखा खाना खाने से पेट को नुकसान पहुंच सकता है, लेकिन रिसर्च के मुताबिक, कैप्साइसिन पेट को नुकसान नहीं पहुंचाता है। हालांकि जिन लोगों को पहले से एसिडिटी, गैस या कुछ डाइजेशन से जुड़ी समस्याएं हैं, उन्हें तीखा खाना खाने पर परेशानी हो सकती है।

क्‍या कहते हैं एक्‍सपर्ट?

इस र‍िसर्च में जो बताया गया, उस पर पुष्‍ट‍ि करने के ल‍िए हमने आकाश हेल्थकेयर के गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, हेपेटोलॉजी एवं थेराप्यूटिक एंडोस्कोपी विभाग के सीनियर कंसल्टेंट और डायरेक्टर डॉक्टर शरद मल्होत्रा से भी बात की। उन्‍हाेंने बताया क‍ि स्‍पाइसी फूड और लंबी उम्र के बीच संबंध को लेकर कुछ र‍िसर्च से सकारात्मक संकेत जरूर मिले हैं, लेकिन यह कहना सही नहीं होगा कि केवल तीखा खाना खाने से उम्र बढ़ती है।

मिर्च में मौजूद कैप्साइसिन में एंटी-इंफ्लेमेटरी और मेटाबॉलिज्म से जुड़े कुछ फायदे देखे गए हैं, लेकिन किसी की लंबी उम्र कई चीजों पर निर्भर करती है, जैसे हेल्‍दी डाइट, नियमित रूप से एक्‍सरसाइज करना, अच्‍छी नींद, तनाव का लेवल और जेनेट‍िक कारण। कुछ लोगों में सीमित मात्रा में स्‍पाईसी फूड खाने से से‍हत को फायदे म‍िल सकते हैं।

हालांकि, जिन लोगों को एसिडिटी, गैस्ट्रो-इसोफेजियल रिफ्लक्स, गैस्ट्राइटिस, इरिटेबल बाउल सिंड्रोम या दूसरी डाइजेशन से जुड़ी समस्याएं हैं, उनमें ज्यादा तीखा भोजन लक्षणों को बढ़ा सकता है। इसलिए केवल लंबी उम्र की उम्मीद में ज्‍यादा मि‍र्च मसाला खाना सही नहीं है।

तो क्या ज्यादा तीखा खाना शुरू कर देना चाहिए?

अगर आपको पहले से स्पाइसी फूड खाना पसंद है तो आप सीमित मात्रा में खा सकती हैं, लेकिन सिर्फ लंबी उम्र के लिए तीखा खाना शुरू करना सही नहीं माना जाता है।

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Source-

https://pmc.ncbi.nlm.nih.gov/articles/PMC12101015/

https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/26242395/

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